भारत में नेपाल के प्रधानमंत्री दहल, काठमांडू पहुंचा चीन का बड़ा नेता, जानिए ड्रैगन का क्या है प्लान?

नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में यह प्रचंड की भारत की चौथी यात्रा है। इस बार प्रधानमंत्री बनने के बाद वो पहली बार भारत आ रहे हैं। यह यात्रा नेपाल और भारत के बीच सदियों पुराने संबंधों को और मजबूत करेगी।

Chinese leader in Kathmandu

नेपाल के पीएम पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' बुधवार को चार दिवसीय दौरे पर दिल्ली पहुंच रहे हैं। इस दौरान उनकी मुलाकात राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू और पीएम नरेंद्र मोदी से होगी। नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में प्रचंड का ये चौथा भारतीय दौरा है।

ऐसे वक्त में जब नेपाली पीएम दहल चार दिनों के लिए काठमांडू से निकल रहे हैं, ठीक एक दिन पहले मंगलवार शाम को चीन के एक बड़े नेता नेपाल पहुंचे हैं।

द काठमांडु पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक सत्तारूढ़ सीपीएन (माओवादी केंद्र) के निमंत्रण पर, चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के सिचुआन प्रांत के सचिव वांग शियाओहुई मंगलवार शाम काठमांडू पहुंचे हैं।

वांग शियाओहुई पिछले साल दिसंबर में पुष्प कमल दहल सरकार के गठन के बाद काठमांडू जाने वाले वरिष्ठ सीपीसी नेताओं में शामिल हैं। शियाओहुई इससे पहले सीपीसी के पब्लिसिटी डिपार्टमेंट के उपाध्यक्ष थे, जिसे सीसीपी का प्रोपेगैंडा विभाग भी कहा जाता है।

पब्लिसिटी डिपार्टमेंट का चीन के शीर्ष नेतृत्व और राष्ट्रपति तक से करीबी संघ होता है। नेपाल के सत्तारूढ़ दल सीपीएन के महासचिव देव गुरुंग नेता ने बताया है कि चीनी नेता उनकी पार्टी की ओर से बुलाए जाने पर आए हैं।

यह स्पष्ट नहीं है कि हुई शियाओहुई के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल प्रधान मंत्री दहल से मुलाकात करेगा जो बुधवार दोपहर भारत के चार दिवसीय आधिकारिक दौरे पर जा रहे हैं।

माओवादी केंद्र के एक नेता ने कहा कि चीन अभी भी नेपाल में वामपंथी दलों के बीच एकता स्थापित कराने की संभावनाएं तलाश रहा है जो कि वांग के दौरे की एक वजह हो सकती है, लेकिन हमें असली वजह चीनी नेताओं से मिलने के बाद ही पता चलेगी।

रिपोर्ट के मुताबिक नेपाल के पूर्व स्पीकर अग्नि सपकोटा के नेतृत्व में माओवादी केंद्र का 20 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल अभी भी चीन में है और सीपीसी के वरिष्ठ नेताओं से मिल रहा है। एक यूएमएल नेता ने के मुताबिक जल्द ही सीपीएन-यूएमएल का एक प्रतिनिधिमंडल भी चीन का दौरा करेगा।

कुछ नेपाली कम्युनिस्ट नेता जो हाल ही में चीन से लौटे हैं, उन्होंने कहा कि चीन सरकार नेपाल में सत्तारूढ़ गठबंधन के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। वह कोशिश कर रही है कि नेपाल में वामपंथी पार्टियों में एकता स्थापित हो।

नेपाली कम्युनिस्ट नेताओं के बयान के मुताबिक चीन की चिंता इस बात को लेकर अधिक है कि नेपाल में भारत और अमेरिका की उपस्थिति बढ़ गई है। चीन को अंदेशा है कि इससे नेपाल-चीन द्विपक्षीय संबंधों, आर्थिक सहयोग और बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव के निष्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+