मोसाद को ले डूबा ओवरकॉन्फिडेंस? हमास आतंकियों के खिलाफ अब क्या होगी इजराइल की स्ट्रैटजी?
Israel-Palestine Conflict: शनिवार को सैकड़ों हमास आतंकियों के एक साथ हमले ने इजराइल को हैरान करके रख दिया। इजराइली खुफिया एजेंसियों ने शायद सपने में भी उम्मीद नहीं की थी, कि उनकी सुरक्षा के घेरे को तोड़ कर हमास के आतंकवादी आएंगे और देश में कोहराम मचा देंगे। इजराइली खुफिया एजेंसियों के लिए आश्चर्यजनक बात एक और है, कि हमला करने के लिए और इजराइल में दाखिल होने के लिए हमास के आतंकवादियों ने जो रास्ता अपनाया था।
हमास का हमला काफी हद तक कामयाब रहा और इस हमले ने इजराइली सिक्योरिटी को काफी हद तक उजागर करके रख दिया है। हालांकि, इजराइल अपनी गलतियों से सबक लेने वाला देश रहा है और इजराइली अधिकरियों ने कहा है, कि इससे हमास और गाजा पट्टी के प्रति इजराइल के समग्र रणनीतिक दृष्टिकोण में भी बदलाव आ सकता है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइली अधिकारी ने अपनी पहचान छिपाने का आग्रह किया था, लेकिन अधिकारी ने इस बात पर जोर दिया, कि इजराइल की नई रणनीति से पूरे मध्य पूर्व पर दूरगामी प्रभाव पड़ सकता है।
हमास पर बदलेगी इजराइली रणनीति
अब तक, इज़राइल ने हमास और गाजा को एक ऐसी रणनीति के साथ नियंत्रित किया है, जो एक खुफिया नेटवर्क पर निर्भर करती है जो हमास की हरकतों के खिलाफ पहले ही चेतावनी जारी करती रही है और उसके खिलाफ इजराइली फोर्स ने पहले से ही प्लान तैयार किया है।
हमास कभी भी इजराइल के खिलाफ जमीनी आक्रमण नहीं कर सकता, लेकिन शनिवार को हुए हमले ने इजराइली खुफिया तंत्र और इजराइली सेना की अचानक हमले की स्थिति को काबू करने की शक्ति, दोनों को एक्सपोज कर दिया है।
इजराइल के चार वरिष्ठ रक्षा सूत्रों के मुताबिक, गाजा पट्टी में इजराइल का काफी मजबूत खुफिया तंत्र रहा है और हाल के महीनों में, इजरायली खुफिया ने बार-बार चेतावनी दी है, कि एक सैन्य संघर्ष भड़क सकता है। इजराइली खुफिया तंत्र ने चेतावनी दी थी, कि ईरान और उससे संबंधित आतंकी संगठनों ने, प्रधानमंत्री बेजांमिन नेतन्याहू के ज्यूडिशियल ओवरहाल कानून के खिलाफ देश में भड़के भारी प्रदर्शन के बाद इजराइल को कमजोर मानना शुरू कर दिया।
अधिकारियों में से एक ने कहा, फिर भी, इजरायली खुफिया ने कुछ संकेत एकत्र किए थे, कि हमास एक बड़े ऑपरेशन की योजना बना रहा था, लेकिन फिर भी एक स्पष्ट तस्वीर बनाने से वो बहुत दूर रह गये।

गलती मान रहे इजराइली अधिकारी
इजराइली अधिकारियों ने सिक्योरिटी नाकामी को स्वीकार किया है और एक अधिकारी ने कहा, कि "इज़राइल ने उन विस्तृत तैयारियों पर काम नहीं किया, जिसके तहत अचानक इन हमलों को रोका जा सके।"
अमेरिकी अधिकारियों ने भी कहा है, कि इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका, दोनों को पता था कि किसी प्वाइंट पर हमास कोई हमला कर सकता है, या हमले की संभावना थी। लेकिन उन्होंने कहा, कि शनिवार के हमलों की कोई विशेष सामरिक चेतावनी नहीं थी, ऐसा कोई संकेत नहीं था, जो इज़राइल को विशिष्ट रक्षा उपाय करने की अनुमति देता।
कई लोगों ने सवाल उठाया है, कि इजराइल और संयुक्त राज्य अमेरिका क्यों आंखें मूंदे हुए हैं? सीआईए के पूर्व अधिकारी और पेंटागन के वरिष्ठ अधिकारी मिक मुलरॉय ने कहा, कि हमास के हमले की जटिलता से संकेत मिलता है, कि इस तरह के हमले के लिए काफी ज्यादा तैयारी की गई होगी।
हमले को रोकने में क्यों चुक गया इजराइल?
2005 में गाजा पट्टी से इजरायल की वापसी के बाद से, हमास एक आतंकवादी संगठन ने खुद को गाजा पट्टी के नेतृत्व के तौर पर पेश करना शुरू कर दिया।
हमास ने हर कुछ वर्षों में इज़राइल के साथ लड़ाई का सिलसिला शुरू किया है, जो आमतौर पर एक सप्ताह से अधिक नहीं चलता है। इन हमलों में इजरायली शहरों पर रॉकेट दागना और इजरायलियों का अपहरण या हत्या करने की कोशिश करना शामिल है। लेकिन, इतिहास में इतना बड़ा हमला आज तक नहीं किया गया।
इज़राइल ने पिछले वर्षों में गाजा में आतंकी ठिकानों के खिलाफ अपनी विशाल मारक क्षमता, आमतौर पर विमान से, जवाब दिया है और संगठन के वरिष्ठ अधिकारियों की हत्या करने की कोशिश की है। लेकिन, इजराइल ने अपनी जमीनी क्षमता को बढ़ाने के लिए बहुत काम नहीं किया है।
इजरायल की रणनीति गाजा पट्टी में आतंकवादियों के खिलाफ लड़ाई को रोकने की रही है, जब तक कि इजरायल की मौतें बहुत अधिक न हों, वो गाजा पट्टी में अपनी सेना को भेजने से बचता रहा है और कई मौके पर सिर्फ हवाई हमले करता रहा है, लिहाजा हमास भी इजराइल के इस तरीके को समझ चुका था।
इजराइल के लगातार चार प्रधानमंत्रियों के शासनकाल में यह फैसला लिया गया, कि हमास के शासन को कुचलने के लिए गाजा पट्टी पर आक्रमण करने और कब्जा करने की कीमत, इजरायली सैनिकों और फिलिस्तीनियों के जीवन के लिए बहुत ज्यादा होगी, और वहां के लाखों निवासियों पर शासन करने का खर्च भी बहुत महंगा होगा।
तीन अधिकारियों ने कहा, कि इज़राइल ने इस तरह से काम करना जारी रखा, जबकि उसे पता था कि हमास और फिलिस्तीनी जिहाद, दोनों को ईरान से धन, प्रशिक्षण, हथियार और उन्नत युद्ध और खुफिया उपकरण प्राप्त हुए हैं, और ये आतंकवादी समूह लगातार मजबूत हो रहे हैं।
लिहाजा, अब इजराइल की रणनीति बदल सकती है और गाजा पट्टी में आने वाले दिनों में कई खतरनाक ऑपरेशंस देखने को मिल सकते हैं।












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