तैयार रहिए सीरिया से अब आ रही है थर्ड वर्ल्ड वॉर की आहट
दमिश्क। किसी को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि जून 2014 में जिस आफत ने सिर उठाया था वह किसी राक्षस की तरह धीरे-धीरे दुनिया को लील लेने की कोशिश करने लगेगी।
आईएसआईएस वह आतंकी संगठन बनकर सामने आया जिसने दुनिया में अपनी दहशत कायम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सीरिया और ईराक को अपने कब्जे में लेने के बाद यह संगठन अब दुनिया के बाकी हिस्से के लिए खतरा बन गया है।
अब यह संगठन दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध की वजह बनता जा रहा है। सीरिया में आज जो हालात हैं वह किसी भी तरह से काबू में नहीं आ रहे हैं।
एक ओर अमेरिका के नेतृत्व में जहां दुनिया के 60 से ज्यादा देश आईएसआईएस के खिलाफ मोर्चा ले रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर रूस की सेनाएं आईएसआईएस के ठिकानों पर हमला करने में लगी हुई हैं।
वर्ल्ड वॉर टू की ही तरह अब सीरिया दुनिया के ताकतवर देशों के लिए उनकी सल्तनत कायम रखने की वजह में तब्दील हो गया है।आगे की स्लाइड्स पर नजर डालिए और देखिए कैसे सीरिया की वजह से दुनिया में तीसरे विश्व युद्ध की आहट ने जन्म ले लिया है।

दुनिया के 60 से ज्यादा देश
आईएसआईएस के खिलाफ इस समय दुनिया के कई बड़े देश जंग लड़ रहे हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा के साथ सऊदी अरब और तुर्की भी इसमें शामिल हैं।

अमेरिका ने सीरिया में भेजी सेना
अमेरिका ने ईराक में तैनात अपनी सेनाओं को अब सीरिया भेज दिया है। व्हाइट हाउस की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक इराक में तैनात अमेरिकी सेनाएं अब सीरिया की ओर से रवाना हो गई हैं।

रूस के सामने दुनिया के बाकी देश
रूस ने सीरिया में अपना जो अभियान शुरू किया है उसके बाद से ही उसकी आलोचना शुरू हो गई है। रूस अकेला सीरिया में हमलों को अंजाम दे रहा है। वहीं अमेरिका के साथ दुनिया के 60 देश शामिल हैं।

एडवांस्ड वेपेंस और मशीनरी
अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, फ्रांस और दुनिया के सभी बड़े देशों ने अपने मोस्ट एडवांस्ड हथियारों और मशीनरी को तैनात किया है।

रूस का अब तक का सबसे बड़ा अभियान
सीरिया के लिए राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन ने करीब 150,000 सैनिकों को तैयार किया है। यह अफगानिस्तान के बाद रूस का अब तक का सबसे बड़ा अभियान है।

आधा सीरिया आईएसआईएस के कब्जे में
इस समय सीरिया का आधा हिस्सा आईएसआईएस, आधा असद विरोधियों और आधा अल कायदा और दूसरे आतंकी संगठनों की चपेट में हैं।

अमेरिका के 70 एयरक्राफ्ट्स
अमेरिका ने अपने एक दो नहीं बल्कि 70 एयरक्राफ्ट्स को सीरिया के लिए तैनात कर दिया है। इसके साथ ही कई एडवांस्ड वॉरशिप्स भी इसमें शामिल हैं।

असद ने मान ली है हार
सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद ने जुलाई में ही आईएसआईएस के खिलाफ हार मान ली थी। उन्होंने कहा था कि आईएसआईएस के कब्जे से इसे फ्री कराना उनके बस की बात नहीं रही है।

एक दिन में नौ मिलियन डॉलर बर्बाद
अमेरिका के लिए आईएसआईएस के खिलाफ जंग बहुत महंगी साबित हो रही है। जून में पेंटागन की ओर से जारी बयान में कहा गया था आईएसआईएस के खिलाफ लड़ाई में उन्हें एक दिन में नौ मिलियन डॉलर से भी ज्यादा की रकम खर्च करनी पड़ रही है।

दिन पर दिन मजबूत हो रहा आईएसआईएस
आईएसआईएस पर किसी भी देश की किसी कार्रवाई का कोई असर नहीं पड़ रहा है। बल्कि संगठन दिन पर दिन मजबूत होता जा रहा है।












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