गाजा पट्टी कैसे बनी पत्रकारों की कब्रगाह, अल जज़ीरा के अनस अल शरीफ समेत अब तक कितने जर्नलिस्ट मारे गए?

How Many Journalists Killed in Gaza: दुनिया के नक्शे पर पश्चिम एशिया में इजरायल और मिस्र के बीच बसा लगभग 41 किमी लंबा और 6-12 किमी चौड़ा, घनी आबादी वाला क्षेत्र गाजा पट्टी पत्रकारों की कब्रगाह भी बन चुका है। यहां खबर लिखना और सच दिखाना, मौत को दावत देने जैसा हो गया है।

10 अगस्त 2025 को देर रात गाजा के अल-शिफा अस्पताल के बाहर पत्रकारों के ठिकाने पर लगे मीडिया-टेंट पर हुए ड्रोन हमले में अंतरराष्ट्रीय समाचार संगठन अल-जजीरा के 28 वर्षीय पत्रकार अनस अल-शरीफ और उनके कई सहयोगी मारे गए। इस घटना की पुष्टि कई प्रमुख समाचार एजेंसियों ने की है।

How Many Journalists Killed in Gaza

कौन-कितने पत्रकारों की मौत के दावे कर रहा?

अल जजीरा के मुताबिक गाजा पर युद्ध शुरू करने के बाद से इजरायल ने लगभग 270 पत्रकारों और मीडियाकर्मियों की हत्या कर दी है। हालांकि न्यूयॉर्क स्थित संगठन कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स (CPJ) ने 192 और अंतर्राष्ट्रीय पत्रकार संघ (IFJ) ने 180-181 पत्रकारों की मौत होने की बात कही है।

पहले भी निशाने पर रहे अल जजीरा के पत्रकार

यह पहला मौका नहीं है जब अल जजीरा के पत्रकारों को सीधे निशाना बनाया गया हो। इससे पहले, गाजा युद्ध की कवरेज के दौरान कम से कम 5 अल जजीरा पत्रकार इजरायली हमलों में मारे जा चुके हैं।

  • 14 दिसंबर 2023: कैमरामैन सामेर अबू दाअका को खान यूनिस में एयर स्ट्राइक में घायल कर छोड़ दिया गया, मदद पहुंचने से रोका गया, और वह मौके पर ही दम तोड़ बैठे।
  • 7 जनवरी 2024: गाजा ब्यूरो चीफ वायल दाहदोह के बेटे, पत्रकार हमजा दाहदोह, मिसाइल हमले में मारे गए।
  • 31 जुलाई 2024: इस्माइल अल-घोल और कैमरामैन रामी अल-रीफी की शरणार्थी शिविर में मौत हुई।
  • 15 दिसंबर 2024: अहमद अल-लूह नुसेरत कैंप में एयरस्ट्राइक में मारे गए।
  • 24 मार्च 2025: होस्साम शबात (23) उत्तरी गाजा में रिपोर्टिंग करते हुए हमले में मारे गए।

पत्रकारों के लिए सबसे घातक युद्ध

ब्राउन यूनिवर्सिटी के 'कॉस्ट ऑफ वॉर' प्रोजेक्ट के मुताबिक, गाजा युद्ध में जितने पत्रकार मारे गए हैं, वह संख्या अमेरिकी गृह युद्ध, प्रथम विश्व युद्ध, द्वितीय विश्व युद्ध, कोरियाई युद्ध, वियतनाम युद्ध, पूर्व यूगोस्लाविया के युद्ध और 9/11 के बाद के अफगानिस्तान युद्ध में मारे गए पत्रकारों की कुल संख्या से भी ज्यादा है।
रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (RSF) के अनुसार, साल 2024 पत्रकारों के लिए सबसे घातक साल रहा, जिसमें 120 से अधिक पत्रकार मारे गए। 2025 में अब तक 50 से ज्यादा पत्रकार इजरायली हमलों में मारे जा चुके हैं।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और आरोप

अल जजीरा ने इसे "प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा और पूर्वनियोजित हमला" करार दिया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता ने घटना की जांच की मांग की, जबकि एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे युद्ध अपराध बताया और अनस अल शरीफ को "बहादुर और असाधारण" पत्रकार की संज्ञा दी। वहीं, इजरायली सेना ने आरोप लगाया कि अनस प्रतिबंधित संगठन हमास के लिए काम कर रहा था।

