Ebola Outbreak: अस्पताल फूंका, फरार हुए इबोला के दो दर्जन मरीज, डेडबॉडीज को ठिकाने लगाने पर भड़की हिंसा
Ebola Outbreak: डेमोक्रेटिक रिपब्लिक कांगो यानी DRC में फैल रहे इबोला वायरस ने वहां की पहले से कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था को और ज्यादा संकट में डाल दिया है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अस्पतालों पर हमले हो रहे हैं और मरीज इलाज बीच में छोड़कर भाग रहे हैं। इबोला के शुरुआती मामलों वाले इतुरी प्रांत में हाल ही में ऐसी तीन बड़ी घटनाएं सामने आईं, जिनमें वीकेंड के दौरान एक ही अस्पताल से दो दर्जन से ज्यादा मरीज भाग निकले।
शवों के निपटान को लेकर भड़की हिंसा
स्थानीय लोगों द्वारा शवों के निपटान को लेकर किए जा रहे हमले, पूर्वी कांगो में 2018 से 2020 के बीच फैले भयावह इबोला प्रकोप की यादें ताजा कर रहे हैं। उस समय हालात इतने बुरे हो गए थे कि हिंसा के दौरान 25 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों की जान चली गई थी। अब एक बार फिर डर और अविश्वास की वजह से स्वास्थ्यकर्मियों और अस्पतालों को निशाना बनाया जा रहा है।

“लोग बीमारी को मानने के लिए तैयार नहीं”
मोंगबवालु जनरल रेफरल अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर Richard Lokodu ने बताया कि लोगों के बीच अभी भी बीमारी को लेकर इनकार की स्थिति है। उन्होंने कहा, “जनसंख्या में बीमारी से इनकार है। कुछ लोग संदिग्ध या पुष्टि वाले मामलों के शव अपने कब्जे में लेना चाहते हैं।” डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह की सोच संक्रमण को और तेजी से फैलाने का खतरा पैदा कर रही है।
अस्पताल में आगजनी, 18 इबोला मरीज फरार
मोंगबवालु अस्पताल में शनिवार को बड़ा हंगामा हुआ। “अज्ञात लोगों” ने मेडिकल सहायता संगठन Médecins Sans Frontières (MSF) द्वारा लगाए गए आइसोलेशन टेंट्स में आग लगा दी। इसके बाद अस्पताल में भर्ती 18 इबोला मरीज वहां से भाग निकले। डॉ. लोकोडू ने बताया कि भागे हुए मरीजों में से एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसका मतलब है कि एक पुष्ट इबोला संक्रमित व्यक्ति अब समुदाय में घूम रहा है और स्वास्थ्य अधिकारियों से बचने की कोशिश कर रहा है।
धार्मिक नेता की मौत के बाद फिर हुआ हमला
रविवार को हालात और बिगड़ गए। इबोला से मरे एक ईसाई धार्मिक नेता के रिश्तेदारों ने युवाओं को भड़काकर अस्पताल पर चार बार हमला कराया। इस अफरा-तफरी में सात और मरीज अस्पताल से भाग निकले। इसी दौरान खून बहने जैसी गंभीर स्थिति वाले एक संदिग्ध इबोला मरीज ने दूसरे हमले के समय बिस्तर से भागने की कोशिश की, लेकिन उसकी मौत हो गई। हालात को काबू में करने के लिए आखिरकार कांगो पुलिस और सेना को हस्तक्षेप करना पड़ा।
WHO ने दी बड़ी चेतावनी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक Tedros Adhanom Ghebreyesus ने चेतावनी दी है कि DRC और युगांडा में इबोला का प्रकोप अब स्वास्थ्य एजेंसियों की प्रतिक्रिया से कहीं आगे निकल चुका है। उन्होंने कहा कि अधिकारी अब “पीछा कर रहे हैं”, यानी वायरस तेजी से फैल रहा है और हालात आने वाले समय में और बिगड़ सकते हैं।
वैक्सीन की कमी और असुरक्षा बना सबसे बड़ा संकट
टेड्रोस ने यह भी बताया कि DRC के इतुरी और उत्तरी किवू प्रांतों में भारी असुरक्षा की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा इस बार फैल रहे बुंडिबुग्यो वायरस स्ट्रेन के लिए अभी तक कोई स्वीकृत वैक्सीन मौजूद नहीं है। यही वजह है कि इस प्रकोप को कंट्रोल करना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर हालात जल्द नहीं संभले, तो यह प्रकोप पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर स्वास्थ्य संकट बन सकता है।
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