झगड़ा ईरान और इजराइल का, भुगतेगा पाकिस्तान...! जानिए भारत के पड़ोसी को क्यों देगा होगा अरबों का जुर्माना?
Israel-Iran War: शनिवार की देर रात को, पूरे इजराइल में हवाई हमले के सायरन जोर-जोर से बजने लगे और पता चला, कि ईरान ने इजराइल के ऊपर हमला कर दिया है। इजराइली एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरानी मिसाइलों को गिराना शुरू कर किया और करीब पांच घंटों तक इजराइल के आसमान में धमाके होते रहे।
और इसके साथ ही, दोनों देश जंग के मुहाने पर खड़े हो चुके हैं और इस बात की पूरी आशंका है, कि अब अगर इजराइल ने ईरान के खिलाफ कोई एक्शन लिया, तो एक विनाशक युद्ध शुरू हो जाएगा। यह पहली बार है, कि तेहरान ने यहूदी राष्ट्र पर अपनी धरती से हमला किया है।

हालांकि, ईरान का ये हमला पूरी तरह से नाकाम रहा है और इजराइल ने उसकी 99 प्रतिशत मिसाइलों और ड्रोनों को मार गिराया, लेकिन तनाव बरकरार है और पूरी दुनिया पर इसका असर देखा जा रहा है। लेकिन, इस युद्ध से अगर किसी को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है, तो वो ईरान के पड़ोसी देश हैं। जिसमें पाकिस्तान शामिल है।
ईरान युद्ध से पाकिस्तान को झटका
इजराइल पर ईरानी हमले के बाद पाकिस्तान का स्टैंड भी बहुत हद तक भारत जैसा ही रहा है और उसने भी हमले की निंदा किए बगैर शांति की मांग की है, लेकिन पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है, कि इस युद्ध से पाकिस्तान को तगड़ा झटका लगने वाला है।
ये झटका पाकिस्तान-ईरान गैस पाइपलाइन को लेकर है, जिसे पाकिस्तान ने सालों तक लटकाए रखा और जब ईरान ने जुर्माना लगाने की धमकी दी, तो उसने आनाकानी करते हुए प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए अमेरिका की इजाजत मांगी। लेकिन, अब इस बात की उम्मीद नहीं के बराबर है, कि अमेरिका ईरान-पाकिस्तान गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट को हरी झंडी देगा।
अमेरिका स्थिति द विलसन सेंटर के साउथ एशिया इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर माइकल कुलेगम का भी यही मानना है। उन्होंने एक ट्वीट में कहा, कि "कल रात के घटनाक्रम के बाद, अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को उस गैस पाइपलाइन के लिए प्रतिबंधों से छूट देने की कोई संभावना नहीं है, जिसके बारे में उसका दावा है, कि वह ईरान के साथ निर्माण करने की योजना बना रहा है। और इजरायल पर ईरानी हमले से पहले भी यह संभावना लगभग शून्य थी।"
ऐसे में सवाल है, कि आखिर अब पाकिस्तान क्या करेगा? क्या अमेरिका के खिलाफ जाकर पाकिस्तान इस गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट के काम को आगे बढ़ाएगा, या फिर आर्थिक तंगी से जूझने वाला ये देश, 18 अरब डॉलर का जुर्माना चुकाएगा।
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर अमेरिका पाकिस्तान और ईरान को गैस पाइपलाइन परियोजना पर आगे बढ़ने की मंजूरी नहीं देता है, तो फिर पाकिस्तान को 18 अरब डॉलर का जुर्माना भरना होगा। पिछले साल मई महीने में पाकिस्तान की लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष नूर आलम खान ने कहा था, कि "संयुक्त राज्य अमेरिका को अपने डबल स्टैंडर्ड से दूर रहना होगा, क्योंकि ऊर्जा जरूरतों को लेकर उसका भारत को लेकर अलग रूख है और पाकिस्तान को लेकर अलग रूख है।"
ईरान ने पाकिस्तान को दे रखी है धमकी
पाकिस्तान की पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (पीएसी) ने पिछले साल कहा था, कि अगर देश, ईरान-पाकिस्तान गैस पाइपलाइन परियोजना को आगे नहीं बढ़ाता है, तो पाकिस्तान को 18 अरब डॉलर का जुर्माना देना होगा। हालांकि, इस साल पाकिस्तान ने इस प्रोजेक्ट पर फिर से काम करना शुरू किया, लेकिन अब इस प्रोजेक्ट पर ताला लगना तय माना जा रहा है।
पाकिस्तान और ईरान के बीच गैस पाइपलाइन को लेकर ये समझौता साल 2009 में किया गया था, जब पाकिस्तान में बिलावल भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की सरकार थी। इस समझौते के तहत दोनों देशों के बीच 800 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन का निर्माण होना था और फिर इस पाइपलाइन के जरिए ईरान से पाकिस्तान में गैस की सप्लाई होनी थी। लेकिन, ये प्रोजेक्ट पिछले 15 सालों से अटका हुआ है, क्योंकि पाकिस्तान के पास ना तो पैसे हैं और ना ही अमेरिका की इजाजत।

अमेरिका ने ईरान पर कठोर आर्थिक प्रतिबंध लगा चुके हैं।
दूसरी तरफ ईरान अपने हिस्से का काम सालों पहले पूरा कर चुका है, लिहाजा उसने भारी मात्रा में पैसा इस प्रोजेक्ट में खर्च कर दिए हैं और आगे का काम पाकिस्तान को करना है, जिससे वो मुकर गया है और इसके पीछे उसने अमेरिकी प्रतिबंधों का हवाला दिया है।
लेकिन, पाकिस्तान का डबल गेम देखिए, अमेरिका ने ईरान पर 2018-19 में प्रतिबंध लगाए थे और उससे पहले भी पाकिस्तान ने इस पाइपलाइन को लेकर एक मीटर का भी काम नहीं किया, इसीलिए ईरान उसकी नीयत पर सवाल उठा रहा है।
ईरान ने दर्जनों बार पाकिस्तान से पाइपलाइन बिछाने को लेकर आग्रह किया, लेकिन पाकिस्तान हर बार नये बहाने बनाता रहा, जिससे तंग आकर ईरान ने पिछले साल फरवरी में तय कॉन्ट्रैक्ट के तहत पाकिस्तान पर 18 अरब डॉलर का जुर्माना लगाने की धमकी दी थी, जिसके बाद पाकिस्तान हरकत में आया, लेकिन दिक्कत ये है, कि पाकिस्तान के पास ना तो पैसे हैं और ना ही अमेरिका की इजाजत।
ईरान ने पाकिस्तान को मार्च 2024 तक का अल्टीमेटम दिया है और पाइपलाइन पूरा करने को लेकर ये मियाद इस साल के अंत में खत्म हो रहा है । ईरान ने कहा हुआ है, कि अगर 2024 से पहले पाकिस्तान अपने क्षेत्र में गैस पाइपलाइन का काम पूरा कर लेता है, तो बहुत अच्छी बात है, अन्यथा ईरान, पाकिस्तान पर 18 अरब डॉलर का मुकदमा ठोक देगा।












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