पहली बार बर्फ के रनवे पर उतरा यात्रियों से खचाखच भरा विमान, अंटार्कटिका से आया ऐतिहासिक Video

नई दिल्ली, 28 नवंबर। पुर्तगाली चार्टर एयरलाइन कंपनी 'हाई फ्लाई' ने वो कारनामा कर के दिखा दिया है जिसे आज तक दुनिया की किसी भी यात्री विमान कंपनी नहीं किया। पृथ्वी के सबसे ठंडे महाद्वीप अंटार्कटिका पर, जहां जमीन के नाम पर सिर्फ बर्फ की चादर है, वहां 'हाई फ्लाई' ने अपने यात्रियों से खचाखच भरे कमर्शियल एयरबस विमान को उतारकर इतिहास रच दिया। यह पहली बार है जब किसी यात्री विमान को बर्फ के रनवे पर उतारा गया।

'हाई फ्लाई' कंपनी ने रचा इतिहास

'हाई फ्लाई' कंपनी ने रचा इतिहास

इस पूरे कारनामे को विमान के टेकऑफ से लेकर अंटार्कटिका में लैंडिंग तक शूट किया गया, जिसका वीडियो अब सामने आ गया है। कंपनी के एयरबस A340 विमान ने अंटार्कटिका के बर्फीले रनवे पर सफलतापूर्वक लैंडिंग कर अपने नाम बड़ा कारनामा किया है। इससे पहले आज तक कोई भी यात्री विमान अंटार्कटिका पर लैंड नहीं किया था। फ्लाइट ने 2 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका के केप टाउन से उड़ान भरी थी उसी दिन अंटार्कटिका में लैंड हुई।

दो साल में किए 6 ट्रायल

दो साल में किए 6 ट्रायल

वीमान के सफलतापूर्वक लैंड होने के करीब 25 दिन बाद अब कंपनी ने इसका वीडियो जारी किया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि इस कारनामे को अंजाम देने के लिए 2 साल में 6 ट्रायल किए गए। अंटार्कटिका में सालभर बर्फ की कई मीटर ऊंची परत जमी रहती है। यहां विमान के उतरने के लिए बर्फ पर 3000 फीट लंबा रनवे तैयार किया गया। अब तक यहां 2019 से 2020 के बीच ट्रायल किए गए थे।

290 यात्रियों को लेकर पहुंचा विमान

290 यात्रियों को लेकर पहुंचा विमान

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक विमान के सफलतापूर्वक लैंड होने के बाद अब इस 'बर्फस्तान' अंटार्कटिका में टूरिजम के दरवाजे खुलने की संभावना भी बढ़ गई है। हाई फ्लाई के A340 विमान को पायलट कैप्टन कार्लोस मिरपुरी उड़ा रहे थे। फ्लाइट में वैज्ञानिकों और टीम के अलावा कुछ टूरिस्ट समेत 290 यात्री सवार थे। केपटाउन से अंटार्कटिका की 4630 किलोमीटर की दूरी को विमान ने पांच घंटे में पूरा किया।

बर्फीले रनवे पर विमान उतारना आसान नहीं

बर्फीले रनवे पर विमान उतारना आसान नहीं

पायलट के लिए बर्फीले रनवे पर विमान की लैंडिंग कराना इतना आसान नहीं था लेकिन कई बार के ट्रायल और सुरक्षा एहतियात के तहत इसे सफलतापूर्व पूरा कर लिया गया। पायलट के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये थी कि आपातकालीन स्थिति में इस बर्फ के महाद्वीप पर कोई मदद मौजूद नहीं थी। 190 टन वजनी विमान अंटार्कटिका में रनवे के पास पहुंचते ही कॉकपिट में चिंता की एक सुरसुरी सी दौड़ पड़ी।

लैंडिंग के समय सामने आई ये चुनौतियां

लैंडिंग के समय सामने आई ये चुनौतियां

कैप्टन मीरपुरी ने बताया कि विमान के उतरते समय पहियों को पकड़ बनाने के लिए बर्फ के रनवे पर विशेष खांचे उकेरे गए थे। उन्होंने कहा, 'लैंडिंग के दौरान आसपास के इलाके और विशाल सफेद रेगिस्तान के साथ रनवे का भी वैसा ही होना, विमान की ठीक ऊंचाई पर रखने के फैसले को चुनौतीपूर्ण बनाता है।' हालांकि राहत की खबर ये है कि मीरपुरी और A340 के बाकी चालक दल सुरक्षित रूप से उतरने में कामयाब रहे।

अंटार्कटिका नहीं है कोई रनवे

अंटार्कटिका नहीं है कोई रनवे

बता दें कि अंटार्कटिका में अभी भी कोई वास्तविक हवाई अड्डा नहीं है। बर्फीले जमीन पर केवल 50 लैंडिंग स्ट्रिप्स और रनवे होते हैं। पायलटों को लैंडिंग के दौरान फिसलन और विमान के वजन सहित कई कारकों का ध्यान रखना होता है। लेकिन पायलट मीरपुरी और उसकी टीम ने दिखा दिया है कि भी यह किया जा सकता है। उनकी ये सफलता सुदूर महाद्वीप में पर्यटकों और खोजकर्ताओं की बढ़ती संख्या में पहला अभियान है।

यह भी पढ़ें: उड़ान भरते ही आसमान में फेल हो गया विमान का इंजन, पायलट ने ऐसे बचाई यात्रियों की जान

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