संकट के समय श्रीलंका को मदद, पूर्व मंत्री बोले, भारत हमारा 'बिग ब्रदर'
श्रीलंका की खराब आर्थिक स्थिति को पटरी पर लाने के लिए भारत अपने पड़ोसी देश को हर संभव मदद देने का प्रयास कर रहा है। बता दें कि, श्रीलंका अब दिवालिया हो चुका है। वह विदेशी कर्ज चुकाने में असमर्थ है।
कोलंबो, 23 मई : श्रीलंका के पूर्व कैबिनेट मंत्री नमल राजपक्षे ने सोमवार को श्रीलंका को दो अरब रुपये की मानवीय सहायता और आवश्यक वस्तुएं मुहैया कराए जाने को लेकर भारत का आभार जताया है। पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के बेटे नमल राजपक्षे ने ट्वीट कर बताया कि, भारत हमेशा श्रीलंका की सहायता की है। उसकी भूमिका बिग ब्रदर की है। हम भारत को कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन का आभार जताया और आगे कहा कि, वे भारत के लोगों के आभारी हैं। भारत हमारे लिए बड़ा भाई और एक अच्छे दोस्त की तरह है। हम भारत को कभी नहीं भूल पाएंगे।

बता दें कि, श्रीलंका में आर्थिक हालात काफी खराब हैं. रानिल विक्रमसिंघे के रूप में देश को नया प्रधानमंत्री भी मिल चुका है, लेकिन उसके बाद भी श्रीलंका अपना कर्ज चुकाने की क्षमता नहीं रखता है. ऐसे में भारत की ओर से श्रीलंका को लगातार खाद्य पदार्थ, दवा, दूध समेत कई सामान भेजा जा रहा है।
दो अरब रुपये की मानवीय सहायता
भारत ने करीब दो अरब रुपये की मानवीय सहायता श्रीलंका को दी है। इसमें दूध पाउडर, चावल और दवाओं समेत कई जरूरी चीजें शामिल हैं. बता दें कि, श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने ट्वीट कर भारत सरकार का आभार जताया है। श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, श्रीलंका को आज भारत की ओर से दूध पाउडर, चावल और दवाओं समेत दो अरब मूल्य की मानवीय सहायता मिली है. इसके लिए मैं भारत की जनता, विशेष रूप से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के समर्थन की सराहना करता हूं।
भारत कर रहा श्रीलंका की मदद
वर्तमान कन्साइनमेंट में भारत की तरफ से श्रीलंका को 9000 मीट्रिक टन चावल, 200 MT मिल्क पाउडर और 24 MT जरूरी दवाइयां भेजी गई हैं. ये भी जानकारी दी गई थी कि भारत सरकार ने श्रीलंका को करीब 45 करोड़ रुपये की ये राहत सामग्री भेजी है. इससे पहले भी हिंदुस्तान की तरफ से श्रीलंका को मदद की गई है. श्रीलंका की सरकार ने भी समय-समय पर भारत की मदद के लिए शुक्रिया अदा किया है. भारत की तरफ से भी लगातार श्रीलंका का हौसला बढ़ाया जा रहा है. इंडियन मिशन ने अपने बयान में कहा था कि भारत के लोग लगातार श्रीलंका के साथ खड़े हैं.
व्यापारिक लेनदेन रुपये में
भारत वर्तमान स्थिति को देखते हुए श्रीलंका को आर्थिक सहायता पहुचाने का प्रयास कर रहा है. इसी वजह से हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने श्रीलंका के साथ व्यापारिक लेनदेन को रुपये में करने की बात कही थी। इस समय श्रीलंका निर्यातकों का भुगतान नहीं कर पा रहा है। ऐसी स्थिति में भारत श्रीलंका को हरसंभव मदद देने को तैयार है।
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