समुद्र के अंदर दिखी 'नई दुनिया', भारत से दोगुना बड़े क्षेत्रफल में सिर्फ जंगल, और क्या-क्या मिला?

नई दिल्ली: पृथ्वी का 71 प्रतिशत हिस्सा पानी से ढका हुआ है। आज के युग में वैज्ञानिकों के पास हाईटेक उपकरण हैं, लेकिन अभी तक वो समुद्र का पूरा हिस्सा नहीं खंगाल पाए हैं। अब वैज्ञानिकों को पानी के अंदर बड़े जंगल मिले हैं। हाल ही में उनका नक्शा भी तैयार कर लिया गया। ये जंगल ठीक उसी तरह से हैं जैसे जमीन पर पाए जाते हैं, बस इनकी वनस्पतियों में अंतर है। (यूट्यूब वीडियो से स्कीनशॉट)

वीड और केल्प के जंगल

वीड और केल्प के जंगल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक समुद्री दुनिया हमारी सोच से बहुत ज्यादा अनोखी है। लोगों को अब तक लगता था कि उसके अंदर पानी या फिर कुछ खास जगहों पर चट्टानें हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। समुद्र के अंदर अब बड़े-बड़े केल्प और समुद्री वीड के जंगलों का पता चला है। इनका क्षेत्रफल भारत के क्षेत्रफल से भी ज्यादा बड़ा है, यानी अगर आप इसकी यात्रा पर निकलते हैं, तो इसे पूरा देखने में आपकी हालत खराब हो जाएगी।

कहां पर मिला?

कहां पर मिला?

जमीन पर पाए जाने वाले जंगल में अलग-अलग तरह की वनस्पतियां और जीव-जंतु पाए जाते हैं। उसी तरह समुद्र के अंदर मिले इस जंगल में भी एक अलग दुनिया है। वहां पर जलीय जीवों की कई प्रजातियां रहती हैं। इस मामले में रिसर्च कर रहे विशेषज्ञों के मुताबिक ये समुद्री जंगल दक्षिण अफ्रीका के तटों के नीचे ग्रेट अफ्रीकन सीफॉरेस्ट और ऑस्ट्रेलिया के पास ग्रेट साउदर्न रीफ में मौजूद हैं। उनका मानना है कि ये बहुत ही छोटी खोज है, इससे ज्यादा जंगल अभी पानी के अंदर मिल सकते हैं।

क्यों हो रहे तबाह?

क्यों हो रहे तबाह?

ग्लोबल इकोलॉजी एंड बायोजियोग्राफी जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक जलवायु परिवर्तन का बहुत बुरा असर इन जंगलों पर पड़ रहा है। पृथ्वी के बढ़ते तापमान की वजह से समुद्री जंगल लगातार तबाह हो रहे हैं। साथ ही इनके विस्तार की क्षमता भी खत्म हो रही। वहीं ये कार्बन को सोखते हैं, लेकिन इनकी क्षमता कम होती जा रही है।

ग्रीनहाउस से नुकसान

ग्रीनहाउस से नुकसान

शोधकर्ताओं ने आगे लिखा कि अब तक हमने जो 2,400 गीगाटन ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन किया है, उनमें से लगभग सभी अतिरिक्त गर्मी हमारे महासागरों में चली गई। इसका मतलब है कि समुद्र के जंगल बहुत कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी कनाडा और कैलिफोर्निया से हाल ही में समुद्र के जंगलों के बड़े विस्तार गायब हो गए। ऐसे में अब वो कार्बन सही से नहीं सोख पा रहे। अगर इन जंगलों को ज्यादा नुकसान पहुंचा, तो समुद्री जीव भी खतरे में आ जाएंगे।

क्या है घास का काम?

क्या है घास का काम?

जांच करने पर पता चला कि इन जंगलों में समुद्री घास और बांस पाए जाते हैं। इन घास का काम पानी के अंदर ऑक्सीजन, कार्बन डाईकऑक्साइड समेत अन्य गैसे का संतुलन बनाए रखना है। वहीं जो बांस पाए जाते हैं, वो जमीन पर मिलने वाले बांस की तरह रहते हैं। हालांकि उनके तनों में ज्यादा मजबूती होती है, जिस वजह से वो तेज लहरों में भी सतह पर टिके रहते हैं।

कैसे तैयार हुआ मैप?

कैसे तैयार हुआ मैप?

वैसे तो जंगलों की मैपिंग सैटेलाइट से की जाती है, लेकिन अभी पानी के अंदर मैपिंग करने की ज्यादा तकनीकी मौजूद नहीं है, ऐसे में काफी डेटा खंगालने के बाद इनका मैप तैयार हो पाया है। अभी तक की रिसर्च के मुताबिक पूरी दुनिया में 60 से 72 लाख वर्ग किलोमीटर समुद्री जंगल मौजूद है। ये जमीन पर स्थित सबसे बड़े जंगल अमेजन से भी बड़ा है। हालांकि अभी इस पर बहुत रिसर्च होनी बाकी है।

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