गाजा-इजरायल संघर्ष टाइमलाइन: 1948 से अब तक

1948-1949: इजरायल का गठन और पहला युद्ध

मई 1948 में इजरायल की स्थापना हुई। अरब देशों और फिलिस्तीनियों ने इसका विरोध किया। युद्ध छिड़ा। पहले युद्ध के अंत में गाजा पट्टी मिस्र के नियंत्रण में आ गई, जबकि वेस्ट बैंक जॉर्डन के पास गया। लाखों फिलिस्तीनी शरणार्थी बने।

1967: छह-दिवसीय युद्ध

इजरायल ने मिस्र, जॉर्डन और सीरिया पर हमला कर गाजा पट्टी, वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम पर कब्जा कर लिया। गाजा सीधे इजरायली सैन्य प्रशासन के अधीन आ गया।

1987-1993: पहला इंतिफादा (First Intifada)

गाजा और वेस्ट बैंक में इजरायली कब्जे के खिलाफ फिलिस्तीनी जन विद्रोह शुरू हुआ। हमास (Hamas) का गठन 1987 में इसी दौर में हुआ।

1993-1995: ओस्लो समझौते

इजरायल और फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गेनाइजेशन (PLO) के बीच ओस्लो समझौते पर हस्ताक्षर। फिलिस्तीनी अथॉरिटी (PA) को गाजा और वेस्ट बैंक के कुछ हिस्सों का प्रशासनिक नियंत्रण मिला।

2000-2005: दूसरा इंतिफादा (Second Intifada)

फिलिस्तीनियों और इजरायली बलों के बीच हिंसा तेज हुई। 2005 में इजरायल ने गाजा से अपनी बस्तियां और सेना हटा ली, लेकिन सीमा, हवाई क्षेत्र और समुद्री मार्ग पर नियंत्रण बनाए रखा।

2006-2007: हमास का सत्ता में आना और नाकाबंदी

साल 2006 में हमास ने फिलिस्तीनी चुनाव जीते। 2007 में हमास ने गाजा पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया। इजरायल और मिस्र ने गाजा पर कड़ी नाकाबंदी लगा दी।

2008-2021: बार-बार युद्ध और संघर्ष

साल 2008-2009, 2012, 2014 और 2021 में इजरायल और हमास के बीच बड़े युद्ध हुए। हजारों फिलिस्तीनी और सैकड़ों इजरायली मारे गए। गाजा की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचा बुरी तरह तबाह हुआ।

7 अक्टूबर 2023: हमास का बड़ा हमला और मौजूदा युद्ध

हमास ने इजरायल पर बड़े पैमाने पर हमला किया, 1,200 से अधिक लोगों की हत्या और सैकड़ों को बंधक बनाया। इजरायल ने गाजा पर व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया। अब तक (अगस्त 2025) 70,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें हजारों बच्चे और पत्रकार शामिल हैं। गाजा को अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं "दुनिया की सबसे बड़ी खुली जेल" और "पत्रकारों की कब्रगाह" कह रही हैं।

गाजा पट्टी (Gaza Strip) क्या है?

गाजा पट्टी पश्चिम एशिया में भूमध्य सागर के किनारे स्थित फिलिस्तीन का छोटा लेकिन बेहद घनी आबादी वाला क्षेत्र है, जिसका क्षेत्रफल मात्र 365 वर्ग किमी और जनसंख्या करीब 24 लाख है। इसके उत्तर व पूर्व में इजरायल, दक्षिण-पश्चिम में मिस्र और पश्चिम में भूमध्य सागर है। लगभग 70% लोग 1948 के अरब-इजरायल युद्ध के बाद विस्थापित परिवारों के वंशज हैं।

साल 2007 से हमास के नियंत्रण में रहने वाले इस इलाके पर इजरायल और मिस्र ने कड़ी नाकाबंदी लगा रखी है, जिससे यहां भोजन, दवा, ईंधन और बिजली की भारी कमी है। लगातार सैन्य संघर्ष और हवाई हमलों ने इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर "दुनिया की सबसे बड़ी खुली जेल" के रूप में कुख्यात बना दिया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+