IMF से भीख पाकर पाकिस्तान में चार दिनों की चांदनी.. चढ़े शेयर बाजार, रुपये में उछाल.. फिच- मूडीज ने दी चेतावनी
Pakistan News: पिछले हफ्ते आईएमएफ ने पाकिस्तान को 3 अरब डॉलर का कर्ज देने का ऐलान कर दिया, जिसके बाद पाकिस्तान 'चार दिन की चांदनी' वाले फेज में आ गया है। पाकिस्तानी शेयर बाजार में उछाल आ गया है, तो पाकिस्तानी रुपया भी अचानक डॉलर के मुकाबले अच्छा करने लगा है। वहीं, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इतने उत्साहित हुए, कि उन्होंने ये तक कह दिया, कि 'खुदा करे, ये आखिरी आईएमएफ लोन हो।'
लेकिन, अंतर्राष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियां फिच और मूडीज़ का मानना है, कि पाकिस्तान में चार दिनों की चांदनी के बाद फिर से अंधेरी रात हो जाएगी। फिच रेटिंग्स और मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने सोमवार को पाकिस्तान की वित्तीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरों की चेतावनी दी है, बावजूद इसके, कि देश को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से 3 अरब डॉलर की बहुत जरूरी ऋण मिल गया है।

फिच और मूडी की चेतावनी
पाकिस्तान ने आईएमएफ के साथ 3 अरब डॉलर का नया ऋण समझौता किया है, जिसके तहत अगले 9 महीनों में आईएमएफ से पाकिस्तान को अलग अलग किश्तों में 3 अरब डॉलर का लोन मिलेगा। आईएमएफ ने पाकिस्तान को 30 जून को ऋण दिया, जिस दिन पाकिस्तान और आईएमएफ के बीच 22वें प्रोग्राम की अवधि खत्म हो रही थी।
लेकिन, एक्सपर्ट्स का कहना है, कि भले ही पाकिस्तान डिफॉल्ट होने से बच गया हो, लेकिन पाकिस्तान अपने विदेशी मुद्रा भंडार में इजाफा करने के लिए क्या करेगा? हालांकि, आईएमएफ से कर्ज मिलने के बाद अब पाकिस्तान अपने मित्र देशों, सऊदी अरब, यूएई और चीन से कर्ज लेने की अवस्था में आ गया है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है, कि ये देश जो भी पैसा देंगे, वो कर्ज ही होगा और पाकिस्तान को इस कर्ज को लौटाना ही होगा।
फिच और मूडीज़, दोनों ही एजेंसियों ने चेतावनी दी है, कि पाकिस्तान को अभी और भी कर्ज की जरूरत है और बिना भारी आर्थिक मदद के, पाकिस्तान ना तो अपना कर्ज लौटा सकता है और ना ही अपनी अर्थव्यवस्था को ही फिर से पटरी पर वापस ला सकता है। फिंच और मूडी की चेतावनी ने शहबाज सरकार की खुशियों पर पानी फेर दिया है।
25 अरब डॉलर का कर्ज है लौटाना
फिच और मूडीज़ ने पाकिस्तान को उसकी स्थिति याद दिलाते हुए, उसे भविष्य का आइना दिखाया है और कहा है, कि 2023-24 वित्तवर्ष में पाकिस्तान को 25 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज लौटाना है और पाकिस्तान ये कर्ज कैसे लौटाएगा?
फिच में APAC के सॉवरेन्स के निदेशक क्रिस्जानिस क्रस्टिन्स ने ब्लूमबर्ग को बताया, कि "पाकिस्तान को अपनी ऋण परिपक्वताओं को पूरा करने और आर्थिक सुधार के लिए आईएमएफ से ऋण के अलावा महत्वपूर्ण अतिरिक्त वित्तपोषण की आवश्यकता होगी।"
आईएमएफ के साथ प्रारंभिक समझौते को सुरक्षित करने के लिए, पाकिस्तान को टैक्स में भारी वृद्धि करनी पड़ी है और पाकिस्तान सरकार को अपने खर्च में कटौती करनी पड़ी है, वहीं सेन्ट्रल बैंक को प्राथमिक ब्याज दर को ऐतिहासिक स्तर तक बढ़ाना पड़ा है।
हालांकि, आईएमएफ से हुए शुरुआती समझौते का बाजारों ने स्वागत किया है, जिससे स्टॉक में काफी वृद्धि हुई और पाकिस्तानी रुपये की स्थिति भी सुधरी है, लेकिन पाकिस्तान के सामने दिक्कत ये है, कि क्या उसे सऊदी अरब, यूएई और चीन से नया कर्ज मिलेगा? पाकिस्तान ने इसकी उम्मीद जताई है, लेकिन इन तीनों देशों ने कर्ज देने की प्रक्रिया को अब सख्त करना शुरू कर दिया है, जिससे पाकिस्तान डरा हुआ भी है।
सिंगापुर में मूडीज़ के एक विश्लेषक ग्रेस लिम ने इस बात को लेकर भी आशंका जताई है, कि पाकिस्तान आईएमएफ से समझौते के तहत 3 अरब डॉलर का कर्ज ले पाएगा या नहीं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा, कि "यह अनिश्चित है, कि पाकिस्तान सरकार अगले 9 महीने के दौरान आईएमएफ से स्टैंब बाय व्यवस्था के तहत पूरे 3 अरब डॉलर का वित्तपोषण ले पाएगी।"
उन्होंने कहा, कि सुधारों को लगातार लागू करने की सरकार की प्रतिबद्धता की परीक्षा अक्टूबर 2023 में होने वाले चुनावों में किया जाएगा।
पाकिस्तान ने इससे पहले पिछले साल अगस्त में 1.1 बिलियन डॉलर का ऋण हासिल किया था, जिसे बाद में आईएमएफ ने रोक दिया, क्योंकि इस्लामाबाद ने कई जरूरी शर्तों को तोड़ दिया था, लिहाजा सवाल ये हैं, कि क्या इस बार पाकस्तान शर्तों पर कायम रह पाएगा, क्योंकि अगर शर्तों के साथ शहबाज शरीफ की सरकार चलती है, तो उसे चुनावी लाभ मिलना अत्यंत मुश्किल हो जाएगा और शर्तों को अगर तोड़ती है, तो फिर अब उसे दिवालिया होने से कोई नहीं बचा सकता है।
मूडीज़ के मुताबिक, पाकिस्तान के पास फिलहाल जितना विदेशी मुद्रा भंडार है, उसका सात गुना ज्यादा, यानि 25 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज चुकाना है और पाकिस्तान के लिए इस विशालकाय रकम को चुकाना, असंभव के समान है।












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