आसमान से बरसी आग: 100 करोड़ समुद्री जीवों की जान ले सकती है ये भीषण गर्मी
ओटावा, 08 जुलाई। भारत समेत दुनिया के कई देश भीषण गर्मी का प्रकोप झेल रहे हैं, उत्तर-पश्चिम अमेरिका और कनाडा में तो तापमान ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दुनिया के ठंडे देशों में गिना जाने वाला कनाडा इस समय भयानक गर्मी से तप रहा है, बीते सप्ताह यहां अधिकतम तापमान 49 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर पहुंच गया था। कनाडा में रिकॉर्ड किया गया अब तक का यह सबसे अधिक तापमान है, वहीं लू के चलते स्थानीय लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

100 करोड़ समुद्री जीवों की हो सकती है मौत
कनाडा में अभूतपूर्व गर्मी के बीच अब एक और परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। तपते सूरज का प्रकोप सिर्फ इंसानों ही नहीं बल्कि समुद्री जीवों को भी झेलना पड़ रहा है। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट में विशेषज्ञ का मानना है कि भीषण गर्मी के चलते कनाडाई प्रांत ब्रिटिश कोलंबिया में सौ करोड़ (1 अरब) से भी अधिक समुद्री जीवों की मौत हो सकती है। इतनी बड़ी तादाद में समुद्री जीवों के मरने से पानी भी दूषित होगा और अस्थाई रूप से गुणवत्ता पर प्रभाव पड़ेगा।

वैज्ञानिक ने बताई परेशान करने वाली बात
सूरज की गर्मी से तपते कनाडा को लेकर यह चिंताजनक बात यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया के समुद्री जीव वैज्ञानिक क्रिस्टोफर हार्ले ने कही है। उनके मुताबिक ब्रिटिश कोलंबिया में अभूतपूर्व गर्मी के कारण 100 करोड़ से अधिक समुद्री जीवों के मरने की आशंका है। क्रिस्टोफर हार्ले ने कहा कि अब तक कई मसल्स (समुद्री जीव) भीषण गर्मी की वजह से दम तोड़ चुके हैं। क्रिस्टोफर हार्ले और उनकी प्रयोगशाला के सदस्यों का मानना है कि रिकॉर्ड तोड़ तापमान से मसल्स, क्लैम, स्टारफिश और अन्य अकशेरुकी (बिना मेरुदंड वाले) जीवों पर विनाशकारी प्रभाव पड़ा है।

ज्वार के घटने पर भीषण गर्मी झेलते हैं समुद्री जीव
विशेषज्ञ के अनुसार ज्वार के घटने पर कई तटरेखा के किनारे रहने वाले इंटरटाइडल जानवर विशेष रूप से भीषण गर्मी की चपेट में आए थे। हार्ले ने अपने एक बयान में कहा कि मसल्स तपते सूरज के नीचे खड़ी कार में छोड़े गए बच्चे की तरह हैं। ज्वार के घटने पर वे पूरी तरह से पर्यावरण की दया पर जीवित रहते हैं। कनाडा के शहर वैंकूवर में पिछले 30 दशकों में पहली बार सबसे अधिक तापमान रिकॉर्ड किया गया।

50 सेल्सियस से भी ऊपर पहुंचा तापमान
क्रिस्टोफर हार्ले का अनुमान है कि ब्रिटिश कोलंबिया के तटरेखा पर तापमान 50 सेल्सियस से भी ऊपर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि हीट वेव की वजह से सबसे अधिक गर्मी विशेष रूप से कम ज्वार वाले दिन पड़ती है। इस दौरान इंटरटाइडल समुद्री जीव घंटों पानी से बाहर खुले आसमान के नीचे रहते हैं। समुद्री विशेषज्ञ का कहना है कि भीषण गर्मी की वजह से मर चुके मसल्स से कई तट पटे पड़े हैं, उनके अवशेषों की गंध समुद्र तट पर जाने वालों लोगों को भी परेशान कर सकती है।

जॉर्जिया और वाशिंगटन में भी ऐसे ही संकेत
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक यह रिपोर्ट समुद्री जीव वैज्ञानिक क्रिस्टोफर हार्ले और उनकी टीम ने हीट वेव के दौरान इस्तेमाल होने वाले फील्ड सैंपल, टेम्परेचर लॉग्स और इंफ्रारेड कैमरों पर अपने चौंका देने वाले अनुमानों के आधार पर तैयार किया है। क्रिस्टोफर हार्ले के मुताबिक अमेरिका के जॉर्जिया और वाशिंगटन की तटों पर भी ऐसा ही देखने को मिला है, वहां बड़े पैमाने पर शेलफिश की मौत के संकेत मिले हैं।
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