'हिंदू धर्म ने मुझे सिखाया है...', ऋषि सुनक ने बताई खराब हालात के बीच UK का प्रधानमंत्री बनने की वजह

ऋषि सुनक ने पिछले साल अक्टूबर महीने में यूनाइटेड किंगडम की सत्ता संभाली थी, जब सिर्फ 45 दिनों तक प्रधानमंत्री रहने के बाद लिज ट्रस ने इस्तीफा दे दिया था।

Rishi Sunak News

Rishi Sunak News: यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री ऋषि सनक ने पिछले साल भारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच 10 डाउनिंग स्ट्रीट में शीर्ष पद संभालने के पीछे अपनी प्रेरणा को अपना "धर्म" बताया है। ऋषि सुनक ने प्रधानमंत्री बनने के पीछे हिन्दु धर्म से मिली प्रेरणाओं को वजह बताया है और उन्होंने कहा है, कि जब वो प्रधानमंत्री पद की शपथ ले रहे थे, तो उन्हें ऐसा लग रहा था, कि वो अपने धर्म का पालन कर रहे हैं।

मुश्किल वक्त में कैसे संभाला पीएम पद?

मुश्किल वक्त में कैसे संभाला पीएम पद?

गुरुवार को ब्रिटेन के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री के रूप में अपना पद संभालने के 100 दिनों के बाद अपने डाउनिंग स्ट्रीट घर में 'टॉक टीवी' होस्ट पियर्स मॉर्गन के साथ एक टेलीविजन इंटरव्यू में ऋषि सुनक ने कई मुद्दों पर बात की है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री बनने के पीछे धर्म का हवाला दिया है। इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया, उन्हें भारी लागत के बीच मुश्किल काम करने के लिए क्या करना पड़ा, क्योंकि उनसे ठीक पहले सिर्फ 45 दिनों तक प्रधानमंत्री रहने के बाद लिज ट्रस ने इस्तीफा दे दिया था और ब्रिटेन गंभीर राजनीतिक संकट में फंस गया था, और वो काफी मुश्किल वक्त था, तो फिर ऐसे वक्त में आपने कैसे प्रधानमंत्री का पद संभाल लिया?

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने क्या कहा?

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने क्या कहा?

इस सवाल के जवाब में ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा, कि "मेरे लिए, ये पूरी बात कर्तव्य के बारे में है। हिंदू धर्म में एक अवधारणा है, जिसे धर्म कहा जाता है, जो मोटे तौर पर कर्तव्य की बात करता है और इसी तरह से मेरा पालन-पोषण किया गया था, कि कर्तव्य करो। यह उन चीजों को करने के बारे में था, जिनकी आपसे उम्मीद की जाती है और मैं सिर्फ सही काम करने की कोशिश कर रहा था।" ऋषि सुनक ने आगे कहा, कि "हालांकि, उस वक्त प्रधानमंत्री बनना, एक खराब सपने जैसा काम था, लेकिन मुझे लगा, कि मैं शायद इस कमी को पूरा कर सकता हूं, खासकर उन चुनौतियों को लेकर काम कर सकता था, जिसे लोग उस वक्त महसूस कर रहे थे। उस वक्त लोग जिन हालातों में फंसे थे, जिस मॉर्गेज संकट में फंसे हुए थे, उसे देखने के बाद मुझे महसूस हुआ, कि मेरे लिए ये एक कठिन और चुनौतीपूर्ण काम होगा, लेकिन उस वक्त इस काम को संभालना मेरे लिए कर्तव्य जैसा था, जिसमें मैं गहरा विश्वास रखता है और मुझे लगता है, कि मैं देश में बदलाव ला सकता हूं।"

'हिन्दू धर्म से मिलती है ताकत'

'हिन्दू धर्म से मिलती है ताकत'

ब्रिटिश संसद सदस्य चुने जाने के बाद भगवत गीता पर हाथ रखकर शपथ लेने वाले 42 साल के ऋषि सुनक ने इंटरव्यू के दौरान कहा, कि उन्हें अपने हिन्दू धर्म की वजह से कठिन से कठिन काम करने की ताकत मिलती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) के डॉक्टर यशवीर और फार्मासिस्ट उषा के यूके के बेटे ऋषि सुनक ने कहा, कि वो अपने परिवार के साथ नियमित रूप से मंदिर जाते हैं और पिछले साल इलेक्शन कैम्पेन के दौरान भी वो मंदिर जाते थे। उन्होंने कहा, कि वो पिछले साल भी जन्माष्टमी के मौके पर लंदन में कृष्ण मंदिर गये थे, जहां उन्होंने भगवान का आशीर्वाद लिया।

घुटने पर बैठकर अक्षता को किया प्रपोज

घुटने पर बैठकर अक्षता को किया प्रपोज

यूके के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने इंटरव्यू के दौरान कई मुद्दों पर खुलकर बात की है, जिसमें उन्होंने अपनी निजी जिंदगी को लेकर भी काफी राज खोले हैं। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने अपनी पत्नी अक्षता मूर्ति को अपनी जिंदगी के लिए सपोर्ट सिस्टम बताया है और स्वीकार किया है, कि वो अपनी पत्नी के साथ 'औसत से ऊपर' की जिंदगी जी रहे हैं। आपको बता दें, कि ऋषि सुनक ने भारत के सम्मानित उद्योगपति और इंफोसिस के को-फाउंडर नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति से लव मैरिज की थी। इंटरव्यू के दौरान ऋषि सुनक ने अपने लव लाइफ पर बोलते हुए कहा, कि उन्होंने शादी से पहले अक्षता मूर्ति को घुटने पर बैठकर प्रपोज किया था और अक्षता ने फौरन उनका प्रपोजल स्वीकार कर लिया था। वहीं, उन्होंने कहा, कि ब्रिटिश प्रधानमंत्री का पद संभालने का काम अपनी पत्नी के प्यार और सपोर्ट के बिना नहीं कर सकते हैं।

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