‘बंदूक की नोक पर ही रूस के खिलाफ करूंगा ये काम’, Elon Musk ने यूक्रेन युद्ध पर किया बड़ा ऐलान
अमेरिका और ब्रिटेन ने अभी तक रूस को प्रतिबंधों में जकड़ दिया है, लेकिन अमेरिका और रूस का दोहरा रवैया ये है कि, कि जहां खुद का नुकसान होगा, वो काम अमेरिका और ब्रिटेन ने अभी तक नहीं किया है।
वॉशिंगटन, मार्च 05: यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच विश्व के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क बार बार सुर्खियों में आ रहे हैं। यूक्रेन को सैटेलाइट के जरिए डायरेक्ट इंटरनेट देने वाले एलन मस्क ने आरोप लगाया है, कि उनके ऊपर रूस के खिलाफ एक्शन लेने के लिए भारी दबाव बनाया जा रहा है, लेकिन वो सिर्फ बंदूक की नोक पर ही ऐसा काम करेंगे।

क्यों गुस्सा हुए एलन मस्क?
विश्व के सबसे अमीर और मशहूर कारोबारी एलन मस्क ने दावा किया है कि, उनके ऊपर कुछ देश भारी दबाव बना रहे हैं, कि रूसी न्यूज संगठनों को अपने प्लेटफॉर्म पर ब्लॉ कर दें। हालांकि, एलन मस्क ने कहा है कि, इसमें यूक्रेन शामिल नहीं है। एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्वीटर पर एक पोस्ट करते हुए साफ कर दिया है कि, वो बंदूक की नोक पर ही रूसी न्यूज चैनल्स को अपने प्लेटफॉर्म पर ब्लॉक करेंगे, क्योंकि वो आजादी के समर्थक हैं और अभिव्यक्ति की आजादी के खिलाफ वो जाने की कोशिश नहीं करेंगे।

‘प्रोपेगेंडा’ पर दिया बयान
एलन मस्क से जब कहा गया, कि रूसी न्यूज संगठन युद्ध को लेकर प्रोपेगेंडा फैला रहा हैं और इसपर आपका क्या कहना है, को फिर एलन मस्क ने कहा कि, दुनिया के सभी न्यूज आंशिक तौर पर प्रोपेगेंडा की ही हिस्सा होते हैं और कुछ ऐसे होते हैं, जो दूसरे से ज्यादा प्रोपेगेंडा फैलाते हैं, तो कुछ कम। इसके साथ ही अरबपति कारोबारी ने यूक्रेन संकट के दौरान तेल और गैस को लेकर भी अहम ऐलान किया है।
तेल वृद्धि पर बोले एलन मस्क
टेस्ला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलन मस्क ने तेल और गैस उत्पादन में तत्काल वृद्धि का भी आह्वान किया है, क्योंकि रूस की राज्य के स्वामित्व वाली कंपनियों को यूक्रेन युद्ध पर प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है। इलेक्ट्रिक वाहन और स्वच्छ ऊर्जा कंपनी टेसला के सह-संस्थापक एलन मस्क ने कहा कि, यह कदम टेस्ला को "नकारात्मक रूप से प्रभावित" करेगा, लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि स्थायी ऊर्जा समाधान रूसी तेल और गैस निर्यात के लिए तुरंत नहीं बन सकते।

गैस और तेल उत्पादन बढ़ाने की जरूरत
एलन मस्क ने ट्वीट करते हुए कहा कि, "यह कहने से नफरत है, लेकिन हमें तुरंत तेल और गैस उत्पादन बढ़ाने की जरूरत है। असाधारण समय असाधारण उपायों की मांग होती है''। उन्होंने आगे कहा कि, "जाहिर है, यह टेस्ला को नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा, लेकिन स्थायी ऊर्जा समाधान रूसी तेल और गैस निर्यात का विकल्प बनने के लिए फौरन प्रतिक्रिया नहीं दे सकते हैं।"

रूस दूसरा सबसे बड़ा तेल निर्यातक
आपको बता दें कि, सऊदी अरब के बाद दुनिया के दूसरे सबसे बड़े कच्चे तेल का निर्यातक देश रूस है और रूस पर लगे प्रतिबंधों के बाद कई आयातकों ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है, जिसके बाद कच्चे तेल की कीमत में शुक्रवार को भी वृद्धि जारी रही। कनाडा ने इस सप्ताह की शुरुआत में रूसी तेल के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया है और ब्रिटेन के विदेश मंत्री ने कहा कि, ब्रिटेन आगे जाकर रूस से तेल और गैस खरीदने पर प्रतिबंध लगाएगा।

रूस और ब्रिटेन ने अभी तक नहीं लगाए हैं प्रतिबंध
अमेरिका और ब्रिटेन ने अभी तक रूस को प्रतिबंधों में जकड़ दिया है, लेकिन अमेरिका और रूस का दोहरा रवैया ये है कि, कि जहां खुद का नुकसान होगा, वो काम अमेरिका और ब्रिटेन ने अभी तक नहीं किया है। अमेरिका और ब्रिटेन ने अभी तक रूस से तेल और गैस खरीदने पर पाबंदी नहीं लगाई है, जिसके लिए बाइडेन प्रशासन पर रिपब्लिकन पार्टी और उनकी खुद की डेमोक्रेटिक पार्टी का भारी दबाव बनाया जा रहा है। रॉयटर्स/इप्सोस के एक सर्वेक्षण से पता चलता है कि, ज्यादातर अमेरिकी नागरिक, रूसी तेल आयात पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष में हैं, लेकिन बाइडेन प्रशासन की ऐसा करने की हिम्मत नहीं हो रही है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमत पहले ही 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुका है और अगर बाइडेन तेल और गैस पर प्रतिबंध लगाते हैं, तो फिर अमेरिका में हाहाकार मचना तय है।












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