साउथ एशियन देशों के साथ चीन की कोविड डिप्लोमेसी, भारत ने ठुकराया चीन का ऑफर
कोरोना वायरस को लेकर भारत ने चीन द्वारा रखी गई साउथ एशियाई देशों की मीटिंग में शामिल होने से इनकार कर दिया। इस बैठक में पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश शामिल हुए।
नई दिल्ली/बीजिंग, अप्रैल 29: भारत ने चीन की कोविड डिप्लोमेसी में शामिल होने से इनकार कर दिया। कोविड पीड़ित देशों को मदद के नाम पर अपनी डिप्लोमेसी की नींव बनाने में लगे चीन को भारत ने बड़ा झटका दिया है। भारत ने चीन के ऑफर को ठुकराते हुए बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया। चीन ने इस बैठक का आयोजन किया था, जिसमें पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान और नेपाल ने हिस्सा लिया। चीन ने भारत को इस बैठक में शामिल होने का न्योता दिया था, लेकिन भारत ने बैठक में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया।

चीन का ऑफर ठुकराया
चीन ने मंगलवार को साउथ एशियाई देशों के लिए बैठक का आयोजन किया था, जिसमें भारत के सभी पड़ोसी देशों ने हिस्सा लिया था, लेकिन भारत ने बैठक में शामिल होने का चीन का ऑफर ठुकरा दिया। भारत में चीन के राजदूत सुन वेईदोंग ने बुधवार को कहा कि चीन ने बैठक में शामिल होने के लिए भारत को भी न्योता दिया था, जिसे चीन ने साउथ एशियन देशों के लिए आयोजन किया था। लेकिन, बैठक में भारत ने हिस्सा नहीं लिया। वहीं, भारत के आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि भारत ने चीन के ऑफर पर ध्यान नहीं दिया क्योंकि भारत का मानना है कि भारत खुद अपने पड़ोसी देशों से बातचीत करने के लिए समर्थ है। भारत ने पिछले साल सार्क देशों के लिए वर्चुअली कई बैठकों का आयोजन किया था जिसमें कोरोना संक्रमण के लिए 'जानकारी, क्षमता, अनुभव और कैसे काम किया जाए' इसको लेकर बातचीत हुई थी।

चीन से मदद नहीं
इस वक्त जब भारत कोरोना संक्रमण के दूसरे लहर से बुरी तरह जूझ रहा है, उस वक्त भी भारत ने आधिकारिक तौर पर चीन से कोई मदद नहीं मांगा है। भारत लगातार प्राइवेट सेक्टर की मदद से कोरोना संक्रमण को काबू में करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, भारत सरकार के अधिकारियों ने लगातार चीन से मदद का ऑफर मिलने पर प्रतिक्रिया नहीं दिया। वहीं, भारत में चीन के राजदूत सुन वेईदोंग ने ट्वीट करते हुए कहा कि चीन भारत की कंपनियों को कोरोना संक्रमण के दौरान मदद करने के लिए तैयार है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि 'चीन के मेडिकल सप्लायर्स भारत से मिले ऑर्डर्स को पूरा करने के लिए ओवरटाइम काम कर रहे हैं, पिछले कुछ दिनों में भारत ने चीनी कंपनियों को 25 हजार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर्स का ऑर्डर दिया है, भारत तक मेडिकल सप्लाई पहुंचाने के लिए कार्गेो प्लेन भी तैयार हैं।'

भारत की मजबूरी का फायदा
ये कोई पहली बार नहीं है जब सार्क देशों के साथ चीन ने बैठक किया हो। इससे पहले भी चीन ने कई बार बैठक का आयोजन किया था। दरअसल, भारत में कोरोना ग्राफ काफी तेजी से बढ़ा है, जिसकी वजह से भारत ने इस वक्त वैक्सीन एक्सपोर्ट करने पर पाबंदी लगा दी है, जिसका असर भारत के पड़ोसी देशों पर भी पड़ा है। भारत से वैक्सीन मिलना बंद होने के बाद श्रीलंका और नेपाल ने चीनी वैक्सीन की तरफ रूख किया है। वहीं, बांग्लादेश सरकार ने भी भारत से वैक्सीन सप्लाई बंद होने के बाद चीन और रूस से वैक्सीन लेने पर मजबूर हो गया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्री एके अब्दुल मोमेन ने कहा कि 'ढाका ने चीन से वैक्सीन देने की गुजारिश की है, जिसपर चीन की तरफ से हमें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।' वहीं, पाकिस्तान ने भी भारत को मदद करने का ऑफर दिया है, लेकिन पाकिस्तान से भारत मदद ले या ना ले, इसको लेकर भारतीय अधिकारियों ने फिलहाल कुछ नहीं कहा है।












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