'मसीहा' बनने चला चीन, 2026 में पृथ्वी से टकरा सकता है एस्टेरॉयड, ड्रैगन ने उठाया ये बड़ा कदम
नई दिल्ली: साल 2019 के अंत में चीन के वुहान में कोरोना वायरस मिला, जिसने पूरी दुनिया में जमकर तबाही मचाई। इस वायरस की वजह से बड़े-बड़े देशों की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई। इसके अलावा लाखों लोग मारे गए। कई रिपोर्ट्स में साफ हो चुका है कि कोरोना चीन की गलती से फैला, लेकिन चीन इस बात को मनाने को तैयार नहीं है। साथ ही अब वो दुनिया के सामने खुद को मसीहा की तरह दिखा रहा। इसके लिए वो एक बड़ा कदम भी उठाने जा रहा है। (तस्वीरें- सांकेतिक)

2026 में टकराने की आशंका
दरअसल अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने काफी पहले एक एस्टेरॉयड को ट्रैक किया था। इसकी रफ्तार और आगे बढ़ने का पथ देखकर अंदाजा लगाया गया कि ये 2026 में पृथ्वी से टकरा सकता है। अगर ऐसा हुआ तो काफी ज्यादा नुकसान होगा। वैसे तो अभी तक एस्टेरॉयड को रोकने की कोई तकनीकी विकसित नहीं हुई है, लेकिन इससे निपटने के लिए चीन बड़ा कदम उठाने जा रहा है।

CNSA खास प्रोजेक्ट पर कर रहा काम
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चाइना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (CNSA) एक खास प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है, जिसका नाम Unique Asteroid Deflection Test है। ये टेस्ट पूरी तरह से 'एस्टेरॉयड 2020 PN1' से निटपने के लिए है, जिसके 2026 में पृथ्वी से टकराने की संभावना है। CNSA के उप निदेशक वू यानहुआ ने संकेत दिया है कि मिशन जल्द ही आगे बढ़ सकता है।

व्हाइट पेपर किया था जारी
रिपोर्ट में आगे बताया गया कि चीन कुछ वक्त से इस 'ग्रह रक्षा प्रोजेक्ट' पर काम कर रहा है। इसके लिए जनवरी में व्हाइट पेपर भी जारी किया गया था। जिसमें पृथ्वी के पास अनजान चीजों से हमारे ग्रह की रक्षा की बात कही गई। वहीं हाल ही में एक 'Science and Innovation China' नाम से एक लेक्चर का आयोजन किया गया था, जिसमें चीनी रॉकेट सीरीज के चीफ डिजाइनर लॉन्ग लेहो ने टारगेट एस्टेरॉयड 2020 PN1 के बारे में डिटेल से बताया।

सबसे शक्तिशाली लॉन्चर का इस्तेमाल
चीनी मीडिया दावा कर रही है कि इस मिशन को 'लॉन्ग मार्च-2डी' कैरियर रॉकेट से लॉन्च किया जा सकता है। ये चीन का सबसे शक्तिशाली लॉन्चर है, जिसकी मदद से वो सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेज रहा है। अब बात करते हैं कि कैसे चीन एस्टेरॉयड को टकराने से रोकेगा? दरअसल एक शक्तिशाली रॉकेट को चीन एस्टेरॉयड की तरफ भेजेगा, उसकी रफ्तार और शक्ति इतनी ज्यादा होगी कि वो एस्टेरॉयड से टकरारकर उसका रास्ता बदल देगा। अभी टारगेट एस्टेरॉयड का व्यास 40 मीटर का बताया जा रहा है।

20 रॉकेट भेजने का सुझाव
चीनी शोधकर्ताओं ने पहले एक बड़े आकार के एस्टेरॉयड को दूर करने की प्रैक्टिस के लिए चीन के 20 से ज्यादा सबसे बड़े रॉकेट भेजने का सुझाव दिया था। शोधकर्ताओं ने सिमुलेशन में पाया कि 23 लॉन्ग मार्च 5 रॉकेट एक साथ टकराने से एक बड़े एस्टेरॉयड को उसके रास्ते से भटका सकता है। इस वजह से चीन अब इसी हिसाब से काम कर रहा है।












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