US Visa: अमेरिका जाने वालों के लिए बड़ा झटका, नई वीजा इंटरव्यू प्रक्रिया पर रोक, जानिए किन लोगों पर होगा असर?
US Visa: अमेरिका ने दुनिया भर में अपने दूतावासों पर छात्र वीज़ा (F, M और J कैटेगरी) के लिए नई इंटरव्यू शेड्यूलिंग पर अस्थायी रोक लगा दी है। हालांकि, पहले से तय इंटरव्यू अपनी निर्धारित तिथि पर ही आयोजित किए जाएंगे। यह कदम ट्रंप प्रशासन द्वारा विदेशी छात्रों के सोशल मीडिया अकाउंट्स की सख्त जांच के इरादे के तहत उठाया गया है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा मंगलवार को भेजे गए एक गोपनीय राजनयिक संदेश (डिप्लोमैटिक केबल) के ज़रिए यह आदेश जारी किया गया।
रुबियो ने निर्देश में कहा, 'तत्काल प्रभाव से, सोशल मीडिया की जांच और वेटिंग के प्रस्तावित विस्तार की तैयारी में, सभी वाणिज्य दूतावासों को निर्देशित किया जाता है कि वे किसी भी नए छात्र या एक्सचेंज विज़िटर वीज़ा इंटरव्यू की स्लॉट्स ना जोड़ें, जब तक कि आगे के निर्देश जारी नहीं किए जाते।'

American Visa: छात्र नहीं, 'प्रदर्शनकारी' आ रहे हैं?
इस कदम ने उन हज़ारों छात्रों की चिंता बढ़ा दी है जो अमेरिका में उच्च शिक्षा का सपना देख रहे हैं। रुबियो का यह निर्णय ऐसे समय आया है जब प्रशासन विदेशी छात्रों की एंट्री को राष्ट्रीय सुरक्षा और कैंपस में अस्थिरता से जोड़कर देख रहा है। रुबियो पहले भी अपनी कड़ी राय जाहिर कर चुके हैं। मार्च में उन्होंने कहा था कि कुछ छात्र पढ़ाई के बहाने अमेरिका आते हैं लेकिन उनका असली उद्देश्य विरोध प्रदर्शनों में शामिल होना होता है। उन्होंने टफ्ट्स यूनिवर्सिटी की डॉक्टोरल छात्रा रुमेयसा ओज़तुरक का उदाहरण दिया, जिन्हें गाज़ा के समर्थन में एक लेख लिखने के बाद गिरफ्तार किया गया था और बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।
रुबियो ने सख्त लहजे में कहा, अगर कोई छात्र सिर्फ पढ़ाई के लिए नहीं, बल्कि विश्वविद्यालयों में तोड़फोड़, विरोध प्रदर्शन, छात्रों को डराना, इमारतों पर कब्जा करने और उपद्रव फैलाने जैसे उद्देश्यों से अमेरिका आता है तो उसे वीज़ा नहीं मिलेगा।
हार्वर्ड पर भी नजर
इस वीज़ा फ्रीज़ का फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका की प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) भी सरकार के निशाने पर है। कुछ दिन पहले गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने हार्वर्ड को अंतरराष्ट्रीय छात्रों का नामांकन रोकने की कोशिश की थी, जिसे एक संघीय न्यायालय ने खारिज कर दिया। प्रशासन ने विश्वविद्यालय को मिलने वाली लगभग 100 मिलियन डॉलर की संघीय फंडिंग रद्द करने की चेतावनी दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तो यहां तक कह दिया कि हार्वर्ड को दी जाने वाली अरबों डॉलर की शोध अनुदान राशि भी रोकी जा सकती है।
विद्यार्थियों में गहराई चिंता
यह कदम अब दुनिया भर के उन छात्रों के लिए असमंजस की स्थिति पैदा कर रहा है जो अमेरिका में शिक्षा हासिल करने के इच्छुक हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सोशल मीडिया स्क्रूटनी और वीज़ा नियम और सख्त किए गए, तो अमेरिका के शैक्षणिक संस्थानों में अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या में भारी गिरावट आ सकती है।












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