Trump on Khamenei Funeral: 'चाहता तो वहीं सबको उड़ा देता', खामेनेई के जनाजे के बीच ट्रंप के खौफनाक दावा
Trump on Khamenei funeral: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने दावा किया कि अगर अमेरिका चाहता तो अंतिम संस्कार में मौजूद ईरान के बाकी शीर्ष नेताओं को "एक ही शॉट" में खत्म कर सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया क्योंकि फिर बातचीत करने के लिए कोई नहीं बचता।
उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम संस्कार में लोगों को रोते देखकर उन्हें हैरानी हुई, क्योंकि उन्हें लगता था कि ईरानी जनता खामेनेई से नाराज थी। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और ईरान के रिश्ते पहले से ही बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

ट्रंप बोले- एक शॉट में खत्म हो सकते थे ईरानी नेता
अमेरिकी मीडिया से बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि खामेनेई के अंतिम संस्कार में ईरान के कई बड़े नेता एक जगह मौजूद थे। उनके मुताबिक अमेरिका चाहे तो उन सभी को एक साथ निशाना बना सकता था। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं किया गया, क्योंकि अगर सभी शीर्ष नेता मारे जाते तो भविष्य में बातचीत और किसी समझौते की संभावना खत्म हो जाती। ट्रंप के इस बयान को ईरान के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है और इसने नई राजनीतिक बहस भी छेड़ दी है।
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अंतिम संस्कार में रोते लोगों पर भी उठाए सवाल
ट्रंप ने अंतिम संस्कार में शामिल लोगों की भावनाओं पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि ईरान के लोग अली खामेनेई से नाराज होंगे, इसलिए बड़ी संख्या में लोगों को रोते देखकर उन्हें आश्चर्य हुआ। ट्रंप ने यह भी कहा कि संभव है ये "झूठे आंसू" हों। उनके इस बयान को ईरान के आंतरिक माहौल पर सवाल उठाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। वहीं ईरान समर्थक इसे जनता का स्वाभाविक शोक बता रहे हैं।
पहले दी थी अंतिम संस्कार तक हमले न करने की मोहलत
ट्रंप इससे पहले भी कह चुके थे कि अमेरिका ने खामेनेई के अंतिम संस्कार और शोक कार्यक्रम के दौरान ईरान पर हमला नहीं करने का फैसला किया है। उनके अनुसार यह फैसला मानवीय और रणनीतिक दोनों कारणों से लिया गया था। उन्होंने संकेत दिया था कि शोक कार्यक्रम खत्म होने तक अमेरिका संयम बरतेगा। अब उसी अवधि में दिया गया उनका नया बयान यह दिखाता है कि अमेरिका सैन्य ताकत का संदेश भी देना चाहता है और बातचीत का रास्ता भी खुला रखना चाहता है।
एक सप्ताह तक चलेगा खामेनेई का अंतिम संस्कार कार्यक्रम
ईरान में अली खामेनेई के सम्मान में एक सप्ताह तक चलने वाला शोक कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसमें देश के सर्वोच्च राजनीतिक और सैन्य अधिकारी लगातार शामिल हो रहे हैं। पहले दिन कई ऐसे वरिष्ठ सैन्य कमांडर भी सार्वजनिक रूप से दिखाई दिए, जो हालिया संघर्ष के बाद से सामने नहीं आए थे। बड़ी संख्या में आम लोग भी श्रद्धांजलि देने पहुंच रहे हैं। ईरान इस कार्यक्रम के जरिए अपने राजनीतिक नेतृत्व की एकजुटता और स्थिरता का संदेश देने की कोशिश कर रहा है।
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बयान से फिर बढ़ सकता है अमेरिका-ईरान तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान पहले से तनावपूर्ण अमेरिका-ईरान संबंधों को और अधिक प्रभावित कर सकता है। एक तरफ उन्होंने बातचीत की जरूरत बताई, तो दूसरी ओर ईरान के पूरे शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने की क्षमता का दावा भी किया। ऐसे बयान दोनों देशों के बीच भरोसे को कमजोर कर सकते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि ईरान इस पर कैसी प्रतिक्रिया देता है और क्या दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत आगे बढ़ पाती है या तनाव और गहराता है।












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