'क्या होगा, मैं नहीं बता सकता...पहले हमारे पास मूर्ख नेतृत्व था', टैरिफ नीति पर अडिग ट्रंप का बाइडेन पर तंज
Trump Tariff Policy: क्या आपने कभी कोई सख्त फैसला लिया है, जो सबको अच्छा न लगे लेकिन सही हो? अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी कुछ ऐसा ही कर रहे हैं। जब दुनियाभर के बाजार उनकी टैरिफ (टैक्स) नीति से हिल गए हैं, तब भी ट्रंप अपने फैसले पर पूरी तरह टिके हुए हैं।
ट्रंप ने कहा, 'कभी-कभी कुछ ठीक करने के लिए दवा लेनी पड़ती है।" उनका मानना है कि अमेरिका को मजबूत बनाने के लिए कड़वे फैसले लेने जरूरी हैं। उन्होंने बाजार की गिरावट के बावजूद टैरिफ नीति से पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दिया।

टैरिफ क्या होता है?
टैरिफ यानी एक देश से आने वाले सामान पर टैक्स। ट्रंप ने कई देशों पर भारी टैक्स लगाने का ऐलान किया है, जिसमें चीन पर 34% का अतिरिक्त टैरिफ भी शामिल है। इसका असर अमेरिकी और ग्लोबल बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है।
'हमारे साथ बुरा व्यवहार हुआ है' - ट्रंप
ट्रंप का कहना है कि पिछले कई सालों में दूसरे देशों ने अमेरिका के साथ बुरा व्यवहार किया है और इसके लिए वे पूर्व राष्ट्रपति जो बाडेन के नेतृत्व को जिम्मेदार मानते हैं। उन्होंने कहा, 'हमारे पास मूर्ख नेतृत्व था, जिसने ये सब होने दिया।'
6 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान
ट्रंप के टैरिफ ऐलान के बाद अमेरिकी शेयर बाजारों से करीब 6 ट्रिलियन डॉलर की वैल्यू खत्म हो गई। ये गिरावट कोविड-19 के बाद सबसे बड़ी मानी जा रही है। लेकिन ट्रंप ने कहा, 'बाजार का क्या होगा, मैं नहीं बता सकता... लेकिन हमारा देश बहुत मजबूत है।"

ट्रंप की टीम भी साथ
ट्रंप के आर्थिक सलाहकारों ने भी साफ कर दिया है कि टैरिफ लगने वाले हैं और ट्रंप मजाक नहीं कर रहे। वाणिज्य सचिव हॉवर्ड ल्यूटनिक ने कहा कि 50 से ज्यादा देशों ने बातचीत की कोशिश की है, लेकिन इतने सालों की गड़बड़ियों को कुछ दिनों में ठीक नहीं किया जा सकता।

क्या भारत पर असर पड़ेगा?
भारत का शेयर बाजार और व्यापार अमेरिकी नीतियों से प्रभावित हो सकते हैं। अभी भारत पर किसी नए टैरिफ की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अनिश्चितता का असर जरूर पड़ेगा।












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