Trump Strait of Hormuz: होर्मुज पर ट्रंप ने कर दिया ऐसा ऐलान कि खुश हो गया चीन, अब क्या करेगा ईरान?

Donald Trump Strait of Hormuz: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज से दुनिया को चौंका दिया है। ट्रंप ने दावा किया है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को हमेशा के लिए खोलने जा रहे हैं, जिससे चीन और पूरी दुनिया को व्यापार में आसानी होगी।

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि चीन इस फैसले से बेहद खुश है और बदले में उसने ईरान को हथियार न भेजने का वादा किया है। ट्रंप का यह बयान उनके आगामी चीन दौरे से पहले आया है, जिसमें उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ दोस्ताना रिश्ते बनाने और युद्ध के बजाय शांति से काम लेने की बात कही है।

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होर्मुज स्ट्रेट और ट्रंप का वादा

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है, जहां से वैश्विक तेल का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। ट्रंप ने कहा कि वे इस रास्ते को स्थायी रूप से खोल रहे हैं ताकि भविष्य में कभी भी व्यापार न रुके। उन्होंने इसे केवल अमेरिका के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया और चीन के फायदे के लिए उठाया गया कदम बताया है। ट्रंप का मानना है कि इस रास्ते के खुलने से वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और तनाव कम होगा।

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Trump Xi Jinping meeting 2026: चीन के साथ नई दोस्ती का दावा

ट्रंप ने अपने पोस्ट में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बेहतर संबंधों की उम्मीद जताई है। उन्होंने लिखा कि जब वे कुछ हफ्तों बाद चीन जाएंगे, तो शी जिनपिंग उन्हें गले लगाकर स्वागत करेंगे। ट्रंप का कहना है कि चीन और अमेरिका मिलकर बहुत समझदारी से काम कर रहे हैं। उन्होंने सवाल भी किया कि क्या मिल-जुलकर काम करना लड़ाई-झगड़े से बेहतर नहीं है? यह बयान दिखाता है कि ट्रंप व्यापारिक रिश्तों को युद्ध से ऊपर रख रहे हैं।

ईरान को लेकर चीन की शर्त

ट्रंप के मुताबिक, इस समझौते का सबसे बड़ा हिस्सा यह है कि चीन अब ईरान को हथियार नहीं भेजेगा। ईरान लंबे समय से अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना कर रहा है और ट्रंप का दावा है कि चीन अब ईरान की सैन्य मदद न करने पर सहमत हो गया है। हालांकि, कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स जैसे सीएनएन और फाइनेंशियल टाइम्स का कहना है कि चीन और ईरान के बीच अभी भी रक्षा सहयोग चल रहा है, लेकिन ट्रंप ने इन दावों को दरकिनार करते हुए अपनी जीत बताई है।

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बातचीत के साथ युद्ध की चेतावनी

भले ही ट्रंप शांति और गले मिलने की बात कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने चीन को अपनी सैन्य ताकत का अहसास कराना भी नहीं भूला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अगर जरूरत पड़ी, तो अमेरिकी सेना लड़ने में भी दुनिया में सबसे माहिर है। उन्होंने लिखा कि अमेरिका किसी भी देश से बेहतर लड़ सकता है। यह बयान ट्रंप की उस रणनीति को दर्शाता है जिसमें वे एक हाथ में दोस्ती का प्रस्ताव और दूसरे हाथ में सैन्य शक्ति की चेतावनी रखते हैं।

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