ICJ में भारत ने कहा फैसले से पहले ही जाधव को फांसी पर लटका सकता है पाकिस्तान
पाकिस्तान ने अप्रैल में सुनाई थी कुलभूषण जाधव को मौत की सजा। पिछले दिनों इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने जाधव की सजा पर रोक लगा दी थी।
हेग। नीदरलैंड के हेग में स्थित इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस यानी आईसीजे में पाकिस्तान में सजा पाए कुलभूषण जाधव की मौत की सजा पर सुनावाई शुरू हो गई है। आठ मई को भारत ने जाधव की सजा पर रोक लगाने के लिए आईसीजे की शरण ली थी। इसके बाद मंगलवार को आईसीजे ने पाकिस्तान से जाधव की मौत की सजा पर रोक लगाने के लिए कहा था। भारत की ओर से इस मामले को जाने-माने वकील हरीश साल्वे कोर्ट में पेश कर रहे हैं।

पाक ने तोड़ी है विएना संधि
भारत की ओर से इस मामले को जाने-माने वकील हरीश साल्वे कोर्ट में पेश कर रहे हैं। भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है कि उसने कुलभुषण जाधव को काउंसलर से मिलने न देकर विएना संधि को तोड़ा है। पाकिस्तान ने जाधव पर जासूसी और भारत की इंटेलीजेंस एजेंसी रॉ का एजेंट होने का आरोप लगाया है। वहीं भारत ने पाकिस्तान के इन सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है। आपको बता दें कि पाकिस्तान ने इंडियन नेवी के पूर्व ऑफिसर 46 वर्षीय कुलभुषण जाधव को जासूसी के आरोप में मौत की सजा सुनाई है। भारत ने आईसीजे से मांग कर कहा है कि पाकिस्तान उन सभी उपायों को सुनिश्चित करे जिसके तहत जाधव को फांसी न हों। आर्टिकल 74 के तहत एक अस्थायी उपाय के लिए अनुरोध किया गया है जिसे बाकी अनुरोधों की जगह प्राथमिकता दी जाएगी। अदालत में भारत की जिरह को सुबह 11:30 बजे तक सुना गया है। भारत की ओर से साल्वे ने कहा है कि जाधव को अपनी रक्षा करने की मंजूरी देनी चाहिए और पाकिस्तान मानवाधिकारों से इनकार नहीं कर सकता है। साल्वे ने कहा कि जाधव को पाकिस्तान ने उनके अधिकारों के बारे में जानकारी नहीं दी। उनका ट्रायल उन्हें जानकारी दिए बिना चलाया गया। साल्वे ने कहा कि जाधव को ईरान में किडनैप किया गया और फिर दबाव डालकर उनसे गुनाह कुबूल कराया गया।
15 जज लेंगे जाधव पर फैसला
अब दोपहर में तीन से से 3:30 बजे तक पाकिस्तान का पक्ष सुना जाएगा। अदालत की ओर से कहा गया है कि दोनों पक्ष सिर्फ उन मुद्दों तक की खुद को सीमित रखें जो जरूरी हैं। भारत का कहना है कि पाकिस्तान कोर्ट के फैसले से पहले ही जाधव को फांसी पर लटका सकता है। ऐसे में उनकी जान को खतरा हैं। भारत और पाकिस्तान दोनों ही विएना संधि को मानते हैं। भारत और पाकिस्तान दोनों ही 18 वर्ष बाद इंटरनेशनल कोर्ट में आमने-सामने हैं। वर्ष 1999 में पाकिस्तान ने अपना एक नेवी एयरक्राफ्ट क्रैश होने के बाद आईसीजे की शरण ली थी। पाक का कहना था भारत ने उसके एयरक्राफ्ट को गिराया है। आईसीजे के 15 जज इस बात का फैसला करेंगे कि क्या वाकई पाकिस्तान ने जाधव को उसके अधिकारों से वंचित रखा है। यह भी माना जा रहा है कि इस मामले में यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ कोई फैसला आ सकता है। भारत का पहला दावा है कि पाकिस्तान ने विएना संधि के आर्टिकल 36 को तोड़ा है जिसके तहत विदेश नागरिकों को काउंसलर मुहैया कराया जाता है। आर्टिकल 36 के तहत कुलभुषण जाधव को उनके उस अधिकार के बारे में जानकारी देनी चाहिए तिसके तहत उन्हें भारतीय दूतावास के अधिकारियों से मिलने की मंजूरी थी। इसके साथ ही भारतीय राजदूत को जाधव से मिलने और उनसे बातचीत करने की मंजूरी दी जानी चाहिए।
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