डोनाल्ड ट्रंप ने विदेशी कारों पर लगाया 25 प्रतिशत टैरिफ, हिल गई ऑटो इंडस्ट्री
Imported cars 25 percent tariff: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 26 मार्च 2025 को ऐसा फैसला किया जिसने ऑटोमोटिव इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया है। ट्रंप ने अमेरिका में सभी विदेशी वाहनों और विदेशी निर्मित ऑटो पार्ट्स पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप की घोषणा के बाद शेयर बाजार में बड़ा तूफान आ गया है। अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रमुख ऑटो कंपनियों के शेयर की कीमतों में भारी गिरावट आई है।
जनरल मोटर्स ने आफ्टर-मार्केट ट्रेडिंग में 8% की गिरावट देखी, जबकि क्रिसलर की मूल कंपनी फोर्ड और स्टेलेंटिस ने 4.5% की कमी दर्ज की गई। ट्रंप के निर्णय का असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा और टोयोटा मोटर, होंडा मोटर और हुंडई मोटर जैसी ऑटोमोटिव दिग्गज कंपनियों के शेयरों में लगभग 3% की गिरावट देखी गई।

इतना ही नहीं टेस्ला के शेयरों में 1.3% की गिरावट आई। टेस्ला के शेयर, जो अमेरिका में बेची जाने वाली सभी कारों को स्थानीय रूप से बनाती है, लेकिन कुछ आयातित भागों के साथ, 1.3% नीचे थे।
हालांकि ट्रम्प ने कहा कि बुधवार को घोषित duty नेट न्यूट्रल होगी जो टेस्ला के लिए भी अच्छे हो सकते हैं। हालांकि ट्रंप ने स्पष्ठ किया कि टेस्ला कंपनी के सीईओ एलन मस्क जो उनके करीबी दोस्त हैं, उन्होंने उन्हें ऑटोमोबाइल पर टैरिफ के संबंध में सलाह नहीं दी है।
क्या बढ़ जाएंगे कारों के दाम?
ग्लोबलडाटा के अनुसार 2024 में अमेरिका में बेची गई सभी कारों में से लगभग आधी आयातित कारों के कारण ऑटोमोटिव क्षेत्र में संभावित उथल-पुथल रही। ट्रंप द्वारा विदेशी वाहनों पर टैरिफ लाएगा जाने से प्रोडक्शन और बिक्री पर असर पड़ने की संभावना है। वाहनों की लागत में वृद्धि होगी और वाहनों के दाम बढ़ेगे जिससे कस्मर्स पर भी असर पड़ेगा। इतना ही नहीं संयुक्त राज्य अमेरिका के भीतर विनिर्माण नौकरियों में कमी आएगी।
25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का क्या होगा असर?
प्रमुख विदेशी वाहन निर्माताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले ऑटोस ड्राइव अमेरिका ने भी ये ही तर्क दिया। उसके अनुसार ये टैरिफ अमेरिकी बाजार में कारों की सामर्थ्य और उपलब्धता को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करेंगे, जिससे ऑटो इंडस्ट्री और रोजगार को नुकसान होगा।
ट्रप ने क्यों लागू किया ये टैरिफ?
डोनाल्ड ट्रंप के बयान के मुताबिक, 25 प्रतिशत टैरिफ के जरिए अमेरिकी अर्थव्यवस्था में ग्रोथ को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है। व्हाइट हाउस का मानना है कि इस टैरिफ से हर साल 100 बिलियन डॉलर का राजस्व प्राप्त होगा।
ट्रंप के अनुसार टैरिफ के माध्यम से अमेरिका में अधिक कारखाने स्थापित होंगे और वर्तमान में काम कर रही सप्लाई चेन को बेहतर बनाया जा सकेगा। उनका मानना है कि इससे अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में ऑटो पार्ट्स और पूरी गाड़ियों के निर्माण में मदद मिलेगी, जिससे घरेलू उत्पादन में वृद्धि होगी।
क्या इसे लागू करना होगा आसान?
हालांकि, यह योजना लागू करना आसान नहीं होगा। अमेरिकी ऑटोमोबाइल कंपनियां विभिन्न देशों से कंपोनेंट्स आयात करती हैं, और इस टैरिफ में वृद्धि के कारण उनकी उत्पादन लागत बढ़ सकती है, जिससे उनके लिए अधिक मूल्य चुकाना पड़ेगा। इसका परिणाम यह हो सकता है कि इन कंपनियों की बिक्री कम हो सकती है।Donald Trump ने इंपोर्टेड कारों पर लगाया 25 फीसदी टैरिफ, जानिए क्या होगा इसका असर?












Click it and Unblock the Notifications