उड़ान भरते ही आसमान में फेल हो गया विमान का इंजन, पायलट ने ऐसे बचाई यात्रियों की जान
पायलट ने तो धैर्य से काम लेते हुए यात्रियों की जान बचा ली, लेकिन एयरलाइन कंपनी ने यात्रियों के साथ काफी खराब सलूक किया है।
न्यूयॉर्क, नवंबर 21: अमेरिका के न्यूयॉर्क जाने वाली फ्लाइट का उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही एक एक इंजन फेल हो गया, लेकिन उस वक्त पायलट ने जिस धैर्य का परिचय दिया है, उसकी जबरदस्त तारीफ की जा रही है। पायलट प्लेन को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहा था, जबकि दूसरी तरफ जमीन पर मौजूद क्रू-मेंबर्स की जान हलक में अटकी हुई थी। छोटी सी गलती से भी बहुत बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन, पायलट ने सभी यात्रियों की जान बचा ली।

हवा में इंजन हो गया फेल
जान बचने के बाद दर्जनों यात्री भगवान का शुक्रिया अदा कर रहे हैं और अपनी उस खौफनाक यात्रा के बारे में बता रहे थे, जब हजारों फीट ऊपर हवा में फ्लाइट का इंजन खराब हो गया है। हवा में सभी यात्री आपातकालीन स्थिति में फंसे हुए थे। यूएस-बाउंड फ्लाइट का इंजन फेल होने के बाद डबलिन एयरपोर्ट पर विमान की इमरजेंसी लैंडिंग की गई है।
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न्यूयॉर्क जा रही थी फ्लाइट
रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रसेल्स एयरलाइंस की फ्लाइट-102 शुक्रवार को ब्रसेल्स से न्यूयॉर्क के रास्ते में थी, जब पायलटों ने एक "पैन-पैन" संदेश जारी किया, जिसका मतलब विमान में खराबी होने की बात को दर्शाता है। रिपोर्ट के मुताबिक, जिस वक्त विमान के इंजन में खराबी आई थी, उस वक्त विमान करीब 37 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर रही थी और विमान तक किसी भी तरह का मदद पहुंचाना असंभव था। ये फ्लाइट अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर की तरफ उड़ान भर रही थी और बीच रास्ते में अचानक फ्लाइट का एक इंजन खराब हो चुका था।

पायलट ने लिया धैर्य से काम
37 हजार फीट की ऊंचाई पर विमान को उड़ा रहे पायलट को जब अहसास हुआ, कि विमान का इंजन खराब हो चुका है, तो उसने धैर्य से काम लिया और इमरजेंसी का बटन दबाकर हर किसी तो इस बात की जानकारी दे दी, कि विमान में कुछ खराबी आ चुकी है। एविएशन हेराल्ड के अनुसार, 12 सालों से ज्यादा वक्त से फ्लाइट उड़ा रहे पायलट ने उसके बाद फ्लाइट को पश्चिमी आयरलैंड में शैनन की ओर डायवर्ट करने का अनुरोध किया, लेकिन एयरलाइन से मिले निर्देशों के बाद फ्लाइट को डबलिन एयरपोर्ट पर उतारने का फैसला किया गया।

पायलट की प्रशंसा करते यात्री
हालांकि, लुफ्थांसा इकाई ब्रसेल्स एयरलाइंस ने फ्लाइट का इंजन फेल होने को लेकर अभी तक सवालों का जवाब नहीं दिया है, लेकिन यात्रियों ने चालक दल की जमकर प्रशंसा की है। यात्रियों ने कहा कि, शनिवार को पेरिस जाने से पहले उन्हें डबलिन के होटलों में रखा गया था और यात्रियों में कई ऐसे लोग मौजूद थे, जो ज्यादा भीड़ वाली फ्लाइट्स में न्यूयॉर्क जाने में असमर्थ थे। लेकिन, यात्रियों का कहना है कि, अगर चालक दल ने धैर्य से काम नहीं लिया होता, तो शायद उनकी ये आखिरी फ्लाइट होने वाली थी।

यात्रियों को हुई काफी दिक्कत
हालांकि, पायलट ने भले ही यात्रियों की जान बचा लिया हो, लेकिन एयरलाइंस कंपनी ने लोगों को जमकर परेशान किया है। कई यात्रियों को उन फ्लाइटों के जरिए न्ययॉर्क भेजा, जिनमें काफी ज्यादा भीड़ थी। जर्मनी की रहने वाली 18 साल की माजा श्मिट, जो किसी काम से न्यूयॉर्क जा रही थी, उन्होंने कहा कि, वो नॉनवेज नहीं खाती हैं और एयरलाइंस कंपनी के पास वेज खाना ही नहीं था, जिसके बाद उन्हों सिर्फ बिस्किट खाकर समय बिताना पड़ा। उनके अलावा अपनी जिंदगी में दूसरी बार फ्लाइट पर चढ़ने वाले 22 साल के ओलिवर सोमरबर्ग, जो जर्मनी के हैम्बर्ग के रहने वाले हैं, उन्होंने कहा कि, ''यह काफी पागलपन भरा वक्च था और मुझे कुछ भी नहीं पता चल रहा था, कि आखिर बो क्या रहा था। हमें सिर्फ फ्लाइट में कुछ दिक्कत होने की जानकारी दी गई थी और उसके अलावा हमें कुछ भी नहीं पता था, क्या हो रहा है। वे हमें कुछ नहीं बता रहे थे''।
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