Dhaka F-7 Jet Crash: 'जले चेहरे-चारों ओर बिखरी लाशें, बैग में ठूंसी गईं', टीचर की आंखों से 19 मौतों की तस्वीर!
Dhaka F7 Jet Crash Tragedy: बांग्लादेश की राजधानी ढाका के उत्तरा इलाके में 21 जुलाई 2025 को दोपहर 1 बजकर 6 मिनट (स्थानीय समय) पर एयर फोर्स का F‑7 BGI ट्रेनिंग जेट कुरमीटोला एयरबेस से उड़ान भरने के बाद तकनीकी खराबी के कारण धाका के उत्तरा इलाके में मिलस्टोन स्कूल और कॉलेज परिसर में जा गिरा, जिससे कम से कम 19 लोगों की जान चली गई और 160 से ज्यादा घायल हो गए।
स्कूल के एक शिक्षक ने इस खौफनाक मंजर को बयां करते हुए कहा, 'मलबे से एक के बाद एक शव निकाले जा रहे थे, उन्हें बॉडी बैग में ठूंसा जा रहा था, चारों तरफ शवों का ढेर और चीखें थीं।' आंसुओं और दर्द से भरी यह कहानी ढाका की सबसे घातक विमानन त्रासदी बन गई। आइए, जानते हैं चश्मदीदों की जुबानी उस भयावह पल को...

कैसे हुआ हादसा?
21 जुलाई 2025 को दोपहर 1:06 बजे (भारतीय समयानुसार 12:36 बजे), बांग्लादेश वायु सेना का F-7 BGI जेट, जो चीन निर्मित मिग-21 का उन्नत संस्करण है, नियमित प्रशिक्षण उड़ान के लिए ढाका के कुरमिटोला बेस से उड़ा। लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद, करीब 1:18 बजे, यह जेट उत्तरा के डायबारी इलाके में माइलस्टोन स्कूल और कॉलेज की दो मंजिला इमारत के सामने वाले हिस्से और गेट के पास क्रैश हो गया। उस समय स्कूल में कक्षाएं चल रही थीं, कुछ बच्चे परीक्षा दे रहे थे, तो कुछ कैंटीन में लंचटाइम मना रहे थे। विमान के गिरते ही जोरदार धमाका हुआ, और आग की लपटों ने पूरे परिसर को घेर लिया। घना काला धुआं आसमान में छा गया, और चीख-पुकार से माहौल मातम में डूब गया।
अग्निशमन सेवा और नागरिक सुरक्षा के महानिदेशक ब्रिगेडियर जनरल मुहम्मद जाहेद कमाल ने बताया, 'हादसे के बाद 19 शव बरामद किए गए, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे। बचाव अभियान अभी जारी है।' सेना, पुलिस, और अग्निशमन कर्मियों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किए, लेकिन एम्बुलेंस की कमी के कारण घायलों को रिक्शा वैन और अन्य वाहनों से अस्पताल ले जाना पड़ा।
घनी आबादी से दूर लेकर गया जेट, क्रैश
विमान को फ्लाइट लेफ्टिनेंट मोहम्मद तौकीर इस्लाम सागर उड़ा रहे थे, जो 35 स्क्वाड्रन, 76 BAF कोर्स से थे। डेली स्टार के अनुसार, तौकीर ने उस दिन पहले एक डुअल फ्लाइट पूरी की थी और यह उनकी पहली एकल उड़ान थी। हादसे से पहले उन्होंने विमान को घनी आबादी वाले इलाके से दूर ले जाने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण विमान स्कूल परिसर में जा गिरा।
सैन्य प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल सामी उद दौला चौधरी ने कहा, 'पायलट ने आखिरी पल तक विमान को आबादी से दूर ले जाने की बहादुरी दिखाई, लेकिन वह इसे स्कूल परिसर से बचा नहीं सका।' F-7 BGI, चेंगदू J-7/F-7 विमान परिवार का सबसे उन्नत संस्करण है, जिसे बांग्लादेश ने 2013 में शामिल किया था।
'मलबे से निकल रहीं लाशें, चारों ओर मातम'
हादसे के चश्मदीदों ने दिल दहलाने वाले दृश्य बयां किए। माइलस्टोन स्कूल के एक शिक्षक, जिन्होंने नाम न छापने की शर्त पर बात की, ने बताया, 'विमान अचानक सामने की इमारत से टकराया। धमाका इतना जोरदार था कि लगा जैसे भूकंप आ गया। मैंने देखा, मलबे से एक के बाद एक शव निकाले जा रहे थे। सुरक्षाकर्मी उन्हें बॉडी बैग में डालकर ले जा रहे थे। चारों तरफ शवों का ढेर और चीखें थीं।' इस इमारत में पहली से सातवीं कक्षा के बच्चे पढ़ते थे।
एक अन्य शिक्षक, मसूद तारिक, ने रॉयटर्स को बताया, 'मैं अपने बच्चों को लेने गेट पर गया था, तभी पीछे से कुछ आता हुआ महसूस हुआ। अचानक एक जोरदार धमाका हुआ। जब मैंने पीछे देखा, तो सिर्फ आग और धुआं था।' 18 वर्षीय छात्र शफीउर रहमान शफी ने AFP को बताया, 'हम सीनियर्स के खेल के मैदान पर थे। अचानक एक विमान जूनियर मैदान की ओर गिरा। धमाके से ऐसा लगा जैसे जमीन हिल गई।'
16 साल की छात्रा रफीका ताहा, जो उस समय स्कूल में नहीं थी, ने AP को फोन पर कहा, 'टीवी पर वीडियो देखकर मैं डर गई। यह मेरा स्कूल है, जहां 2,000 बच्चे पढ़ते हैं।' सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखा कि मलबे में आग की लपटें उठ रही थीं, और बच्चे दहशत में भाग रहे थे।
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