तीन भारतीय नागरिक को अपने देश में रुकना पड़ा भारी, US ने नहीं दी एंट्री, जानिए क्या है मामला?
H1b visas cancelled for staying in india: अमेरिका में नौकरी करने जा रहे तीन भारतीय H-1B वीज़ा धारकों को उस समय बड़ा झटका लगा, जब अमेरिकी सीमा सुरक्षा अधिकारियों ने उन्हें अबू धाबी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ही रोककर वीज़ा रद्द कर दिया और अमेरिका में प्रवेश से मना कर दिया। तीनों भारतीय नागरिकों ने भारत में निर्धारित अधिकतम अवधि (60 दिन) से ज्यादा समय बिताया था। इनमें से एक व्यक्ति ने करीब तीन महीने, जबकि अन्य दो ने इससे भी अधिक समय भारत में बिताया।
हालांकि उन्होंने आपातकालीन कारणों के प्रमाण और नियोक्ता कंपनियों द्वारा दिए गए समर्थन पत्र भी पेश किए, लेकिन यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने उनके दस्तावेज़ों को नामंज़ूर करते हुए उन्हें भारत वापस भेज दिया।

अबू धाबी में वीज़ा रद्द, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ मैसेज
अबू धाबी एयरपोर्ट पर अमेरिका की इमिग्रेशन प्रक्रिया से गुजरते वक्त एक भारतीय H-1B वीज़ा धारक का अनुभव सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। प्रभावित व्यक्ति ने एक सोशल मीडिया यूज़र को भेजे गए मैसेज में लिखा, 'अबू धाबी में अमेरिकी इमिग्रेशन में हमारा अनुभव बेहद कठिन रहा। H-1B वीज़ा रद्द कर दिया गया और हमें अमेरिका में प्रवेश नहीं करने दिया गया, क्योंकि हमने भारत में दो महीने से अधिक समय बिताया।' प्रभावित व्यक्ति ने बताया कि उन्होंने आपातकालीन स्थिति के सारे प्रमाण, कंपनी के अनुमोदन ईमेल, और समर्थन पत्र भी CBP अधिकारियों को दिखाए, लेकिन फिर भी उनका वीज़ा रद्द कर दिया गया।
क्या होता है H-1B वीज़ा?
H-1B एक गैर-आप्रवासी वीज़ा है जो अमेरिकी कंपनियों को तकनीकी क्षेत्रों (जैसे IT, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, बिज़नेस आदि) में विदेशी कुशल श्रमिकों को अस्थायी रूप से नौकरी देने की अनुमति देता है।
इस वीज़ा को पाने के लिए
Employer को श्रम विभाग (Department of Labor) से मंजूरी लेनी होती है
Form I-129 के माध्यम से अमेरिकी नागरिकता और आव्रजन सेवा (USCIS) को याचिका भेजनी होती है
आमतौर पर, H-1B वीज़ा की अवधि 6 वर्ष होती है, जिसे विशेष परिस्थितियों में बढ़ाया जा सकता है।












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