US Iran War को लेकर भारत ने कसी कमर, राजनाथ सिंह ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग, CDS समेत तीनों सेनाओं के चीफ पहुंचे
US Iran War: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को पश्चिम एशिया में चल रही स्थिति को लेकर एक उच्च-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को 25 दिन पूरे हो चुके हैं। इस अहम बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान, तीनों सेनाओं के प्रमुख और DRDO के अध्यक्ष डॉ. समीर कामत सहित कई वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में भारत की रक्षा तैयारियों की समीक्षा की गई और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर गहराई से चर्चा हुई।
पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय
इससे पहले 21 मार्च को उत्तराखंड में राजनाथ सिंह ने साफ कहा था कि भारत पश्चिम एशिया के मुद्दे को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि इस समय पूरी दुनिया कई युद्धों से गुजर रही है और यह एक संकटकाल जैसा दौर है। पश्चिम एशिया में चल रहे हमले सिर्फ भारत के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय हैं।

चौथे सप्ताह में पहुंचा युद्ध, व्यापार पर असर
पश्चिम एशिया का यह संघर्ष अब चौथे सप्ताह में पहुंच चुका है। इसका असर वैश्विक व्यापार पर भी साफ दिख रहा है, खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए होने वाले व्यापार पर। इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते के प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बाधाएं आ रही हैं।
लोकसभा में पीएम मोदी ने दी जानकारी
वहीं बीते दिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में इस पूरे मामले पर देश को जानकारी दी। उन्होंने पश्चिम एशिया के ताजा हालात और उसके भारत पर पड़ने वाले असर के बारे में विस्तार से बताया। मोदी ने इस स्थिति को "चिंताजनक" बताया और कहा कि यह संघर्ष कई तरह की चुनौतियां पैदा कर रहा है।
तेल और गैस सप्लाई पर खतरा
मोदी ने खास तौर पर इस बात पर ध्यान दिलाया कि भारत की कच्चे तेल और गैस की बड़ी जरूरत पश्चिम एशिया से पूरी होती है। ऐसे में वहां का संकट भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सीधे प्रभावित कर सकता है।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।












Click it and Unblock the Notifications