Russia-Pakistan Relation: करीब आ रहे पुतिन और शहबाज! सेनाओं ने साथ की मिलिट्री एक्सरसाइज, आगे क्या?
Russia-Pakistan Relation: पाकिस्तान और रूस एनर्जी, मिनरल्स और ट्रेड में सहयोग को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी में हैं। हाल ही में, 7 से 10 अक्टूबर 2025 के बीच रूस के सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल गैस फोरम के दौरान दोनों देशों के बीच कई हाईलेवल बैठकें हुईं। इन चर्चाओं में ज्वॉइंट्स प्रोजेक्ट, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और फील्ड कॉन्टेक्ट को मजबूत करने पर जोर दिया गया। पाकिस्तान ने इस अवसर पर विदेशी निवेशकों को अपने देश में आयोजित होने वाले मिनरल्स इन्वेस्टमेंट फोरम में भाग लेने का न्योता भी दिया।
रूस में सेनाओं की ज्वॉइंट प्रैक्टिस
बीबीसी में छपी रिपोर्ट के मुताबिक इसी दौरान रूस के दक्षिणी सैन्य जिले में पाकिस्तान और रूस की सेनाओं ने ज्वॉइंट एंटी टेररिस्ट मिलिट्री एक्सरसाइज की। इस एक्सरसाइज को 'फ्रेंडशिप-2025' नाम दिया गया। करीब 200 सैनिकों ने इसमें हिस्सा लिया और आतंकवाद से निपटने की रणनीतियों की प्रैक्टिस की। रूस का ये कदम दोनों देशों के बढ़ते रक्षा संबंधों का संकेत माना जा रहा है।

शहबाज़ शरीफ़ और पुतिन की मुलाकात
सितंबर में बीजिंग में आयोजित बैठक के दौरान प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के साथ-साथ रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की थी। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क के क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने की इच्छा जताई।
पेट्रोलियम मंत्री भी गए रूस
पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज़ मलिक ने 7 से 10 अक्टूबर तक आयोजित 14वें सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल गैस फोरम (SPIG-2025) में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने पाकिस्तान की ऊर्जा नीतियों में हो रहे सुधार, इन्वेस्टर्स के लिए बिजनेस करने लायक माहौल और स्थायी विकास की दिशा में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी।
एनर्जी पर फोक्स
'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की 14 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री मलिक ने बताया कि पाकिस्तान एनर्जी सेक्टर में दोनों देशों के सहयोग को प्राथमिकता दे रहा है। उनका कहना था कि इससे विदेशी निवेशक आकर्षित होंगे और देश की ऊर्जा स्थिरता लंबे समय के लिए सुनिश्चित होगी।
रूस से भी तेल का गेम
रूस यात्रा के दौरान मलिक ने 'गैज़प्रोम' के चेयरमैन अलेक्सी मिलर से लंबी चर्चा की। दोनों पक्षों ने पाकिस्तान की ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (OGDCL) और गैज़प्रोम के बीच तेल की खोज, ज्वॉइंट बिजनेस और इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई।
रूसी इन्वेस्टर्स को बुलावा
मलिक ने रूस की कंपनियों रुसजियो और नेद्रा डिजिटल के अधिकारियों से भी मुलाकात की। इन बैठकों में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, खनन क्षेत्र में निवेश के अवसरों और संयुक्त परियोजनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। उन्होंने वैश्विक निवेशकों को पाकिस्तान के मिनरल्स इन्वेस्टमेंट फोरम में शामिल होने का न्योता भी दिया।
शरीफ़-पुतिन बैठक के बाद बढ़ा भरोसा
अली परवेज़ मलिक की यह यात्रा उस समय हुई जब 2 सितंबर को बीजिंग में प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और राष्ट्रपति पुतिन के बीच मुलाकात हुई थी। उस बैठक में दोनों नेताओं ने ऊर्जा, व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।
पुतिन ने पाकिस्तान को बताया 'पारंपरिक साझेदार'
बीजिंग मुलाकात के दौरान शरीफ़ ने कहा था कि पाकिस्तान भारत और रूस के संबंधों का सम्मान करता है, लेकिन वह रूस के साथ व्यापार, ऊर्जा और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में और गहराई से जुड़ना चाहता है। जवाब में पुतिन ने पाकिस्तान को "पारंपरिक साझेदार" बताते हुए द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। उन्होंने शरीफ़ को नवंबर में रूस आने का निमंत्रण दिया, जिसे प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया।
भारत में उठे सवाल- JF-17 इंजन पर विवाद
रूस और पाकिस्तान की बढ़ती नज़दीकियों के बीच भारत में बहस छिड़ गई है। चर्चा इस बात की है कि रूस पाकिस्तान को चीन निर्मित JF-17 लड़ाकू विमान के इंजन उपलब्ध करा रहा है। इस खबर ने भारतीय राजनीति में हलचल मचा दी है।
भारत का प्लान?
उधर, हिंदुस्तान टाइम्स की 6 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, भारत का रक्षा मंत्रालय पांच और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की संयुक्त खरीद या खुद बनाने पर विचार कर रहा है। यह सौदा संभवतः 5 दिसंबर को पुतिन की भारत यात्रा से पहले मंजूर हो सकता है। माना जा रहा है कि इससे भारत की लंबी दूरी की रक्षा क्षमता और मजबूत होगी।
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