Gaza Ghost Towns: इजराइल-हमास संघर्ष के 15 महीने तबाही के गवाह! जानें कैसे गाजा बनता गया 'भूतिया शहर'?
Gaza Ghost Towns: इजराइल और हमास के बीच 15 महीने से अधिक समय तक चले संघर्ष के बाद, गाजा पट्टी एक भयावह मलबे में बदल चुकी है। तटीय क्षेत्र में शहरों और शरणार्थी शिविरों की जगह अब मलबों का ढेर नजर आता है। ड्रोन फुटेज और स्थानीय लोगों की गवाही ने इस विनाश को उजागर किया है।
गाजा में इजरायल-हमास संघर्ष ने विनाश की एक ऐसी भयावह तस्वीर पेश की है, जिसे आने वाले दशकों तक भुलाया नहीं जा सकेगा। जबकि इजरायल ने इसे सैन्य अभियान बताया, अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर सवाल उठा रहा है। अब सबसे बड़ी चुनौती है गाजा के पुनर्निर्माण और वहां सामान्य जीवन बहाल करना। आइए आपको रूबरू कराते हैं गाजा के'भूतिया शहरों' की कहानी से...

गाजा के 'भूतिया शहर'
- गाजा के नागरिक बुनियादी ढांचे को गंभीर क्षति पहुंची है।
- शहर के मलबे: राफा, जबालिया और उत्तरी गाजा के शहरी इलाकों में भारी बर्बादी हुई है।
- बुनियादी सुविधाओं का अंत: घर, स्कूल, अस्पताल, और यहां तक कि कब्रिस्तान भी नष्ट हो चुके हैं।
- बफर जोन: इजराइल ने गाजा सीमा के अंदर 1 किलोमीटर चौड़ा बफर ज़ोन बनाया है, जिसमें बड़े पैमाने पर भूमि समतल कर दी गई।
- हुसैन बरकत, जो राफा के निवासी हैं, ने अपने तीन मंजिला घर को मलबे में बदलते देखा। उन्होंने कहा, "यह एक भूत शहर बन चुका है। अब यहां कुछ नहीं बचा।"
विनाश के कारण
इजरायल ने हमास के खिलाफ हवाई और जमीनी अभियान चलाए।
सुरंगों को नष्ट करना:
- हमास द्वारा बनाए गए सुरंग नेटवर्क को खत्म करने के लिए इजरायली सेना ने जमीन के नीचे विस्फोट किए।
- सुरंगों के ऊपर की इमारतें भी पूरी तरह से नष्ट हो गईं।
घने शहरी क्षेत्र:
- घनी आबादी वाले इलाकों में हमास के लड़ाके छिपे हुए थे।
- हमले के दौरान इन क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ।
सैन्य ठिकानों पर हमले:
- इजराइल ने कहा कि अस्पतालों और स्कूलों जैसी इमारतों का इस्तेमाल हमास ने हथियार रखने और हमले के लिए किया।
अंतरराष्ट्रीय संगठनों की प्रतिक्रिया
- एमनेस्टी इंटरनेशनल और ह्यूमन राइट्स वॉच ने इसे "नरसंहार" और "मानवता के खिलाफ अपराध" करार दिया।
- इन संगठनों का दावा है कि विनाश का उद्देश्य गाजा के निवासियों को स्थायी रूप से विस्थापित करना है। यह सिर्फ सैन्य रणनीति नहीं, बल्कि एक व्यापक योजना का हिस्सा है।
इजरायल का जवाब:
इजरायल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह सैन्य गतिविधियों का नतीजा है। उनका कहना है कि नुकसान को कम करने की कोशिश की गई, लेकिन घनी आबादी और हमास की रणनीतियों ने इसे मुश्किल बना दिया।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
रॉयल यूनाइटेड सर्विसेज इंस्टीट्यूट के सैन्य विशेषज्ञ मैथ्यू सैविल के मुताबिक गाजा जैसे घने शहरी इलाके में लड़ाई में भारी नुकसान सामान्य है। सुरंग नेटवर्क को खत्म करने और हमास के ठिकानों पर हमले के कारण बड़े पैमाने पर विनाश हुआ। उन्होंने कहा कि इमारतों को गिराने का निर्णय सशस्त्र संघर्ष के कानून के तहत होता है।
पुनर्निर्माण की चुनौती
गाजा के पुनर्निर्माण में दशकों का समय लग सकता है।
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संरचनाओं की बर्बादी: हजारों इमारतें पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए बड़ी आर्थिक और तकनीकी सहायता की जरूरत है।
- स्थायी विस्थापन: हजारों लोग अपने घर खो चुके हैं और शरणार्थी शिविरों में रहने को मजबूर हैं।
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