Earthquake: मई 2025 बना 'भूकंप का महीना'! इन 8 देशों में धरती कांपी, ग्रीस में 6.0 तीव्रता दर्ज-सुनामी Alert
Earthquake May 2025 Timeline: मई 2025 में धरती जैसे बार-बार थरथरा रही है। हर हफ्ते कहीं न कहीं से भूकंप की खबर सामने आ रही है। खास बात यह है कि भारत इससे अछूता रहा। ताजा झटका ग्रीस के क्रेते (Earthquake in Greece) तट पर गुरुवार, 22 मई को आया, जहां 6.0 तीव्रता के भूकंप ने सुनामी का खतरा भी पैदा कर दिया है। यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (EMSC) और जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, ग्रीस में समुद्र तल से 77 किलोमीटर नीचे भूकंप का केंद्र था और अब स्थानीय व क्षेत्रीय सुनामी की संभावना का मूल्यांकन किया जा रहा है।
ग्रीस की आपातकालीन एजेंसियों ने दक्षिणी तटवर्ती इलाकों में चेतावनी जारी करते हुए नागरिकों और पर्यटकों से समुद्र तटों (Tsunami Alert) से दूर रहने की सलाह दी है। इससे पहले भी 13 मई को कासोस द्वीप के पास 6.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें सुनामी अलर्ट जारी हुआ था। आइए जानते हैं कब-कब मई में कांपी धरती और कहां-कहां?

मई 2025: भूकंपों की वैश्विक कड़ी - कब, कहां और कितनी तीव्रता?
मई महीने में सिर्फ ग्रीस ही नहीं, दुनिया के कई हिस्सों में धरती डोली है। जानिए कहां-कहां आए भूकंप-
15 मई - तुर्की (Earthquake in Turkey)
- तीव्रता: 5.0
- केंद्र: कुल्लू से 11 किमी पूर्व
- गहराई: लगभग 10 किमी
- प्रभाव: हल्के झटके, घबराहट
13 मई - ग्रीस (कासोस द्वीप) (Earthquake in Greece)
- तीव्रता: 6.1
- प्रभाव: सुनामी अलर्ट, तटीय इलाकों में सतर्कता
12 मई - पाकिस्तान (Earthquake in Pakistan)
- तीव्रता: 4.6
- बीते 15 दिनों में यह चौथा झटका
- पिछले झटके: 9 मई (4.0), 5 मई (4.2), 30 अप्रैल (4.4), 12 अप्रैल (5.8)
5 मई - ऑस्ट्रेलिया (एडिलेड हिल्स) (Earthquake in Adelaide Hills)
- तीव्रता: 2.7 तीव्रता
2 मई - अर्जेंटीना (ड्रेक पैसेज) (Earthquake in Argentina)
- तीव्रता: समुद्र में 7.4। अंटार्कटिका में 14 सेमी ऊंची सुनामी देखी गई।
16 अप्रैल - अफगानिस्तान (Earthquake in Afghanistan)
- तीव्रता: 5.6
- गहराई: 121 किमी
- प्रभाव: उत्तर भारत तक असर; दिल्ली-NCR में झटके महसूस
भूकंप और ग्रीस: कोई नया रिश्ता नहीं!
ग्रीस, यूरोप के सबसे अधिक सिस्मिक जोन में आता है। एथेंस विश्वविद्यालय की भूकंप विज्ञान प्रयोगशाला के अनुसार, 26 जनवरी से 13 फरवरी 2025 के बीच साइक्लेड्स द्वीप समूह में 18,400 से ज्यादा छोटे-बड़े भूकंप दर्ज किए गए।
क्या यह धरती का अलार्म है?
एक तरफ जहां वैज्ञानिक इसे प्लेट टेक्टॉनिक्स और भ्रंश रेखाओं की सामान्य गतिविधि बता रहे हैं, वहीं सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ इसे जलवायु परिवर्तन से जोड़ रहे हैं, तो कुछ इसे 'प्रकृति का गुस्सा' करार दे रहे हैं।
क्या मई बन चुका है 'भूकंपों का महीना'?
2025 में मई के सिर्फ 21 दिन बीते हैं और अब तक 8 बड़े भूकंप दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में दस्तक दे चुके हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह ट्रेंड सामान्य नहीं है और वैश्विक निगरानी की जरूरत है।
प्रकृति का रुख फिर से हमें चेतावनी दे रहा है - धरती के नीचे कुछ खदबदा रहा है। यह समय है गंभीरता से आपदा प्रबंधन तैयारियों की समीक्षा करने का, खासतौर पर उन देशों के लिए जो टेक्टॉनिक जोनों में बसे हैं।












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