इंग्लैंड में हिंदू-मुस्लिम नेताओं ने की सद्भावना अपील, कहा, 'चरमपंथी विचारधारा के लिए कोई जगह नहीं'
हिंदू-मुस्लिम के संयुक्त बयान को पढ़ते हुए एक नेता ने कहा, 'हम, लीसेस्टर का परिवार, न केवल हिंदू और मुस्लिम हैं, बल्कि दोनों आपस में भाई-बहन हैं।
लंदन, 21 सितंबर : ब्रिटेन के लीसेस्टर में भारत और पाकिस्तान के बीच 28 अगस्त को दुबई में मैच के मद्देनजर स्थानीय हिंदू और मुस्लिम समूहों के बीच अशांति फैल गई थी। इस दौरान दोनों समूहों के बीच झड़प होने की खबर भी मिली थी। दूसरी तरफ मंगलवार को 200 से अधिक मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इंग्लैंड में स्थित वेस्ट मिडलैंड्स के स्मेथविक में हिंदू मंदिर के बाहर प्रदर्शन करने के लिए जुटे थे। इस दौरान वे लोग मंदिर के अंदर घुसने की भी कोशिश की थी। प्रदर्शनकारियों ने अल्लाहू अकबर के नारे भी लगाए थे। एशिया कप क्रिकेट मैच को लेकर दोनों समुदायों के बीच उत्पन्न तनाव को खत्म करने के लिए ब्रिटेन के हिंदू और मुसलमानों का संयुक्त बयान सामने आया है। ( Hindus and Muslims of Leicester UK joint statement)

लीसेस्टर में हिंदू-मुस्लिम का संयुक्त बयान, शांति बनाए रखें
ब्रिटेन में लीसेस्टर के हिंदुओं और मुसलमानों के समुदाय के नेताओं ने आज एक संयुक्त बयान जारी कर हिंसा को समाप्त करने की अपील की। बता दें कि पिछले महीने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए एशिया कप क्रिकेट मैच के दौरान भारत-पाकिस्तान के मैच को लेकर विवाद हिंसा में तब्दील हो गई। यह विवाद लगातार बढ़ता ही जा रहा था। इंग्लैंड में दो समुदायों के बीच बढ़ते तनाव को खत्म करने के लिए हिंदू-मुस्लिम के नेताओं ने शांति बनाए रखने की अपील की है।

विदेशी चरमपंथी विचारधारा के लिए कोई जगह नहीं
हिंदू-मुस्लिम के संयुक्त बयान को पढ़ते हुए एक नेता ने कहा, 'हम, लीसेस्टर का परिवार, न केवल हिंदू और मुस्लिम हैं, बल्कि दोनों आपस में भाई-बहन हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि, लीसेस्टर में विभाजन का कारण बनमे वाली किसी भी विदेशी चरमपंथी विचारधारा के लिए कोई जगह नहीं है।

आपसी भाईचारे पर जोर
संयुक्त बयान में हिंदू-मुस्लिम को भाई-बहन बताते हुए कहा गया, हिंदू-मुसलमान इंग्लैंड के लीसेस्टर शहर में आधी सदी से भी अधिक समय से एक साथ आपसी सौहार्द और प्यार से रहते आ रहे हैं। यहां के रहने वाले हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक साथ समान रूप से चुनौतियों का सामना किया है। हमने एक साथ नस्लवादी नफरत से लड़ाई लड़ी और सामूहिक रूप से इस शहर को विविधता और सामुदायिक एकता का प्रतीक बनाया।

सभी धार्मिक स्थलों की पवित्रता का सम्मान करें
संयुक्त बयान में कहा गया, दो समुदायों के बीच तनाव और हिंसा दुख और ह्रदयविदारक और दुख को जन्म देता है। ऐसे तनाव एक सभ्य समाज का हिस्सा नहीं हो सकता है। हमने जो देखा है वैसे हम नहीं हैं। हम सभी मस्जिद और मंदिरों दोनों में समान रूप से धार्मिक स्थलों की पवित्रता का सम्मान करने के लिए कहते हैं।
अब तक 47 लोग गिरफ्तार
बता दें कि, पुलिस ने पूर्वी इंग्लैंड के शहर में अव्यवस्था को रोकने के लिए अब तक 47 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। 28 अगस्त के क्रिकेट मैच के बाद शुरू हुआ तनाव, जिसमें भारत ने पाकिस्तान को हराया था, सोशल मीडिया पर वायरल हुई धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने की अफवाहों से फिर से फैल गया। इसके बाद शनिवार और रविवार को विरोध प्रदर्शन और रैलियां की गईं। इस दौरान एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की गई।

भारतीय उच्चायोग ने घटना की कड़ी निंदा की
लंदन में भारतीय उच्चायोग ने लीसेस्टर में एक मंदिर में कथित तोड़फोड़ के खिलाफ हस्तक्षेप किया था। भारतीय उच्चायोग ने बयान जारी कर कहा, ''हम लीसेस्टर में भारतीय समुदाय के खिलाफ हुई हिंसा और हिंदू धार्मिक परिसरों और प्रतीकों की तोड़फोड़ की कड़ी निंदा करते हैं। हमने ब्रिटेन के अधिकारियों के साथ इस मामले को पुरजोर तरीके से उठाया है और इन हमलों में शामिल लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है। हम अधिकारियों से, प्रभावित लोगों को सुरक्षा प्रदान करने का आह्वान करते हैं।' वहीं,मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने कुछ हिंदू समूहों की रैलियों को 'भड़काऊ और "अपमानजनक' बताया था।
(Photo-Video Credit : Twitter)












Click it and Unblock the Notifications