1200 किलो मीटर की यात्रा कर यूक्रेन से स्लोवाकिया पहुंचा 11 साल का हसन अपने परिवार से दोबारा मिला
11 साल का बच्चा जो रूस के हमलों से जान बचाने के लिए 750 मील की यात्रा कर स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचा था, आखिरकार अपने परिवार से वापस मिल गया है।
कीव, 19 मार्च। रूसी सेना ने पूरे यूक्रेन को तबाह कर के रख दिया है। हर तरफ लाश, मलबे के ढेर और धुएं का गुबार नजर आ रहा है। अब तक लाखों लोग यूक्रेन से भागकर पड़ोसी देशों में शरण ले चुके हैं। यूक्रेन के ज़ापोरिज़्ज़िया में रहने वाला 11 साल का बच्चा जो रूस के हमलों से जान बचाने के लिए 750 मील की यात्रा कर स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचा था, आखिरकार अपने परिवार से वापस मिल गया है।
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मां ने हसन को अकेले ही रवाना कर दिया था
कुछ दिनों पहले 11 साल क इस बच्चे हसन पिसेका की कहानी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही थी। दरअसल हसन पिसेका की मां उसकी नानी को अकेला नहीं छोड़ सकती थीं क्योंकि वह काफी बीमार थीं, इसलिए उन्होंने हसन को एक पासपोर्ट, 2 छोटे बैग और अपने किसी रिश्तेदार के फोन नंबर के साथ बॉर्डर पार जाने वाली ट्रेन में चढ़ा दिया था। इसके बाद कुछ अधिकारियों की मदद से वह जैसे तैसे स्लोवाकिया पहुंचने में कामयाब रहा था।

हम खुश हैं क्योंकि हम जिंदा हैं
आखिरकार हसन उसके घरवालों को फिर से मिल गया है। हसन को मिलाने में उसके हाथ पर लिखे फोन नंबर ने पूरी मदद की। अधिकारियों ने उसके हाथ पर लिखे नंबर पर संपर्क साधा और तब जाकर वह अपनी मां से मिल सका। हसन के चार भाई भहन हैं। अपने परिवार से मिलकर हसन बेहद खुश है। हसने के कहा कि फिलहाल वह अपने भविष्य के बारे में नहीं सोच रहा है, उसे इस बात की खुशी है कि वह जिंदा है। उन्हें कहा कि यह यात्रा उसके सबसे भयानक अनुभवों में से एक है।

हमने अपना सब कुछ खो दिया है
हसन की मां यूलिया पिसेका ने बताया कि उनके लिए ट्रेन का सफर बेहद मुश्किल था, लेकिन हमें अपने परिवार को एक करने के लिए वहां से भागना ही था। हम अपना सब कुछ खो चुके हैं लेकिन खुशी इस बात की है कि हम जिंदा है। उन्होंने कहा कि मैं सभी का तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहूंगी। अब हमें शून्य से शुरुआत करनी होगी। यूलिया ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उनके परिवार को भागना पड़ा है इससे पहले उन्हें अपने पति को छोड़ अपने बच्चों के साथ सीरिया भागना पड़ा था।

हसन के साहस और मजबूत इरादों के कायल हुए अधिकारी
जब हसन बॉर्डर पर पहुंचा तो उसकी निडरता, मुस्कुराहट और मजबूत इरादों ने सभी अधिकारियों का दिल जीत लिया। अधिकारियों ने जब तक उसकी देखभाल की तब तक वह अपने परिवार से नहीं मिल गया।












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