ममता को एक और तगड़ा झटका, सुष्मिता देव ने TMC छोड़ी, राज्यसभा से दिया इस्तीफा, क्या BJP में होंगी शामिल?
Sushmita Dev Resigns As Rajya Sabha: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बुधवार को एक और बड़ा झटका लगा। पार्टी की राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने न केवल टीएमसी से इस्तीफा दे दिया, बल्कि राज्यसभा की सदस्यता भी छोड़ दी। खास बात यह है कि एक हफ्ते के भीतर पार्टी छोड़ने वाली वह दूसरी सांसद हैं। इससे पहले सुखेंदु शेखर रे भी पार्टी से नाता तोड़ चुके हैं।
राज्यसभा अध्यक्ष को सौंपा इस्तीफा
सूत्रों के मुताबिक, सुष्मिता देव ने बुधवार दोपहर उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया। उनके इस फैसले ने टीएमसी नेतृत्व को हैरान कर दिया है और पार्टी के भीतर चल रही उठापटक को और उजागर कर दिया है।

क्या बीजेपी में होंगी शामिल?
सियासी गलियारों में चर्चा है कि सुष्मिता देव जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का दामन थाम सकती हैं। सूत्रों का दावा है कि उन्होंने अंतिम फैसला लेने से पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात भी की थी। खबर यह भी है कि बीजेपी में शामिल होने के बाद उन्हें फिर से राज्यसभा भेजा जा सकता है।
ममता बनर्जी से मांगी माफी, फिर लिया बड़ा फैसला
सूत्रों के अनुसार, इस्तीफा देने से पहले सुष्मिता देव ने टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी से बातचीत कर उनसे माफी भी मांगी। बताया जा रहा है कि उन्हें लग रहा था कि असम की राजनीति में अब न तो कांग्रेस और न ही टीएमसी के जरिए प्रभावी भूमिका निभाई जा सकती है। इसी वजह से उन्होंने नया राजनीतिक रास्ता चुनने का फैसला किया।
बागी सांसदों का दावा- 20 सांसद NDA के साथ
टीएमसी के लिए मुश्किलें यहीं खत्म नहीं हो रही हैं। बागी सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने दावा किया है कि पार्टी के करीब 20 सांसद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ जाने के पक्ष में हैं। उनका कहना है कि इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र भी सौंपा गया है। इस दावे ने टीएमसी के भीतर गहराते संकट को और चर्चा में ला दिया है।
दिल्ली में भी दिखा संकट का असर
पार्टी के भीतर जारी खींचतान का असर दिल्ली में भी देखने को मिला। टीएमसी सांसद पार्थ भौमिक ने पार्टी के संचालन केंद्र के तौर पर इस्तेमाल हो रहे सरकारी बंगले को खाली कर दिया। सूत्रों का कहना है कि उन्होंने खुद इस आवास से हटाए जाने का अनुरोध किया था। इस कदम को भी पार्टी में बढ़ती असहजता का संकेत माना जा रहा है।
टीएमसी नेतृत्व का पलटवार
बागी नेताओं के आरोपों और दावों पर टीएमसी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी ने साफ कहा कि जो नेता पार्टी से खुश नहीं हैं, उन्हें पद पर बने रहने के बजाय इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी को पार्टी की नीतियों से गंभीर आपत्ति है, तो नैतिकता का तकाजा यही है कि वह संगठन छोड़ दे।
गहराता जा रहा है टीएमसी का संकट
सुष्मिता देव के इस्तीफे ने साफ संकेत दे दिया है कि टीएमसी के भीतर असंतोष की आग अभी शांत नहीं हुई है। एक के बाद एक नेताओं के बगावती तेवर और एनडीए के साथ जाने की चर्चाओं ने ममता बनर्जी की पार्टी के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है। आने वाले दिनों में यह सियासी संकट किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।












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