Fighter Jets: अमेरिका से 12 गुना ज्यादा लड़ाकू विमान, ड्रैगन के विनाशक प्लान से सुपरपावर के कैसे निकले पसीने!
Fighter Jets: चीन जिस हिसाब से अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ा रहा है, उसने अमेरिका (US Air Force) की हालत खराब कर दी है। चीन पहले ही अपनी नौसेना की ताकत को अमेरिका से आगे ले जा चुका है और अब एक सीनियर अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने चेतावनी दी है, कि 2027 तक, पश्चिमी प्रशांत के प्रमुख क्षेत्रों में चीन के आधुनिक लड़ाकू जेट बेड़े (Fighter Jets News in Hindi) की संख्या, अमेरिकी सेना से लगभग 12 गुना ज्यादा हो जाएगी।
एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस में 412वें टेस्ट विंग के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल डग विकर्ट ने 6 जनवरी को बैक-इन-द-सैडल डे इवेंट के दौरान, चीनी हवाई शक्ति की बढ़ती ताकत और प्रभुत्व बनाने की उसकी क्षमता को लेकर चिंता जताई है। अमेरिकी वायु सेना के जनरल ने कहा, कि जिस गति से चीन अपनी सेना का आधुनिकीकरण कर रहा है, वह "अभूतपूर्व" है। उन्होंने आगे कहा, कि जिस रफ्तार से अमेरिका अपनी वायुसेना को आधुनिक कर रहा है, उसकी तुलना में चीन की रफ्तार काफी तेज है।

यह चेतावनी 26 दिसंबर को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापक माओत्से तुंग के जन्मदिन का जश्न मनाने के लिए चीनी सेना पीएलए की तरफ से दो नए लड़ाकू विमानों को पेश किए जाने के बाद आई है, जिन्हें छठी पीढ़ी का लड़ाकू विमान बताया गया है।
लिहाजा, चीन जिस रफ्तार से अपनी वायुसेना के बेड़े को विशाल कर रहा है, उसे देखते हुए अमेरिकी एक्सपर्ट्स चिंता जता रहे हैं, कि चीन के आगे अमेरिका, समय पर फाइटर जेट्स बनाने की रेस में काफी पीछे छूट जाएगा।
फाइटर जेट की रेस में अमेरिका कैसे चीन से पीछे छूट जाएगा? (China vs America fighter jets)
ब्रिगेडियर जनरल विकर्ट ने चिंता जताते हुए कहा, कि सैन्य क्षमताओं में चीन की बढ़त, सिर्फ लड़ाकू विमानों तक ही सीमित नहीं है। बल्कि, चीन ने दो तरह के पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान बना लिए हैं, जबकि अमेरिका के पास सिर्फ एक तरह के ही पांचवी पीढ़ी के लड़ाकू विमान हैं।
वहीं, समुद्री गश्ती विमानों में भी चीन, अमेरिका से आगे निकल चुका है और बमवर्षक, एयरक्राफ्ट कैरियर, उभयचर हमलावर जहाज, आधुनिक पनडुब्बियां और बहु-युद्धक लड़ाकू जहाजों में भी वो अमेरिका से मुकाबला करने की कोशिश कर रहा है। है। उन्होंने कहा, कि चीन जिस रफ्तार से अपनी सैन्य शक्ति में इजाफा कर रहा है, उसका इस्तेमाल वो वैश्विक प्रभुत्व स्थापित करने के लिए कर रहा है। और ताइवान को डराने के लिए बार बार उसका विनाशक सैन्य अभ्यास उसी का एक उदाहरण है।

चीन की रफ्तार रोकने के लिए अमेरिका को क्या करना चाहिए? (China Fighter Jets)
अमेरिकी सैन्य अधिकारी विकर्ट ने इन खतरों का मुकाबला करने के लिए टेक्नोलॉजी और स्ट्रैटजी विकसित करने में एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने बी-21 रडार पर विशेष महत्व दिया, जिसके अमेरिकी बमवर्षक बेड़े में महत्वपूर्ण मौजूदगी है।
हालांकि चिंताजनक रुझानों के बावजूद, वायु सेना के अधिग्रहण कार्यकारी एंड्रयू हंटर, भविष्य के बारे में आशावादी बने हुए हैं। उन्होंने अमेरिका से पहले चीन के छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमान बना लेने की संभावना को स्वीकार किया, लेकिन आश्वासन दिया, कि अमेरिकी विमानों की क्वालिटी में चीन से आगे होगा।
लेकिन, दिक्कत ये है, कि चीन की रणनीति सिर्फ अपने सैन्य हार्डवेयर का विस्तार करने तक सीमित नहीं है। विकर्ट ने चीन के आक्रामक साइबर जासूसी अभियानों को लेकर भी चिंता जताई है, जिसने महत्वपूर्ण अमेरिकी बुनियादी ढांचे में घुसपैठ की है, और जो सर्विलांस के जरिए सरकारी नेटवर्क के लिए एक महत्वपूर्ण खतरा पैदा कर रहा है। माना जा रहा है, कि लगातार जासूसी और साइबर अटैक के जरिए चीन, अमेरिका से टेक्नोलॉजी की चोरी कर रहा है, जो अमेरिका की आर्थिक स्थिरता और उसकी नेशनल सिक्योरिटी को खतरे में डालता है।
रिपोर्ट्स हैं, कि चीन की जासूसी की वजह से अमेरिका को अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है और उसकी टेक्नोलॉजी में सेंधमारी की गई है। रिपोर्ट्स तो यहां तक हैं, कि रूस के मुकाबले चीन कई गुना ज्यादा रफ्तार से जासूसी करता है, जिसका मतलब ये है, कि वैश्विक प्रभुत्व हासिल करने के लिए वो हर तरह के काम कर रहा है।












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