मरता क्या ना करता: पाकिस्तान ने भारत से व्यापारिक रिश्ते किए बहाल, चीनी और कॉटन खरीदी को दी मंजूरी
पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ व्यापार बहाल करने का फैसला ले लिया है। इमरान खान सरकार कैबिनेट की इकोनॉमिक कॉर्डिनेशन कमेटी ने भारत के साथ व्यापार सेवा फिर से बहाल करने को मंजूरी दे दी है।
इस्लामाबाद: बहुत पुरानी कहावत है, मरता क्या ना करता। और ये कहावत पाकिस्तान के ऊपर पूरी तरह से सटीक बैठ रही है। पाकिस्तान सरकार ने भारत के साथ व्यापार बहाल करने का फैसला ले लिया है। इमरान खान सरकार कैबिनेट की इकोनॉमिक कॉर्डिनेशन कमेटी ने भारत के साथ व्यापार सेवा फिर से बहाल करने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही पाकिस्तान में कॉटन इंडस्ट्री को राहत मिलेगी और पाकिस्तान में चीनी के दामों में कमी आ सकेगी।
#BreakingNews #Pakistani Cabinet Economic Coordination Committee approves resumption of #IndoPakTrade . #Pakistan will import cotton from India till June 30,2021. Approval for sugar imports is also expected soon. https://t.co/nc8C9yIj1W
— Ghulam Abbas Shah (@ghulamabbasshah) March 31, 2021

व्यापार बहाल करने का फैसला
रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की इकोनॉमिक कॉर्डिनेशन कमेटी ने बेहद महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए भारत के साथ व्यापार संबंध बहाल करने का फैसला लिया है। इस फैसले के तहत पाकिस्तान सरकार ने प्राइवेट कंपनियों को भी भारत से कॉटन और चीनी खरीदी को मंजूरी दे दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की टेक्सटाइल इंडस्ट्री कॉटन की कमी की वजह से बुरी तरह से प्रभावित हो रही थी और पिछले कई महीने से टेक्सटाइल इंडस्ट्री पाकिस्तान सरकार पर भारत से कॉटन खरीदने के लिए दबाव बना रही थी। पाकिस्तान में कॉमर्स मिनिस्ट्री का कार्यभार भी इमरान खान के पास ही है, लिहाजा ये फैसला प्रधानमंत्री इमरान खान को ही करना था और अब इमरान खान सरकार ने भारत से कॉटन और चीनी खरीदने का फैसला किया है।
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फैसले पर सवाल
इमरान खान सरकार ने भारत के साथ व्यापार संबंध फिर से बहाल करने का फैसला लिया है लेकिन इमरान खान सरकार की पाकिस्तान में काफी आलोचना भी की जा रही है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या इमरान खान सरकार की विदेश नीति फेल हो चुकी है? ये सवाल असल में लोग इसलिए पूछ रहे हैं, क्योंकि जब भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया था, उसके बाद पाकिस्तान सरकार की तरफ से काफी कड़ी प्रतिक्रिया आई थी और इमरान खान ने भारत से सभी व्यापारिक रिश्ते तोड़ लिए थे। लेकिन, अब लोग पूछ रहे हैं कि भारत ने तो कश्मीर नीति पर कदम पीछे नहीं किए, तो फिर इमरान खान सरकार कॉटन और चीनी खरीदने के लिए क्यों मजबूर हो गई है और क्या इमरान खान जो बोलते हैं और जो करते हैं, उसमें कोई लेना-देना नहीं है?

कॉटन के लिए मजबूर पाकिस्तान
टेक्सटाइल इंडस्ट्री पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा स्तंभ माना जाता है। लेकिन, पिछले साल से पाकिस्तान टेक्सटाइल इंडस्ट्री की स्थिति काफी खराब हो चुकी है। पाकिस्तान में कॉटन की भारी कमी हो गई है। जिसके बाद पाकिस्तान की टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स ने पाकिस्तान सरकार से जल्द से जल्द भारत से कॉटन खरीदने की मांग की थी। टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स ने इमरान खान से कहा था कि अगर आप चाहते हैं कि देश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री की हालत चरमराए नहीं, तो फौरन भारत से कॉटन खरीदना शुरू कीजिए। दरअसल, पाकिस्तान में टेक्सटाइल इंडस्ट्री के पास कॉटन बचा ही नहीं है कि वो सामान बनाए और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान ने भारत से कॉटन खरीदना बंद कर रखा था।

खतरे में टेक्सटाइल इंडस्ट्री
पाकिस्तान के न्यूज इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान टेक्सटाइल्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मुहम्मद अहमद ने कहा था कि 'देश की टेक्सटाइल इंडस्ट्री में कपास की कमी को तत्काल पूरा करने के लिए पाकिस्तान सरकार को फौरन भारत से कपास की आयात शुरू करनी चाहिए। नहीं तो कपास की किल्लत पाकिस्तान ज्यादा दिन झेल नहीं सकता है'। उन्होंने कहा कि 'पाकिस्तान सरकार को तत्काल कपास की किल्लत खत्म करने के लिए कदम उठाने होंगे नहीं तो कपास इंडस्ट्री को बहुत बड़ा नुकसान होगा'। वहीं, पाकिस्तान टेक्सटाइल्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट साकिब मजीद ने सरकार से कहा था कि 'पाकिस्तान सरकार कपास खरीदने में काफी लेट कर रही है, जिसकी वजह से पूरा सप्लाई चेन टूट सकता है और कपास इंडस्ट्री को करोड़ों का नुकसान हो सकता है'

टेक्सटाइल इंडस्ट्री की स्थिति खराब
2019/2020 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इस कदर ताव में आये थे कि उन्होंने भारत से साथ हवाई और भूमि संपर्क को खत्म कर दिया था। वहीं, भारत-पाकिस्तान रेल मार्ग भी बंद करने का फैसला पाकिस्तान ने लिया था। लेकिन 2021 में इमरान खान वापस भारत के सामने लेट चुके थे। पाकिस्तान को इस साल 12 मिलियन बेल्स कपास की जरूरत है। पाकिस्तान की मिनिस्ट्री ऑफ नेशनल फूड सिक्योरिटी का अनुमान है कि पाकिस्तान सिर्फ 7.7 मिलियन बेल्स का ही उत्पादन कर सकता है। लिहाजा 5.5 मिलियन बेल्स का आयात उसे किसी भी हाल में करना होगा और इतनी मात्रा में कपास पाकिस्तान को सिर्फ और सिर्फ भारत से ही मिल सकता है। कपास की कमी होने पर पाकिस्तान इसका आयात अमेरिका, ब्राजील और उजबेकिस्तान से भी करता है मगर इन देशों से कपास खरीदना पाकिस्तान के लिए काफी ज्यादा महंगे का सौदा होता है लिहाजा कपास निर्मित वस्तुओं की कीमत इतनी बढ़ जाती है कि पूरी इंडस्ट्री की हालत खराब हो चुकी है।
After India killed Art 370, we said it didn’t matter since we hadn’t accepted it in the first place. Then we protested & banned all trade & contacts until it was restored. Now we are ready to “normalise” without restoration of Article 370! Great Foreign Policy Strategy!
— Najam Sethi (@najamsethi) March 31, 2021












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