घोर आर्थिक संकट के बीच पाकिस्तान को मिली चीन से मदद, दिया 2.3 अरब डॉलर की सहायता
पाकिस्तान आज चौतरफा कर्ज में डूबा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के मुताबिक पाकिस्तान पर विदेशी कर्ज बढ़कर 90 अरब डॉलर को पार कर गया है।
इस्लामाबाद, 3 जून : चीन नकदी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान की मदद के लिए एक बार फिर आगे आया है। पाकिस्तान के वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने कहा कि चीन के बैंकों ने उनके देश को 2.3 अरब डॉलर के पुन: वित्तपोषण पर सहमति जतायी है, जिससे पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि होगी।

इस्माइल ने ट्वीट कर कहा, चीनी बैंकों द्वारा जमा लगभग 2.3 अरब अमेरिकी डॉलर के पुन: वित्तपोषण के नियम और शर्तों पर सहमति व्यक्त की गई है। उन्होंने कहा, दोनों पक्षों की ओर से कुछ नियमित अनुमोदन के बाद जल्द ही वित्तपोषण प्राप्त होने की उम्मीद है, जिससे हमारे विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि होगी। पाकिस्तान स्टेट बैंक के मुताबिक, पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार भारी दबाव में है जो छह मई को समाप्त सप्ताह के दौरान 19 करोड़ डॉलर घटकर 10.308 अरब डॉलर रह गया।
पाकिस्तान में सत्ता परिवर्तन होने के बाद भी महंगाई कम होने का नाम नहीं ले रही है। बढ़ती महंगाई ने पाकिस्तान के नागरिकों की जेब ढीली कर रखी है। इस बीच बुधवार को पाकिस्तान सरकार ने नागरिकों को बड़ा झटका दिया है। बुधवार से पाकिस्तान में घी और खाना पकाने के तेल की दरों में 208 रुपये और 213 रुपये की वृद्धि की है। यह घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब देश पिछले कई सालों से आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
घी-तेल हुआ महंगा
यूटिलिटी स्टोर्स कारपोरेशन (USC) के एक अधिकारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि खाद्य तेल और घी की कीमत 555 रुपये प्रति किलोग्राम और 605 रुपये प्रति लीटर के उच्चतम स्तर पर है। जो कि पहले 540-560 रुपये प्रति किलोग्राम थी। पाकिस्तानी अखबार डान ने यूएससी के एक अधिकारी के हवाले से बताया यूएससी ने 1 जून से घी और खाना पकाने के तेल की कीमतों में भारी उछाल की अधिसूचना जारी की थी। हालांकि, वृद्धि का कारण उल्लिखित नहीं किया गया था।
कर्ज की जाल में फंसा पाकिस्तान
पाकिस्तान आज चौतरफा कर्ज में डूबा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के मुताबिक पाकिस्तान पर विदेशी कर्ज बढ़कर 90 अरब डॉलर को पार कर गया है। जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान पर जितना कर्ज है, उसमें से केवल चीन का हिस्सा 20 फीसदी है। यानी 18 अरब डॉलर के करीब पाकिस्तान पर चीन का कर्ज है। आज की तारीख में पाकिस्तान दुनिया के 10 सबसे ज्यादा कर्ज लेने वाला देशों में शामिल है। पाकिस्तान खुद दिवालिया घोषित होने से बचने के लिए लगातार कर्ज ले रहा है। ऐसे में पाकिस्तान पर कर्ज का काला साया गहराता ही जा रहा है। ऐसे में ये बात तो साफ है कि पाकिस्तान में किसी की भी सरकार हो, उसके उपर कर्ज कम होने के बजाय बढ़ता ही जाएगा।












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