Teesta River Row: चीन को चिकन नेक पर लाया बांग्लादेश, तीस्ता नदी पर कर ली बड़ी डील! भारत की बढे़गी टेंशन?

Teesta River Controversy: भारत और बांग्लादेश के बीच कई सालों से तीस्ता नदी के पानी को लेकर विवाद चल रहा है। लेकिन अब यह मामला सिर्फ पानी तक सीमित नहीं है। बांग्लादेश ने तीस्ता नदी प्रोजेक्ट में चीन को शामिल करने का फैसला लिया है। इसके बाद यह विवाद अब सुरक्षा और रणनीति से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन गया है। बांग्लादेश का कहना है कि यह प्रोजेक्ट खेती, सिंचाई और बाढ़ की समस्या से निपटने के लिए जरूरी है। वहीं भारत को डर है कि इस बहाने चीन उसकी सीमा के बेहद करीब अपनी मौजूदगी बढ़ा सकता है।

क्या है तीस्ता नदी प्रोजेक्ट?

बांग्लादेश में तीस्ता नदी में पानी की कमी, ज्यादा गाद और हर साल आने वाली बाढ़ बड़ी समस्या है। इन्हें दूर करने के लिए उसने करीब 98 करोड़ डॉलर की लागत वाली तीस्ता रिवर कॉम्प्रिहेंसिव मैनेजमेंट एंड रिस्टोरेशन प्रोजेक्ट (TRCMRP) बनाई है। इस प्रोजेक्ट के लिए बांग्लादेश ने चीन से करीब 72.5 करोड़ डॉलर की आर्थिक मदद मांगी। साल 2016 में दोनों देशों के बीच इस पर शुरुआती सहमति भी बन गई थी। बाद में चीन ने इसे अपने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) से जोड़ने की कोशिश की, जिससे भारत की चिंता और बढ़ गई।

Teesta River Controversy

2025 में चीन की भूमिका और बढ़ गई

मार्च 2025 में बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस चीन गए थे। इस दौरान जारी साझा बयान में बांग्लादेश ने पहली बार खुलकर कहा कि वह इस प्रोजेक्ट में चीनी तकनीक और निवेश का स्वागत करता है। इससे साफ हो गया कि चीन अब इस प्रोजेक्ट में बड़ी भूमिका निभाने वाला है।

भूकंप नहीं Seismic Doublet ने मचाई Venezuela में तबाही, क्या है ये और कितना होता है खतरनाक? Explained
भूकंप नहीं Seismic Doublet ने मचाई Venezuela में तबाही, क्या है ये और कितना होता है खतरनाक? Explained

भारत क्यों कर रहा है विरोध?

भारत की सबसे बड़ी चिंता इस प्रोजेक्ट की लोकेशन है। यह प्रोजेक्ट सिलीगुड़ी कॉरिडोर से 100 किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। इस इलाके को 'चिकन नेक' कहा जाता है। यह भारत का बहुत अहम इलाका है क्योंकि यही रास्ता देश के पूर्वोत्तर राज्यों को बाकी भारत से जोड़ता है। अगर इस इलाके के पास चीन लंबे समय तक काम करता है, तो भारत को सुरक्षा का खतरा महसूस होता है।

भारत को किस बात का डर है?

भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि विकास प्रोजेक्ट के नाम पर चीन इस इलाके की जानकारी जुटा सकता है या निगरानी कर सकता है। इसी वजह से भारत पहले भी बांग्लादेश से इस प्रोजेक्ट में चीनी कंपनियों को शामिल नहीं करने की अपील कर चुका है। भारत के लिए यह सिर्फ नदी या पानी का मामला नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का भी सवाल है।

पानी का विवाद आखिर है क्या?

बांग्लादेश का कहना है कि गर्मियों और सूखे के मौसम में उसे तीस्ता नदी से पर्याप्त पानी नहीं मिलता। उसके उत्तरी इलाकों की खेती काफी हद तक इसी नदी पर निर्भर है। बांग्लादेश के मुताबिक, उसे खेती के लिए कम से कम 5,000 क्यूसेक पानी चाहिए। लेकिन भारत में बने बैराजों की वजह से कई बार उसके हिस्से में सिर्फ 200 से 300 क्यूसेक पानी ही पहुंचता है। इससे वहां खेती और लोगों की जिंदगी पर असर पड़ता है।

Venezuela की मदद के लिए भारत ने चलाया ऑपरेशन 'अमिस्ताद', क्या है इसका मतलब और क्या-क्या भेजा भारत ने?
Venezuela की मदद के लिए भारत ने चलाया ऑपरेशन 'अमिस्ताद', क्या है इसका मतलब और क्या-क्या भेजा भारत ने?

2011 में क्यों नहीं हो पाया समझौता?

साल 2011 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बांग्लादेश दौरे के दौरान तीस्ता जल समझौता होने की उम्मीद थी। लेकिन पश्चिम बंगाल की तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध के कारण यह समझौता नहीं हो पाया। तभी से यह मामला अटका हुआ है।

बांग्लादेश के सामने मुश्किल बढ़ी

अब चीन के इस प्रोजेक्ट में आने के बाद बांग्लादेश के लिए भारत और चीन के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होगा। एक तरफ उसे अपने किसानों, सिंचाई और बाढ़ से राहत के लिए इस प्रोजेक्ट की जरूरत है। दूसरी तरफ भारत के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखना भी उसके लिए उतना ही जरूरी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब भविष्य में तीस्ता नदी को लेकर भारत और बांग्लादेश के बीच होने वाली बातचीत पर चीन का असर भी देखने को मिल सकता है।

दक्षिण एशिया की राजनीति पर पड़ेगा असर

आज तीस्ता नदी सिर्फ पानी की नदी नहीं रह गई है। यह अब भारत, बांग्लादेश और चीन के बीच रणनीतिक और कूटनीतिक मुकाबले का अहम मुद्दा बन चुकी है। आने वाले समय में इस प्रोजेक्ट पर लिए जाने वाले फैसले पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा, राजनीति और दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए इस पूरे मामले पर दुनिया के रणनीतिक विशेषज्ञ भी करीबी नजर बनाए हुए हैं।

Air India Crash: Air India kanishk क्रैश में था खालिस्तानियों का हाथ, कनाडा कबूली सच्चाई, क्या है पूरा मामला?
Air India Crash: Air India kanishk क्रैश में था खालिस्तानियों का हाथ, कनाडा कबूली सच्चाई, क्या है पूरा मामला?

इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+