ह्यूमन राइट्स वॉच: 100 से अधिक अफगान सुरक्षाकर्मी मारे गए या गायब हुए

काबुल, 01 दिसंबर। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स वॉच ने मंगलवार 30 नवंबर को अफगानिस्तान पर एक नई रिपोर्ट जारी की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद से पूर्व पुलिसकर्मी और सुरक्षा कर्मियों को मारना या जबरन गायब करना जारी रखा है. रिपोर्ट के मुताबिक सामान्य माफी के बावजूद देश में हत्याएं हो रही हैं.

hrw more than 100 afghan security forces killed or disappeared

एचआरडब्ल्यू की रिपोर्ट के मुताबिक तालिबान सरकार के सशस्त्र बलों द्वारा 100 से अधिक ऐसे व्यक्तियों को मार डाला गया या उनको गायब कर दिया गया जो पूर्व सरकार के लिए काम कर रहे थे.

रिपोर्ट में पिछली सरकार में सेना और पुलिस द्वारा जवाबी कार्रवाई की एक श्रृंखला के रूप में कार्रवाई का वर्णन किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि तालिबानी आतंकवादी सरकारी रिकॉर्ड की मदद से आतंकवादियों को निशाना बनाने वाले लोगों की तलाश जारी रखे हुए हैं.

इनमें वे लोग भी शामिल हैं जिन्होंने आत्मसमर्पण किया था और उन्हें तालिबान ने माफी दी थी. एक अन्य मानवाधिकार संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय तालिबान कमांडरों ने अपनी खुद की सूची तैयार की है और उनके अनुसार उन्होंने अक्षम्य कृत्य किए हैं.

भय और दहशत का माहौल

ह्यूमन राइट्स वॉच की रिपोर्ट ने स्पष्ट किया कि इन घटनाओं में तालिबान आतंकवादियों द्वारा हत्याओं ने देश के कई हिस्सों में भय और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है. रिपोर्ट कहती है कि ऐसे सभी लोग खुले तौर पर पिछली सरकार से नाता तोड़ने की घोषणा कर रहे हैं और मौजूदा सरकार के कार्यकर्ताओं के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि इससे उनकी जान बच सकती है.

एचआरडब्ल्यू में सहयोगी एशिया निदेशक पेट्रीशिया गॉसमैन कहती हैं, "तालिबान नेतृत्व का माफी का वादा स्थानीय कमांडरों को पूर्व अफगान सुरक्षा बलों की हत्याओं से रोक नहीं पा रहा है."

तालिबान के निशाने पर

ह्यूमन राइट्स वॉच के मुताबिक तालिबान के सामान्य माफी के वादे ने स्थानीय कमांडरों को जवाबी कार्रवाई करने से नहीं रोका और वे धीरे-धीरे सेना, खुफिया एजेंसियों और पुलिस कर्मियों को निशाना बना रहे हैं. दूसरी ओर अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के अंतरिम प्रधानमंत्री मोहम्मद हसन अखुंद ने 27 नवंबर को एक जनसभा में लोगों को संबोधित करते हुए प्रतिशोध की संभावित रिपोर्टों का खंडन किया. उन्होंने कहा कि अगर किसी पूर्व अधिकारी ने गलत किया तो उसे अपराध के अनुसार सजा दी जाएगी.

ऐसी भी खबरें हैं कि नंगरहार प्रांत में आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट से जुड़े संदिग्धों और सहानुभूति रखने वालों को निशाना बनाया जा रहा है. तालिबान के सदस्यों ने पिछले मंगलवार को उसी प्रांत में इस्लामिक स्टेट के सदस्यों के एक ठिकाने पर धावा बोल दिया, जिससे भीषण गोलाबारी हुई. यह संघर्ष आठ घंटे से अधिक समय तक चला. नंगरहार की खुफिया एजेंसी के प्रमुख ताहिर मुब्रीज ने कहा कि गोलीबारी के दौरान एक पुरुष और एक महिला ने अपनी विस्फोटक जैकेट उड़ा दी थी और दो संदिग्ध जिहादियों को हिरासत में लिया गया था.

एए/वीके (डीपीए, एपी)

Source: DW

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