DRDO ने किया Pinaka-ER रॉकेट का कामयाब परीक्षण, इंडियन आर्मी की ताकत में और इजाफा
पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम को भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) आयुध अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान प्रयोगशाला और पुणे स्थित उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला द्वारा डिजाइन किया गया है।
पोकरण, दिसंबर 11: डीआरडीओ ने भारतीय सैन्य बल की क्षमता को और भी ज्यादा मारक बना दिया है और शुक्रवार को डीआरडीओ ने पिनाका (पिनाका-ईआर) मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम की क्षमता को और ज्यादा विस्तार देने का परीक्षण कायमाबी के साथ पूरा कर लिया है। पोखरण रेंज में डीआरडीओ ने पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के नये वेरिएंट का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है। (तस्वीरें-फाइल)

पिनाका के नये 'वेरिएंट' का परीक्षण
पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम को भारतीय रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) आयुध अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान प्रयोगशाला और पुणे स्थित उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला द्वारा डिजाइन किया गया है। भारतीय सेना पहले से ही पिनाका रॉकेट का इस्तेमाल कर रही थी, लेकिन डीआरडीओ ने अब पिनाका रॉकेट को अपग्रेड कर दिया है और इसकी क्षमता को पूरी तरह से बदल दिया गया है, यानि, अब पिनाका रॉकेट दुश्मनों के लिए काफी ज्यादा खतरनाक हो चुकी है। खासकर पाकिस्तान की रातों की नींद उड़ाने में पिनाका का ये अपग्रेड वर्जन काफी है।
डीआरडीओ ने किया डिजाइन
इस रॉकेट सिस्टम को हाई-टेक्नोलॉजी के साथ इंडियन आर्मी की वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डीआरडीओ द्वारा डिजाइन किया गया है। इससे पहले इसी साल जून में डीआरडीओ ने ओडिशा के तट पर चांदीपुर में एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) में एक मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर (एमबीआरएल) से स्वदेशी रूप से विकसित पिनाका रॉकेट और 122 मिमी कैलिबर रॉकेट के उन्नत रेंज वेरिएंट्स का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, 25 पिनाका रॉकेट को एक एक बाद एक लगातार टार्गेट को भेदने के लिए लॉन्च किया गया था और सभी के सभी रॉकेट ने अपने टार्गेट को भेदकर परीक्षण को पूरी तरह से सफल साबित कर दिया। लॉन्च के दौरान मिशन के सभी उद्देश्यों को पूरा किया गया है। रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में कहा था कि, पिनाका रॉकेट सिस्टम का उन्नत रेंज संस्करण 45 किमी तक की दूरी पर लक्ष्य को नष्ट कर सकता है।

रॉकेट की सटीकता की टेस्टिंग
समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक अधिकारी के हवाले से कहा कि, लंबी दूरी के प्रदर्शन को हासिल करने के लिए उन्नत पिनाका प्रणाली का विकास किया गया था। लक्ष्य से टकराने वाले रॉकेटों की सटीकता की जांच करने के लिए सभी उड़ानों को विभिन्न रेंज के उपकरणों द्वारा ट्रैक किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब पिनाका रॉकेट की रेंज के साथ इसकी सटीकता को काफी ज्यादा अपग्रेड कर दिया गया है।












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