CICA Summit: 21वीं सदी एशिया की सदी! कजाकिस्तान के राष्ट्रपति बोले, मिलकर काम करना होगा
कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कसीम-जोमार्ट टोकायव ने गुरुवार को अस्ताना में छठे सीआईसीए शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया।
कजाकिस्तान (Kazakhstan), छठे सीआईसीए शिखर सम्मेलन (CICA Summit) की मेजबानी कर रहा है। अस्ताना (Astana) में CICA की छठी शिखर बैठक में कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कसीम-जोमार्ट टोकायव (Kassym-Jomart Tokayev) ने कहा कि 21वीं सदी में एशिया का दबदबा होना तय है। उन्होंने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए इस बात पर जो दिया कि, एशिया का भविष्य संस्कृतियों और परंपराओं के बीच संवाद को मजबूत करने की सामूहिक इच्छा पर निर्भर करता है।

21वीं सदी एशिया की सदी होगी
कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कसीम जोमार्ट ने भविष्यवाणी करते हुए कहा कि 21वीं सदी एशिया की सदी होगी। लेकिन एशिया का भविष्य स्वयं संस्कृतियों, परंपराओं को विश्व के समक्ष कैसे प्रस्तुत करेंगे, यह हमारी सामूहिक इच्छा पर निर्भर करता है। कजाकिस्तान के राष्ट्रपति ने आगे कहा कि इस साल इस शिखर सम्मेलन को आयोजित करने के पहल की 30वीं वर्षगांठ का प्रतीक है। उन्होंने आगे कहा कि इस अवधि के दौरान सीआईसीए एक बहुपक्षीय सहयोग और आधुनिक कूटनीति के अंतरराष्ट्रीय संस्थान के लिए एक बड़ा मंच बन गया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों की दिशा में स्थिरता प्राप्त हमारा उद्देश्य है। हमें उभरते हुए चुनौतियों और खतरों का भी सामना करना पड़ता है। यह एक ऐसा मंच है जहां बहुपक्षीय तंत्रों को एक नया प्रोत्साहन प्राप्त होता है। यह मंच ओपन टॉक के लिए काफी महत्वपूर्ण है।

एशिया की स्थिति पर चर्चा
इसके अलावा सीआईसीए की आगामी अध्यक्षता के लिए अपनी प्राथिमिकताओं को रेखांकित करते हुए , कजाकिस्तान के राष्ट्रपति ने शिखर बैठक में आर्थिक व्यवधान,पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की स्थिति विश्व के लिए एक बड़ा विषय है। जलवायु परिवर्तन हमें प्राकृतिक आपदाओं की तरफ ले जा रही है जो अप्रत्याशित तौर पर बेहद विनाशकारी बन गए हैं। 2021 में एशिया में प्राकृतिक आपदा से जुड़ी घटनाओं में 57 मिलियन लोग प्रभावित हुए थे।

जलवायु परिवर्तन का का विषय महत्वूपूर्ण
सीआईसीए में पर्यावरण के मुद्दों पर अस्ताना में कजाकिस्तान के राष्ट्रपति ने कहा, 'इस समस्या को दूर करने के लिए, हमें अभूतपूर्व मात्रा में निवेश की आवश्यकता है। एक महीने में, मिस्र COP27 की मेजबानी करेगा। मैं 2024 में एक उच्च-स्तरीय सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव करता हूं।' उन्होंने डीकार्बोनाइजेशन को एशिया के लिए अत्यंत जरूरी विषय बताया है।

एशिया की स्थिति खराब क्यो हैं?
राष्ट्रपति तोकायेव ने आगे कहा कि, एशिया दुनिया के दो तिहाई कृषि उत्पादों का उत्पादन करता है फिर भी इस क्षेत्र में उसकी स्थिति कमजोर बनी हुई है। इसलिए एशिया में खाद्य सुरक्षा के लिए एक वास्तविक कार्य प्रणाली की आवश्यकता है।

भारत की सीआईसीए की बैठक में उपस्थिति
बता दें कि, भारतीय विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी 12-13 अक्टूबर 2022 को कजाकिस्तान गणराज्य की आधिकारिक यात्रा पर हैं। राज्य मंत्री कजाकिस्तान के अस्ताना में आयोजित होने वाले एशिया में बातचीत और विश्वास निर्माण उपायों के सम्मेलन (सीआईसीए) की छठी शिखर बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रही हैं। सीआईसीए शिखर सम्मेलन से इतर राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी कजाकिस्तान सहित अन्य भाग लेने वाले देशों के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों और मंत्रियों के साथ कुछ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगी।












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