बड़ी राहत! अमेरिका ने बदली अपनी पॉलिसी, अब आसानी से भारत आ सकेगा वैक्सीन का कच्चा माल
नई दिल्ली, 5 जून: कोरोना महामारी से निपटने के लिए भारत सरकार जल्द से जल्द ज्यादा आबादी को टीका देने चाहती है, लेकिन वैक्सीन उत्पादन की प्रक्रिया काफी धीमी है। इसके पीछे कच्चे माल की आपूर्ति में कमी बताई जा रही है, जो अमेरिका से आयात होती है। हालांकि अब बाइडेन प्रशासन ने यूनाइटेड स्टेट्स डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट (डीपीए) के तहत कुछ प्रतिबंधों में ढील दे दी है। जिसके बाद सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया जैसे कई वैक्सीन निर्माताओं ने राहत की सांस ली है।

मामले में अमेरिकी प्रशासन ने कहा कि हम एस्ट्राजेनेका, नोवावैक्स और सनोफी के लिए डीपीए प्राथमिकता रेटिंग घटा रहे हैं, जबकि निर्माता इन तीन टीकों को बनाना जारी रखेंगे। इस कार्रवाई से इन वैक्सीन निर्माताओं की आपूर्ति करने वाली यूएस-आधारित कंपनियों को अपने निर्णय लेने की अनुमति मिलेगी। साथ ही वो तय करेंगी कि किस देश को पहले माल सप्लाई करना है।
वहीं अमेरिका के इस फैसले के बाद सीरम इंस्टीट्यूट के प्रमुख अदार पूनावाला ने ट्वीट करते हुए लिखा कि इस नीति परिवर्तन से विश्वस्तर पर और भारत को भी कच्चे माल की आपूर्ति में वृद्धि होगी। इसके साथ ही हमारी वैक्सीन उत्पादन क्षमता को बढ़ावा मिलेगा और हम एकजुट होकर इस लड़ाई को जीत सकेंगे। वहीं दूसरी ओर कहा जा रहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी अमेरिका की पुरानी नीति पर सवाल उठाए थे। साथ ही कहा था कि उसके रवैये से विश्वस्तर पर वैक्सीन की सप्लाई में काफी कमी आएगी। जिस वजह से बाइडेन प्रशासन ने ये फैसला लिया है।












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