रिपब्लिकन पार्टी का समर्थन, मग शॉट से ट्विटर पर जोरदार वापसी.. डोनाल्ड ट्रंप जेल जाएंगे या व्हाइट हाउस?
Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप ने आखिरी ट्वीट जनवरी 8, 2021 को किया था और आज जब उन्होंने जेल में खींचीं गई तस्वीर के साथ ट्विटर पर वापसी की, तो माना जा रहा है, कि उनका ये ट्वीट इतिहास में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला ट्वीट बन जाएगा।
डोनाल्ड ट्रंप की ट्वीट के साथ आ रहे अमेरिका के लोगों की प्रतिक्रिया के साथ समझा जा सकता है, कि अमेरिका में उनकी लोकप्रियता क्या है। गुरुवार शाम को, डोनाल्ड जे. ट्रम्प को अटलांटा के फुल्टन काउंटी जेल में बुक किए जाने के दौरान उनका मग शॉट लिया गया है। शेरिफ कार्यालय के रिकॉर्ड में पूर्व राष्ट्रपति को "गोरा या स्ट्रॉबेरी" बाल और "नीली" आंखों के साथ "श्वेत पुरुष' के रूप में लिस्ट किया गया है।

डोनाल्ड ट्रंप, जिन्हें इस महीने की शुरुआत में चौथी बार दोषी ठहराया गया है, वो जॉर्जिया के रीको क़ानून के तहत एक दर्जन से ज्यादा आरोपों का सामना कर रहे हैं। ये धाराएं मूल रूप से संगठित आपराधिक सिंडिकेट पर मुकदमा चलाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है और ऐसे आरोप डोनाल्ड ट्रंप पर लगाए गये हैं, लिहाजा रिपब्लिकन पार्टी और ट्रंप समर्थकों का कहना है, कि राष्ट्रपति बाइडेन बदले की राजनीति कर रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप के साथ 17 और उनके सहयोगियों को आरोपी बनाया गया है और आरोप है, कि उन्होंने कुछ अमेरिकी राज्यों में 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में मिली हार के नतीजों को पलटने की कोशिश की।
डोनाल्ड ट्रंप इसके साथ ही अमेरिकी इतिहास के पहले राष्ट्रपति बन गये हैं, जिन्होंने जेल में कुछ वक्त बिताया है और जिनका मग शॉट जारी किया गया है।
किसी उम्मीदवार का जेल जाना और मग शॉट के साथ उसका फोटो आने का मतलब है, कि ये पल किसी की भी उम्मीदवारी को खत्म कर देगा, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप चौंका रहे हैं, क्योकि उनका समर्थन और भी ज्यादा बढ़ गया है।
कई अमेरिकी लोगों के लिए डोनाल्ड ट्रंप का जेल जाना और उनका मग शॉट आना बस एक नई खबर की तरह है, यानि एक और मामले में ट्रंप की पेशी और डोनाल्ड ट्रंप को प्रताड़ित किए जाने का एक और मामला।
रिपब्लिकन नेताओं का पूरा समर्थन
बुधवार की रात को पहली रिपब्लिकन प्राथमिक बहस में जब अधिकांश उम्मीदवारों से पूछा गया, कि क्या वे ट्रम्प का समर्थन करेंगे, यदि वह नामांकन जीतते हैं और आपराधिक रूप से दोषी ठहराए जाते हैं?
तो इस दौरान सबसे पहले हाथ ऊपर उठाने वाले शख्स थे विवेक रामास्वामी। विवक रामास्वामी बहस में कहते हैं, कि 'अगर मैं राष्ट्रपति बनता हूं, तो डोनाल्ड ट्रंप को माफी दे दी जाएगी।'
वहीं, रिपब्लिकन पार्टी के बाकी उम्मीदवार निक्की हेली, सीनेटर टिम स्कॉट और नॉर्थ डकोटा के गवर्नर डौग बर्गम, सभी विवेक रामास्वामी की बातों से हां में हां मिलाया, हालांकि इसके पीछे उनकी अनिच्छा दिख रही थी।
फ़्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस एक ऐसे राजनेता की तरह सामने आए, जो हाथ उठाने से पहले अपने दोनों ओर के उम्मीदवारों को देखकर, हवा के रुख को भांपने की कोशिश की।
यहां तक कि ट्रंप के कार्यकाल के दौरान उप-राष्ट्रपति रहे माइक पेंस ने भी हाथ उठा दिया। ट्रम्प के स्थान पर संविधान को चुनने और खुद को इतिहास के सही पक्ष पर खड़े व्यक्ति के रूप में चित्रित करने के बारे में उन्होंने जो कुछ भी कहा है, उसे देखते हुए, पेंस ने दिखाया कि ट्रम्प के लिए अपने आलोचकों और प्राथमिक विरोधियों के बीच भी समर्थन जुटाना पूरी तरह से संभव है।
मतदाताओं के बीच, डोनाल्ड ट्रम्प अभी भी 2024 के रिपब्लिकन प्राथमिक चुनावों में भारी बढ़त बरकरार रखी है। और माना जा रहा है, कि डोनाल्ड ट्रप की हर पेशी के साथ उनके लिए कट्टर समर्थन और बढ़ता ही जा रहा है।

