ग्रेटा थनबर्ग ने भारत की कोरोना स्थिति पर जताया दु:ख, विश्व समुदाय से भारत की मदद करने की अपील
पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने भारत में कोरोना की स्थिति को देखकर ट्वीट किया है। उन्होंने दुख जताते हुए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से भारत की मदद करने की अपील की है।
नई दिल्ली, अप्रैल 25: किसान आंदोलन का समर्थन करने वाली क्लाइमेट चेंज एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने कोरोना से कराहते भारत को लेकर दुख जताया है। ग्रेटा थनबर्ग ने भारत के लिए इंटरनेशनल कम्यूनिटी से भारत के लिए मदद मांगी है। किसान आंदोलन का समर्थन करने वाली ग्रेटा थनबर्ग का उस वक्त भारत में काफी आलोचना का सामना करना पड़ा था और भारत सरकार ने किसान आंदोलन को भारत का आंतरिक मामला बताया था। वहीं इस बार ग्रेटा थनबर्ग ने स्काई न्यूज की एक रिपोर्ट को ट्विटर पर शेयर करते हुए इंटरनेशनल कम्यूनिटी से भारत की मदद करने की अपील की है।
भारत के लिए ग्रेटा थनबर्ग का ट्वीट
स्वीडन की रहने वाली क्लाइमेट चेंज एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग ने कोरोना वायरस की वजह से भारत के बुरे हाल पर दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट के जरिए इंटरनेशनल कम्यूनिटी से भारत के लिए मदद मांगी है। ग्रेटा थनबर्ग ने ट्वीट में लिखा है कि 'भारत की कोरोना वायरस की वजह से जो स्थिति हुई है, उसे देखकर काफी दुख पहुंचा है। ग्लोबल कम्यूनिटी को फौरन दखल देते हुए भारत की मदद करनी चाहिए'। ग्रेटा थनबर्ग के ट्वीट पर हजारों की संख्या में लोग अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोगों ने ट्विटर पर लिखा है कि कोरोना वायरस की वजह से भारत की स्थिति काफी खराब हो चुकी है और ऑक्सीजन की किल्लत से लोग मर रहे हैं। कई लोग ग्रेटा थनबर्ग को ट्वीट करने के लिए धन्यवाद भी कह रहे हैं।
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किसान आंदोलन पर किया था ट्वीट
ग्रेटा थनबर्ग भारत को लेकर उस वक्त चर्चा में आईं थीं, जब उन्होंने किसान आंदोलन के समर्थन में ट्वीट किया था। और फिर टूलकिट मामले को लेकर वो विवादों में घिर गई। ग्रेटा थनबर्ग के खिलाफ भारत में शिकायत भी दर्ज कराने की कोशिश की गई। बीजेपी नेताओं ने ग्रेटा थनबर्ग पर भारत विरोधी शक्तियों के हाथों में खेलने का आरोप लगाया था। वहीं, ग्रेटा थनबर्ग के ट्वीट के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने किसान आंदोलन को भारत का आंतरिक मामला बताया था और प्रमुख हस्तियों से भारत के आंतरिक मामलों में दखल नहीं देने की अपील की थी। वहीं, ग्रेटा थनबर्ग के ट्वीट का कई फिल्मी हस्तियों और क्रिकेट खिलाड़ियों ने विरोध किया था।

कौन हैं ग्रेटा थनबर्ग?
ग्रेटा थनबर्ग स्वीडन की एक पर्यावरण कार्यकर्ता हैं जिनके पर्यावरण आंदोलन को पूरी दुनिया में सराहा गया है। उन्हें 2019 में 'टाइम पर्सन ऑफ द इयर' अवार्ड भी मिल चुका है। ग्रेटा थनबर्ग पर्यावरण और जलवायु संकट का अहम चेहरा बन चुकी हैं, और उनका किसान आंदोलन को समर्थन करने का मतलब इस आंदोलन को इंटरनेशनल स्तर पर ले जाना है। ग्रेटा थनबर्ग संयुक्त राष्ट्र में भी क्लाइमेट चेंज पर भाषण दे चुकी हैं, जिसे पूरी दुनिया में काफी प्रसिद्धि मिली थी।

भारत में कोरोना वायरस का कहर
देश में कोरोना वायरस का कहर जारी है, क्या आम और क्या खास सभी इसके चपेट में हैं। रविवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक बीते 24 घंटों में देश में कोरोना के 3,49,691 नए केस सामने आए हैं, जो कि एक दिन के हिसाब से बहुत ज्यादा आंकड़े हैं। नए केसों के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या 1,69,60,172 हो गई है तो वहीं 24 घंटे के अंदर कोरोना 2,767 लोगों ने दम तोड़ा है, जिसके बाद मौत का आंकड़ा 1,92,311 पहुंच गया है। भारत में अब एक्टिव केस 26,82,751 हैं, जबकि 1,40,85,110 लोग ठीक होकर अस्पताल से घर जा चुके हैं, तो वहीं देश में अब तक 14,09,16,417 लोगों को कोरोना का टीका लग चुका है। बीते 24 घंटों में 25,36,612 लोगों का वैक्सीनेशन हुआ है।












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