14 साल की बेटी के हत्यारे पिता को मिली सिर्फ 9 साल कैद, मां ने मांगी थी उम्रकैद की सजा
नई दिल्ली। ईरान में एक शख्स को अपनी ही बेटी की हत्या का दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने उसे सिर्फ नौ साल जेल की सजा सुनाई है। जबकि बेटी के लिए इंसाफ की लड़ाई ने दोषी के लिए कोर्ट से उम्रकैद की सजा की मांग की थी। ईरान की अदालत के इस हैरान करने वाले फैसले से हर कोई हैरान है, सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल होने के बाद देशभर से लोग इस जजमेंट की आलोचना कर रहे हैं।

हत्यारे पिता को सिर्फ 9 साल की कैद
बता दें कि यह मामला रोमिना अशरफी के हॉनर किलिंग का है जिसके इसी साल मई के अंत में उसके पिता ने हत्या कर दी थी। इस घटना से सोशल मीडिया पर काफी बवाल मचा था, लोगों ने दोषी पिता और ईरान के कानून की काफी आलोचना भी की थी। अब इस मामले में कोर्ट का फैसला आया है जिसने एक बार फिर सोशल मीडिया पर सनसनी फैला दी है।

प्यार की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी
दरअसल, ईरान के गिलान प्रांत में रहने वाली 14 साल की रोमिना अशरफी को अपने 34 साल के बॉयफ्रेंड से प्यार की कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। यह जोड़ा शादी करना चाहता था जिसे पिता की सहमती नहीं मिली, इसके बाद रोमिना अशरफी अपने प्रेमी के साथ घर से फरार हो गईं। इस बीच पिता की शिकायत पर पुलिस ने जोड़े को पकड़ लिया और रोमिना को उनके घर पहुंचा दिया।

पुलिस को बताया था, हत्या हो सकती है
पकड़े जाने पर रोमिना ने पुलिस को बताया था कि घर पर उनकी जान को खतरा है, उन्हें वहां ना भेजा जाए। पुलिस ने रोमिना की बात नहीं मानी और उन्हें पिता के हवाले कर दिया। घर पर जब रोमिना अपने बेडरूम में सोई हुई थी तब उसके पिता ने दरांती से उसकी गर्दन काट दी और बाद में अपना जुर्म भी कबूल कर लिया। अब इस मामले में फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने दोषी पिता को शरिया कानून के तहत सिर्फ 9 साल कैद की सजा सुनाई है।

ईरान में इस अपराध के लिए सजा बहुत कम
बात दें कि ईरान के शरिया कानून की पहले से ही आलोचना हो रही है। इस कानून के तहत अगर कोई शख्स ऑनर किलिंग या डोमेस्टिक वायलेंस का दोषी पाया जाता है तो उसके लिए बहुत कम सजा का प्रावधान है। इस कारण दोषियों को सख्त सजा नहीं मिल पाती है। ईरान में ऑनर किलिंग के दोषियों को तीन से 10 साल की सजा का प्रावधान है। रोमिना की हत्या के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें इंफास दिलाने के लिए लोगों ने जमकर अभियान चलाया था।
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