ट्रंप को क्यों करना पड़ा सरेंडर?
आपको बता दें, कि आरोप लगाए गये हैं, कि 2020 राष्ट्रपति चुनाव खत्म होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने जॉर्जिया राज्य में मिली हार के नतीजों को पलटने की कोशिश की और इसके लिए उनके खिलाफ 13 अलग अलग आरोप लगाए गये हैं।
98 पन्नों की जो चार्जशीट अदालत में पेश की गई है, उसमें लिखा गया है, कि डोनाल्ड ट्रंप ने 'आपराधिक तरीकों' से चुनाव परिणामों को पलटने की कोशिश की थी, और इसके लिए उन्होंने 'गैर-कानूनी साजिश' रची थी।
इसके अलावा, डोनाल्ड ट्रंप के ऊपर चुनावी नतीजों को लेकर झूठे दावे करने के आरोप लगाए गये हैं।
हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ऊपर लगे तमाम आरोपों से इनकार किया है। आपको बता दें, कि डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ चल रहा ये चौथा आपराधिक मामला है।
डोनाल्ड ट्रंप पर क्या आरोप लगाए गये हैं?
चार्ज शीट में डोनाल्ड ट्रंप पर के खिलाफ अमेरिका के फेडरल रैकेटियर प्रभावित और भ्रष्ट संगठन (रिको) कानून के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कानून का इस्तेमाल खतरनाक माफिया जॉन गोटी के खिलाफ किया गया था।
इस कानून के तहत डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ आपराधिक साजिश रचते हुए चुनावी नतीजों को बदलने के आरोप लगाए गये हैं।
डोनाल्ड पर लगाए गये दूसरे आरोप में कहा गया है, कि उन्होंने सरकारी अधिकारियों को चुनावी नतीजों को बदलने के लिए शपथ का उल्लंघन करने के लिए कहा था। डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ इस तरह के तीन मामले चल रहे हैं।
इसके अलावा आरोप है, कि डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ लोगों को निर्वाचन अधिकारियों की तरह तैयार किया और गुमराह करने की कोशिश की। इसके लिए उन्होंने चुनाव को प्रभावित करने के लिए गैरकानूनी साजिश रची थी।
इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप के ऊपर फर्जी दस्तावेज बनाकर जनता को धोखा देने का आरोप लगाया गया है। कहा गया है, कि उन्होंने "जॉर्जिया से 2020 के मतदाताओं के वोटों का प्रमाण पत्र" नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार करवाया था। आरोप है, कि उन्होंने इस दस्तावेज के जरिए ये दिखाने की कोशिश की थी, कि वो जॉर्जिया से जीत गये हैं।
अमेरिकी कानून के मुताबिक, अगर उन्हें अदालत दोषी ठहरा देती है और उन्हें जेल की सजा सुना दी जाती है, फिर भी वो राष्ट्रपति का चुनाव लड़ सकते हैं, लिहाजा अब सवाल ये है, कि क्या वो जेल जाएंगे या फिर व्हाइट हाउस?












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