चीन की यह हरकत कहीं दुनिया के सामने नई मुश्किल ना खड़ी कर दे
दक्षिणी चीन सागर में चीन ने लॉग रेंज ड्रिल को दिया अंजाम, बोला कौन हमारे साथ है या नहीं इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता
नई दिल्ली। एक तरफ जहां चीन डोकलाम को लेकर भारत के साथ लगातार बयानबाजी कर रहा है तो दूसरी तरफ चीन की वायु सेना ने दक्षिण चीन सागर में लॉग रेंज ड्रिल को अंजाम दिया है। दक्षिणी चीन सागर में ड्रिल करके चीन ने एक बार फिर से इस क्षेत्र में उथल-पुथल को बढ़ा दिया है। इस ड्रिल के बाद चीन ने अपना रुख साफ किया है, उसने इस बात को दोहराया है कि किसी भी तरह का हस्तक्षेप या खलल उसे इस ड्रिल को करने से रोक नहीं सकता है। चीन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि वह एक और ड्रिल को अंजाम देगी। चीन के इस लॉग रेंज ड्रिल ने जापान और ताईवान को माथे पर सिकन ला दी है।

जापान ने जताई चिंता
चीन की वायुसेना ने गुरुवार को लॉग रेंज ड्रिल का अभ्यास किया, खुद चीन के रक्षा मंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की थी, हालांकि उसने यह साफ नहीं किया है कि यह ड्रिल कहां पर की गई है। लेकिन इस ड्रिल पर जापान ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि हमारी सीम के बेहद करीब लड़ाकू विमानों की उड़ान चिंता का विषय है। लेकिन जापान की इस चिंता को दरकिनार करते हुए चीन कहा कि यह एक साधारण ड्रिल थी, जिसे अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत किया गया है। ऐसा सेना की क्षमता और युद्ध के लिए तैयारियों का जायजा लेने के लिए किया जाता है।

चीन बोला हमें फर्क नहीं पड़ता
चीनी एयर फोर्स के प्रवक्ता ने कहा कि हमें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि कौन हमारे साथ है या कौन नहीं, इस ड्रिल में किसी भी तरह की बाधाएं आएं, इसका हमपर कोई असर नहीं पड़ने वाला है, हम पहले भी इस तरह की उड़ान भरते रहे हैं और आगे भी इस तरह की कई उड़ान भरते रहेंगे। वहीं इस ड्रिल के बारे में जापान की सरकार ने कहा कि चीन के छह लड़ाकू बमवर्षक विमान पूर्वी चीन सागर पर गुरुवार को उड़ान भर रहे थे जोकि पैसिफिक समुद्र और के बेहद करीब है। साथ ही जापान सरकार का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है जब चीन की वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने इस क्षेत्र में उड़ान भरी है। जापान के रक्षा मंत्री इत्सुनोरी ओनोडेरा ने कहा कि इस मसले पर हमने कूटनीतिक स्तर पर अपनी चिंता जाहिर कर दी है। पिछले कुछ महीनों में जो अभ्यास किए गए हैं वह मुख्य रूप से ताईवान के इलाके के पास किए गए हैं, जिसे चीन अपना क्षेत्र होने का दावा करता है।

चीन-ताईवान के बीच तनातनी बरकरार
वहीं इस महीने की शुरुआत में ताईवान की सेना ने कहा था कि चीन की वायुसेना की ड्रिल के बीच वह लगातार तीन दिन तक हाई अलर्ट पर थी। आपको बता दें कि चीन लगातार विवादित दक्षिण और पूर्वी चीन सागर पर अपनी गतिविधियों को बढ़ा रहा है, जिसके चलते ताईवान की सरकार की मुश्किल बढ़ गई है। चीन लगातार ताईवान को इस बात की चेतावनी देता रहा है कि अगर उसने खुद को आधिकारिक तौर पर आजाद घोषित करने की बात कही तो उसे सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। चीन ताईवान को दूसरा देश मानने से इनकार करता है। यही नहीं चीन ने कभी भी इस बात से इनकार नहीं किया है कि लोकतांत्रिक तरीके से चल रहे ताईवान को चीन के अधिपत्य में लाने के लिए सेना का इस्तेमाल नहीं करेगा।












Click it and Unblock the Notifications