उड़ान योजना को मिला 'सुपर पावर'! भारत में ही बनेगा यात्री विमान, रूस से करार, चीन-अमेरिका दोनों चौंके
HAL SJ-100 Passenger Aircraft: भारत में पहली बार पूर्ण यात्री विमान (passenger aircraft) के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने रूसी कंपनी यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉर्पोरेशन (UAC) के साथ SJ-100 जेट बनाने के लिए एक ऐतिहासिक MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। यह करार भारत के 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान और नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए एक बड़ा कदम है।
HAL का मानना है कि SJ-100 जेट उड़ान योजना के तहत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए गेमचेंजर साबित होगा, जिससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। यह अमेरिका के लिए भी एक बड़ा संदेश है, क्योंकि भारत-रूस रक्षा संबंधों के बाद अब एयरोस्पेस में भी साझेदारी मजबूत हो रही है।

उड़ान योजना के लिए गेमचेंजर SJ-100
SJ-100 जेट एक दो इंजनों वाला नैरो-बॉडी एयरक्राफ्ट है, जिसे वर्तमान में 16 से अधिक कमर्शियल एयरलाइनें संचालित कर रही हैं और अब तक 200 से अधिक विमानों का निर्माण हो चुका है। HAL का मानना है कि यह विमान भारत की केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'उड़ान योजना' (UDAN Scheme) के तहत कम दूरी की कनेक्टिविटी के लिए एक गेमचेंजर साबित होगा। इस समझौते के तहत, HAL को घरेलू उपभोक्ताओं के लिए SJ-100 जेट बनाने का विशेष अधिकार प्राप्त होगा। यह क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत करेगा और छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ने में मदद करेगा।
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भारत-रूस भरोसे का नतीजा और 450 विमानों की अनुमानित ज़रूरत
HAL ने इस समझौते को अपने और रूसी कंपनी UAC के बीच आपसी भरोसे का नतीजा बताया है। भारत में यात्री विमान निर्माण का आखिरी प्रोजेक्ट HAL का ही AVRO HS-748 था, जिसका उत्पादन 1961 में शुरू होकर 1988 में समाप्त हो गया था। यह नया करार भारत के एयरोस्पेस इतिहास में 30 वर्षों से अधिक समय बाद एक नए अध्याय की शुरुआत है।
भारतीय एविएशन सेक्टर को अगले 10 वर्षों में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 200 से अधिक नैरो-बॉडी यात्री विमानों की जरूरत पड़ने का अनुमान है। वहीं, हिंद महासागर के आस-पास के देशों में अंतरराष्ट्रीय टूरिस्ट डेस्टिनेशन के लिए भी अतिरिक्त 350 विमानों की आवश्यकता होगी, जिससे कुल मिलाकर करीब 450 SJ-100 जेट की बड़ी मांग पैदा हो सकती है।
'आत्मनिर्भर भारत' और रोजगार का बड़ा अवसर
HAL का कहना है कि SJ-100 एयरक्राफ्ट का भारत में निर्माण भारतीय एविएशन इंडस्ट्री के इतिहास में एक नया अध्याय है। यह नागरिक उड्डयन क्षेत्र में 'आत्मनिर्भर भारत' के सपने को साकार करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है। इससे देश का निजी क्षेत्र भी मजबूत होगा और इस क्षेत्र में सीधे और परोक्ष रूप से रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे। यह करार न केवल भारत की हवाई यात्रा क्षमताओं को बढ़ाएगा बल्कि वैश्विक एयरोस्पेस विनिर्माण मानचित्र पर देश की स्थिति को भी मजबूत करेगा।
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