इस बार के अमेरिकी चुनावों में भारतीय महिलाओं की भी है मेहनत
डेमोक्रेट पार्टी की हिलेरी क्लिंटन हों या फिर रिपब्लिकन पार्टी, इस बार के अमेरिकी चुनावो में भारतीय मूल की महिलाओं ने अदा किया है अहम रोल।
वाशिंगटन। नौ नवंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के नतीजों के साथ ही एक और व्यस्त अमेरिकी चुनावी प्रक्रिया का अंत हो जाएगा। हर बार की तरह इस बार भी अमेरिकी चुनावों में भारतीयों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।

पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज्यादा
चुनाव ही क्यों डेमोक्रेटिक और रिपब्किलन पार्टी के कैंपेन में इस बार भी भारतीयो का अहम योगदान रहा। लेकिन इन चुनावों में खास बात रही कि भारतीय मूल की अमेरिकी महिलाओं की भागीदारी पुरुषों की तुलना में ज्यादा है।
कमला हैरिस सबसे बड़ा उदाहरण
भारतीय अमेरिकी महिलाएं इस बार के अमेरिकी चुनावों में एक अहम रोल अदा कर रही हैं।इसका ताजा उदाहरण हैंं
डेमोक्रेट पार्टी की कमला हैरिस जो पहली भारतीय-अमेरिकी सीनेटर के तौर पर चुनी जा सकती हैं। अगर कमला सीनेटर बनती हैं तो भारतीय मूल के समुदाय से आने वाली वह पहली महिला होंगी।
नीरा टंडन हिलेरी के संग
कमला के अलावा नीरा टंडन जो कि सेंटर फॉर अमेरिकन प्रोग्रेस की मुखिया हैं, उन्हें क्लिंटन की ट्रांजसिशन टीम का उपाध्यक्ष बनाया गया था।
सेंटर फॉर अमेरिकन प्रोग्रेस अमेरिका का एक लीडिंग थिंक टैंक है। माना जा रहा है कि क्लिंटन उन्हें अपने प्रशासन में एक अहम भूमिका दे सकती हैं।
क्लिंटन की करीबी हुमा
क्लिंटन की करीबी हुमा अब्देइन के पिता भारतीय थे और मां पाकिस्तानी। हुमा, क्लिंटन के कैंपेन की उपाध्यक्ष हैं।
जहां क्लिंटन अमेरिका की पहली महिला राष्ट्रपति बनने की ओर हैं तो वहीं ऐसी महिलाओं की संख्या भी कम नहीं है जिन्होंने चुनावों में एक अहम रोल अदा किया है।
महिलाओं की इस भागीदारी में थोड़ा हाथ साउथ कैरोलिना की गर्वनर निकी हेले का भी है। निकी पहली भारतीय-अमेरिकी महिला हैं जिन्हें गर्वनर की जिम्मेदारी मिली थी।
क्लिंटन की टीम में भारतीय महिलाएं
मिनी तीम्माराजू हिलेरी के लिए वोट डायरेक्टर हैं। इसके अलावा वह क्लिंटन के कैंपेन की आउटरीच डायरेक्टर भी हैं।
माया हैरिस क्लिंटन के कैंपेन की एक अहम सलाहकार हैं। कैलिफोर्निया की शेफाली राजदान दुग्गल क्लिंटन की फाइनेंशियल टीम का जिम्मा संभालती हैं।
रिपब्लिंकस में भारतीय महिलाएं
न सिर्फ डेमोक्रेटबल्कि रिपब्लिकन पार्टी भी भारतीय मूल की महिलाओं को जगह देने से पीछे नहीं है। पार्टी में कैलिफोर्निया की हरमीत ढिल्लन रिपब्लिकननेशनल कमेटी में अहम स्थान रखती हैं।
मैरी थॉमस फ्लोरिडा में हैं और बतौर काउंसलर पार्टी के लिए काम करती हैं। इसी तरह से 30 वर्ष् की केशा राम वेरमॉन्ट हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स में सबसे कम उम्र की सांसद हैं।












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