Trump Iran threat:'अल्लाह' का नाम लेकर ट्रंप ने वो कह दिया जिससे मच गया बवाल, मुस्लिम देशों में गुस्से की आग
Donald Trump Iran Threat: मिडिल ईस्ट का रणक्षेत्र अब केवल मिसाइलों और बारूद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शब्दों की मर्यादा भी इस आग में भस्म होती दिख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईस्टर के पावन अवसर पर ईरान को 'नर्क' की राह दिखाने की जो चेतावनी दी, उसने कूटनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। लेकिन चौंकाने वाली बात केवल धमकी नहीं, बल्कि बयान में 'अल्लाह' के नाम के साथ जुड़ी उनकी तल्ख और विवादास्पद भाषा है।
धर्म और राजनीति के इस विस्फोटक मिश्रण ने दुनिया को सकते में डाल दिया है। जब वैश्विक शांति के लिए संयम की दरकार थी, तब ट्रंप के इस 'डिजिटल प्रहार' ने न केवल इस्लामिक जगत की भावनाओं को झकझोर दिया है, बल्कि खुद उनकी साख और संवैधानिक मर्यादा पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Hormuz Strait Deadline: होर्मुज स्ट्रेट पर आखिरी चेतावनी
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि वह मंगलवार रात 8 बजे तक होर्मुज स्ट्रेट (समुद्री रास्ता) को खोल दे। ट्रंप का मानना है कि ईरान व्यापारिक रास्तों को रोककर दुनिया को चुनौती दे रहा है। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि अगर ईरान ने यह समझौता नहीं माना, तो अमेरिका ऐसी सैन्य कार्रवाई करेगा जिससे ईरान को भारी तबाही झेलनी पड़ेगी। इस डेडलाइन ने मिडिल ईस्ट में एक नए युद्ध की आशंका को जन्म दे दिया है।
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'अल्लाह' के नाम पर विवादित टिप्पणी
ट्रंप के संदेश का समापन महज एक चेतावनी नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं पर किया गया एक गहरा प्रहार था। 'प्रेज टू अल्लाह' (अल्लाह की इबादत करो) लिखकर उन्होंने जिस लहजे में तंज कसा, उसने मुस्लिम जगत में आक्रोश की एक लहर पैदा कर दी है। अमेरिकी-इस्लामिक संबंध परिषद (CAIR) ने इसे केवल एक राष्ट्रपति की 'बेलगाम जुबान' नहीं, बल्कि पूरी आस्था का सार्वजनिक उपहास करार दिया है। कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान अमेरिका की दशकों पुरानी विदेश नीति के ताबूत में आखिरी कील साबित हो सकता है।
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Trump Truth Social post: घर में ही घिरे राष्ट्रपति ट्रंप
ट्रंप की इस भाषा से केवल विपक्षी ही नहीं, बल्कि उनकी अपनी रिपब्लिकन पार्टी के नेता भी हैरान हैं। पूर्व सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीन ने ट्रंप को 'पागल' करार देते हुए कहा कि ईस्टर के दिन ऐसी नफरत भरी बातें करना ईसाई मूल्यों के खिलाफ है। अमेरिकी नेताओं का मानना है कि ट्रंप का यह व्यवहार देश की छवि को नुकसान पहुँचा रहा है। संसद में भी इस बात को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है कि क्या ऐसे आक्रामक व्यक्ति को पद पर रहना चाहिए।
Middle East War update Hindi: क्या खतरे में है राष्ट्रपति की कुर्सी?
दुनियाभर में मचे बवाल और अमेरिका के भीतर बढ़ते विरोध के बाद अब ट्रंप की कुर्सी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के जानकारों के अनुसार, अगर ट्रंप की धमकियों के कारण युद्ध और भड़कता है, तो उनके खिलाफ महाभियोग या संवैधानिक कार्रवाई की मांग तेज हो सकती है। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजर मंगलवार रात की उस डेडलाइन पर टिकी है, जो मिडिल ईस्ट का भविष्य तय करेगी।












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