चीन और पाकिस्तान में इस मुद्दे पर बढ़ा टकराव, जिनपिंग के ‘दूत’ ने बढ़ाई शहबाज शरीफ की टेंशन
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य यांग ने कहा कि, पाकिस्तान चीन का मित्र और विश्वसनीय भाई है।
इस्लामाबाद/बीजिंग, जून 30: पाकिस्तान में चीनी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चीन और पाकिस्तान में टकराव बढ़ चुका है और शी जिनपिंग ने अपने खास दूत यांग जिएची को इस्लामाद भेजा है, जहां उन्होंने शहबाज सरकार के लिए टेंशन खड़ी कर दी है। दरअसल, चीन चाहता है, कि वो पाकिस्तान में रहने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा खुद करे, क्योंकि उसे पाकिस्तानी सेना पर विश्वास नहीं है, लेकिन पाकिस्तान को ये मंजूर नहीं है।

पाकिस्तान पहुंचे जिनपिंग के दूत
बुधवार को प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ और वरिष्ठ चीनी राजनयिक यांग जिएची, जो इस्लामाबाद की दो दिवसीय यात्रा पर हैं, उनके बीच बैठक के दौरान द्विपक्षीय संबंधों और सहयोग को मजबूत करने का वादा किया है, लेकिन पाकिस्तान में रहने वाले चीनी नागरिकों को लेकर चीन सख्त है और चीन ने कहा है, कि वो अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने सुरक्षा गार्ड्स को भेजना चाहता है, जिसपर पाकिस्तान सहमत नहीं है। यह बैठक पाकिस्तान की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था के बीच हो रही है, जिसमें चीन ने अपने सहयोगी को बहुत कम दर पर 2 बिलियन अमरीकी डालर से अधिक के रोलओवर का आश्वासन दिया है।

विश्वसनीय भाई है पाकिस्तान- चीन
चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के सदस्य यांग ने कहा कि, पाकिस्तान चीन का मित्र और विश्वसनीय भाई है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्थिति चाहे कितनी भी बदल जाए, दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और दोस्ती मजबूत बनाने की बात कही है। अपनी यात्रा के दौरान यांग ने पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी और पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष कमर जावेद बाजवा से भी मुलाकात की। चीनी दूत ने कहा कि, 'चीन ने हमेशा पड़ोसी देशों के साथ अपने संबंधों को विकसित करने में पाकिस्तान को प्राथमिकता दी है और पाकिस्तान के साथ नीति संचार और विकास रणनीति संरेखण को और मजबूत करने, पारंपरिक दोस्ती को आगे बढ़ाने, आपसी रणनीतिक विश्वास को बढ़ाने, व्यावहारिक सहयोग को गहरा करने और संयुक्त रूप से उच्च गुणवत्ता वाले चीन- पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरीडोर तैयार करने के लिए तैयार है।

नागरिकों पर हमले से परेशान चीन
पाकिस्तान में लगातार चीनी नागरिकों पर हमले हो रहे हैं, जिससे चीन काफी परेशान हैं और चूंकी पाकिस्तानी सेना उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने में नाकाम रहा है, इसीलिए चीन इसे लेकर काफी नाराज भी है। लिहाजा, चीन चाहता है, कि पाकिस्तान के अंदर जितने भी चीनी प्रोजेक्ट्स चल रहे हैं, और जिन जगहों पर चीनी नागरिक काम कर रहे हैं, उन जगहों की सुरक्षा व्यवस्था की सारी जिम्मेदारी चीन के पास हो और चीन के सुरक्षा गार्ड वहां पर तैनात रहे, लेकिन चीनी कर्ज के बोझ तले बुरी तरह से दबा पाकिस्तान चाहकर भी इसके लिए इनकार नहीं कर पा रहा है और वो सहमति भी नहीं जता रहा है, जिससे चीन खफा है। पाकिस्तान के सुरक्षा विशेषज्ञ इसे पाकिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन बता रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान के पास कोई और विकल्प भी दिखाई नहीं दे रहा है।












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