श्रीलंका के पीएम रानिल विक्रमसिंघे, भारत के इस CM की तारीफ क्यों कर रहे हैं?
चेन्नई से दवा, दूध और खाद्य पदार्थों युक्त एक ताजा खेप रविवार को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो पहुंची। श्रीलंका के पीएम रानिल विक्रमसिंघे ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के साथ-साथ भारत के लोगों को धन्यवाद दिया।
कोलंबो, 22 मईः श्रीलंका बीते 70 सालों में सबसे खराब हालातों से जूझ रहा है। देश में आर्थिक हालात बदतर हो चुके हैं। तेल, दवा, अनाज सहित आवश्यक वस्तुओं का अकाल पड़ गया है। पूरे देश में महंगाई चरम पर है इस सबके बीच श्रीलंका के लिए राहत भरी खबर है। चेन्नई से दवा, दूध और खाद्य पदार्थों युक्त एक ताजा खेप रविवार को श्रीलंका की राजधानी कोलंबो पहुंची है। इसके लिए श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के साथ-साथ भारत के लोगों को धन्यवाद दिया।

सीएम स्टालिन ने हरी झंडी दिखा किया रवाना
श्रीलंका के प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने कहा कि 2 अरब रुपये मूल्य की इस मानवीय सहायता के लिए हम तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और भारत की जनता का शुक्रिया अदा करते हैं। भारत द्वारा दी गई इस मदद के प्रति हम कृतज्ञ हैं। इससे पहले चेन्नई से दवा, चावल और दूध सहित खाद्य पदार्थों के एक खेप को तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।

1 मई को विधानसभा में प्रस्ताव पारित
भारत का यह पड़ोसी देश दक्षिणी राज्य तमिलनाडु से पाक जलडमरूमध्य द्वारा अलग है। श्रीलंका 1948 के बाद से अपने सबसे खराब आर्थिक संकट से जूझ रहा है। ऐसे में भारत ने अपने पड़ोसी देश को पहले नीति के तहत भोजन और दवाओं की कमी को दूर करने के लिए सहायता प्रदान किया है। इससे पहले बीते 1 मई को तमिलनाडु विधानसभा में एक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसमें गहरे आर्थिक संकट से गुजर रहे पड़ोसी देश श्रीलंका को तत्काल खाद्य और दवा सहित जरूरी चीजें भेजने की अपील की गई थी।

भाजपा ने भी किया फैसले का स्वागत
स्टालिन की ओर से भेजे एक इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया। विपक्षी अन्नाद्रमुक पार्टी और भाजपा ने भी इसका समर्थन किया। राज्य सरकार ने श्रीलंका की मदद के लिए 40 हजार टन चावल, 137 प्रकार की जीवन रक्षक दवाएं और 500 टन दूध उपलब्ध कराने का फैसला किया। सरकार के इस फैसले का भाजपा ने भी दिल खोलकर स्वागत किया। सरकार के इस फैसले के अलावा अन्नाद्रमुक के उपनेता पन्नीरसेलवम ने श्रीलंकाई तमिलों की सहायता के लिए 50 लाख रुपये देने का ऐलान किया था।

जापान भी करेगा श्रीलंका की मदद
भारत की तरह जापान भी श्रीलंका को आर्थिक मदद पहुंचाने में जुट गया है। जापान ने आवश्यक खाद्य सामग्री और स्कूल भोजन कार्यक्रम के लिए विश्व खाद्य कार्यक्रम के तहत श्रीलंका को 1.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की मदद की घोषणा की है। इसके द्वारा जापान सरकार श्रीलंका में लगभग 15,000 शहरी और ग्रामीण लोगों और 380,000 स्कूली बच्चों के लिए तीन महीने की आवश्यक खाद्य आपूर्ति प्रदान करेगी।












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