नेपाल के बाद भारत के इस मित्र देश में हिंसक प्रदर्शन, सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरे लोग, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
France protest like Nepal Gen-Z: नेपाल में हाल ही में हुए Gen-Z आंदोलन की तरह, फ्रांस में भी जनता ने सरकार की नीतियों और आर्थिक संकट के खिलाफ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया। बुधवार (10 सितंबर) सुबह पेरिस और अन्य बड़े शहरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भीषण टकराव हुआ।
'ब्लॉक एवरीथिंग' अभियान ने पूरे देश में परिवहन व्यवस्था ठप्प कर दी। राजधानी पेरिस में अकेले 200 से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए। प्रदर्शनकारी सड़कें जाम कर रहे हैं, रेलवे हब और पेट्रोल पंपों पर हमला कर रहे हैं। सरकार ने 80,000 से ज्यादा सुरक्षा बल तैनात किए हैं। इस रिपोर्ट में जानते हैं कि क्यों भड़का यह आंदोलन और क्या है मामला।

क्यों भड़का आंदोलन?
फ्रांस इन दिनों बड़े राजनीतिक और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। हाल ही में प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बायरो (François Bayrou resignation) को संसद में समर्थन नहीं मिला और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। इसके बाद सेबास्टियन लेकोर्नू को नया प्रधानमंत्री बनाया गया। बायरो ने देश का कर्ज कम करने के लिए करीब 3.7 लाख करोड़ रुपये की कटौती योजना पेश की थी। इस फैसले का असर सीधे आम लोगों की जिंदगी पर पड़ा क्योंकि कई सामाजिक और आर्थिक सुविधाओं में कटौती करनी पड़ी।
इस वजह से लोगों का गुस्सा भड़क गया। पहले से ही बेरोजगारी, महंगाई और अमीर-गरीब की बढ़ती खाई लोगों को परेशान कर रही थी। ऐसे में सरकार का नया कदम लोगों को और नाराज़ कर गया।
युवा, मजदूर और आम नागरिक सड़कों पर उतर आए और बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। लोगों का कहना है कि यह सिर्फ आर्थिक फैसलों की वजह से नहीं बल्कि लंबे समय से चली आ रही बेरोजगारी, महंगाई और असमानता के खिलाफ आवाज है। कई लोग मानते हैं कि सरकार पर से जनता का भरोसा टूट गया है और यही इस आंदोलन की असली वजह है।
प्रदर्शनकारियों ने कचरे के डिब्बे जला दिए
'ब्लॉक एवरीथिंग' अभियान के तहत प्रदर्शनकारी सड़कें जाम कर रहे हैं, रेलवे हब पर कब्जा कर रहे हैं और बैरिकेड्स लगाकर शहरों को रोक रहे हैं। पेरिस (Paris protest news), बोरदॉ, मार्सिले और अन्य शहरों में प्रदर्शनकारियों ने कचरे के डिब्बे जला दिए और पुलिस पर बोतलें और फ्लेयर्स फेंके। राजधानी के Gare du Nord स्टेशन पर भीड़ ने रेलवे संचालन बाधित किया।
कुछ समूहों ने लूटपाट की अपील की
सोशल मीडिया पर कुछ समूहों ने दुकानों और पेट्रोल पंपों में लूटपाट की अपील भी की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी हिंसक गतिविधि को गंभीरता से देखा जाएगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, जैसे-जैसे दिन बढ़ेगा, भीड़ और भड़क सकती है।
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80,000 से अधिक पुलिस तैनात
सरकार ने 80,000 से अधिक पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन को काबू में करना और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखें।
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