Rishi Sunak: लेबर पार्टी की लहर में कंजर्वेटिव पार्टी तबाह, अब क्या होगा ऋषि सुनक का भविष्य?
UK General Election 2024 Result: आधिकारिक नतीजों से पता चलता है, कि ब्रिटेन की लेबर पार्टी एक दशक से ज्यादा समय तक विपक्ष में रहने के बाद ऐतिहासिक जीत हासिल करते हुए सत्ता पर हासिल कर लिया है। ब्रिटेन के मतदाताओं ने 650 सीटों वाली संसद में लेबर पार्टी को 400 से ज्यादा सीटें देकर नई सरकार से अपनी उम्मीदे जता दी हैं।
और कीर स्टारमर, जो ऋषि सुनक की जगह यूनाइटेड किंगडम के अगले प्रधानमंत्री बनने वाले हैं, अब उनपर देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने और इकोनॉमी को स्थिर करके देश की निराश जनता को फिर से मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी।

ब्रिटिश राजनीति की क्रूर कोरियोग्राफी में, कीर स्टारमर वोटों की गिनती के कुछ घंटों बाद 10 डाउनिंग स्ट्रीट में अपना कार्यभार संभाल लेंगे, जबकि कंजर्वेटिव नेता ऋषि सुनक को पीएम आवास छोड़ना होगा। समर्थकों को दिए गए भाषण में स्टारमर ने स्वीकार किया, कि "इस तरह का जनादेश एक बड़ी ज़िम्मेदारी के साथ आता है।" उन्होंने कहा, कि लोगों का विश्वास फिर से हासिल करने की लड़ाई "वह लड़ाई है जो हमारे युग को परिभाषित करती है।"
ऋषि सुनक के भविष्य का क्या होगा?
हालांकि, ऋषि सुनक अपनी सीट से जीत गये हैं, लेकिन उन्होंने पार्टी की हार को स्वीकार कर लिया और उन्होंने कीर स्टारमर, जो अगले प्रधानमंत्री बनने वाले हैं, उन्हें टेलीफोन कर जीत की बधाई दी। वहीं, अब ऋषि सुनक आधिकारिक तौर पर अपना इस्तीफा सौंपेगे।
प्रधानमंत्री ऋषि सुनक राजा किंग चार्ल्स के पास जाएंगे और उनसे अनुरोध करेंगे, कि "मेरा काम हो गया।"
इसके बाद कीर स्टारमर को आधिकारिक रूप से राजा देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त करेंगे और राजा के सामने शपथ लेने के बाद वो 10 डाउनिंग स्ट्रीट प्रधानमंत्री आवास में प्रवेश करेंगे।
ब्रिटेन के राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है, कि "लेबर पार्टी के लिए ये एक अविश्वसनीय जीत है और पांच साल पहले इस बात की कल्पना किसी ने नहीं की थी।
वहीं, कंजर्वेटिव पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा, इसके लिए पार्टी में अब चुनाव होंगे और ऋषि सुनक अगर चाहेंगे, तो वो रेस में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में मिली जीत के बाद कहा, कि वह लगातार अपने क्षेत्र में (रिचमंड और नॉर्थलेर्टन) में काम करते रहेंगे। जिससे संकेत मिलता है, कि ऋषि सुनक फिलहाल राजनीति में बने रहेंगे।
जब हम इस रिपोर्ट को लिख रहे हैं, उस वक्त 10 डाउनिंग स्ट्रीट में ट्रक पहुंच चुके थे और ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री आवास को खाली किया जाने लगा था। डाउनिंग स्ट्रीट में एक सफेद वैन और ट्रक देखा गया है, जो निवर्तमान प्रधानमंत्री और चांसलर को बाहर निकलने में मदद करने के लिए पहुंचे हैं।
इस वैन पर "यूरो सेल्फ ड्राइव: वैन और ट्रक किराए पर लें" लिखा हुआ है और वो नंबर 10 के किनारे खड़ी है।
इस बीच, वैन के सामने एक बड़ा बिना ब्रांड वाला सफेद ट्रक खड़ा है जिसका पिछला दरवाजा खुला हुआ है।
वहीं, राजनीतिक एक्सपर्ट्स का कहना है, कि 2024 के लोकसभा चुनाव ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लेबर पार्टी का बहुमत 1997 में टोनी ब्लेयर की उपलब्धि के करीब पहुंच जाएगा, जो 1945 में क्लेमेंट एटली और 1983 में मार्गरेट थैचर द्वारा हासिल की गई भारी जीत से आगे निकल गया था। इस जीत की एक उल्लेखनीय विशेषता यह है कि उनका राष्ट्रीय वोट शेयर 2019 के स्तर से मुश्किल से ही आगे बढ़ा है, जो ब्रिटिश चुनावी इतिहास में किसी पार्टी के सबसे उल्लेखनीय पतन में से एक है।
कंजर्वेटिव पार्टी के राष्ट्रीय वोट में 20 अंकों की गिरावट आई है, जिसने 2015 में लिबरल डेमोक्रेट्स द्वारा स्थापित पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। कंजर्वेटिव पार्टी का वोट प्रतिशत पहली बार आधुनिक इतिहास में 30 प्रतिशत से कम होकर 23 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
ऋषि सुनक सरकार में शामिल 12 मंत्रियों को रिकॉर्ड हार का सामना करना पड़ा है और 26 सांसदों को इतने कम वोट मिले हैं, कि उनकी जमानत तक जब्त हो गई है।
लिज ट्रस, जो ऋषि सुनक से पहले 49 दिनों के लिए ब्रिटेन की प्रधानमंत्री बनी थीं और कंजर्वेटिव पार्टी में कलह मचाने वाली नेताओं में शामिल थीं, वो बुरी तरह से चुनाव हार गई हैं।
कंजर्वेटिव पार्टी का खेल किसने बिगाड़ा?
कंजर्वेटिव पार्टी की तबाही के पीछे रिफॉर्म पार्टी का बड़ा हाथ है क्योंकि रिफॉर्म ने इस बार उन्हें चुनौती देने का फैसला किया था। लेबर पार्टी को कई सीटों पर जीत सिर्फ इसलिए मिली, क्योंकि रिफॉर्म ने कंजर्वेटिव वोट में बुरी तरह से सेंधमारी की है।
रिफॉर्म पार्टी का वोट शेयर लगभग 14% है जो इसे तीसरे स्थान पर रखता है, जबकि लिबरल डेमोक्रेट्स का वोट शेयर लगभग 12% है। लेकिन रिफॉर्म ने एग्जिट पोल द्वारा पूर्वानुमानित 13 सीटों से कम प्रदर्शन किया है, जबकि लिबरल डेमोक्रेट्स ने उनसे बेहतर प्रदर्शन किया है। लिबरल डेमोक्रेट्स 71 से ज्यादा सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है। और ये आंकड़े रिफॉर्म के लिए भी एक कठोर सबक की ओर इशारा करते हैं और लिबरल डेमोक्रेट वोट की अत्यधिक दक्षता को उजागर करते हैं।












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